Saharanpur : न्यायालय ने बलात्कार के झूठे मामले में वादिया व उसके सहयोगी को माना दोषी, ओमपाल पांचाल समेत तीन दोषियों को किया न्यायालय में तलब
थाना तीतरो क्षेत्रान्तगर्त गांव धानवा निवासी महिला बस्सो के प्रार्थना पत्र पर सन 2020 में न्यायालय के आदेश पर थाना सदर बाजार में विश्वकर्मा धीमान कल्याण महासभा
सहारनपुर : सी.जे. एम.न्यायालय ने विश्वकर्मा धीमान कल्याण महासभा के चार पदाधिकारियों के खिलाफ बलात्कार का झूठा मुकदमा दर्ज कराने के मामले में आरोप लगाने वाली महिला व ओमपाल पांचाल समेत उसके दो सहयोगियों को दोषी करार देते हुए आगामी 17 अगस्त को न्यायालय में तलब किया ज्ञात रहे कि थाना तीतरो क्षेत्रान्तगर्त गांव धानवा निवासी महिला बस्सो के प्रार्थना पत्र पर सन 2020 में न्यायालय के आदेश पर थाना सदर बाजार में विश्वकर्मा धीमान कल्याण महासभा के चार पदाधिकारियों के खिलाफ धारा 328, 376 डी, 354,504,506 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। जिसमें विवेचक द्वारा माननीय न्यायालय में अपनी फाइनल रिपोर्ट पेश की गयी। जिसमें बलात्कार के आरोप बेबुनियाद साबित हो गयें थे विवेचना में पाया था कि विश्वकर्मा धीमान कल्याण महासभा के अध्यक्ष प्रकाशचंद द्वारा ओम पाल पांचाल व उसके साथीयो के खिलाफ कराये गये मामले में दबाव बनाने के लिये ही मुक़दमा कराया गया था।
जिसके चलते विवेचक ने आरोप लगाने वाली महिला बस्सो व उसके पति इरफान उर्फ फाना व उनके सहयोगी ओमपाल पांचाल विश्वकर्मा के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सहारनपुर के माननीय न्यायालय में धारा 182 आई पी.सी. के तहत वाद दायर किया था। जिसमे विद्वान न्यायाधीश ने दोनो पक्षों के अधिवक्ताओं की दलील सुनने के प्रश्चात बलात्कार का झूठा मामला दर्ज कराने के आरोप में महिला बस्सो, उसके पति इरफान उर्फ फाना व ओमपाल पांचाल विश्वकर्मा को दोषी मानते हुए व विवेचक द्वारा दिये गये प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए धारा 182 आई.पी.सी. का सम्मन जारी करते हुए आगामी 17 अगस्त को न्यायालय में तलब किया है उधर विश्वकर्मा धीमान कल्याण महासभा के पदाधिकारियों ने न्यायालय के इस फैसलें को सत्य की जीत बताया है तथा समाज में खुशी की लहर है।
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