Gorakhpur : 26वीं बटालियन पीएसी में महिला प्रशिक्षु आरक्षियों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई, प्लाटून कमांडर एवं आरटीसी प्रभारी निलंबित किया

अपर पुलिस महानिदेशक (पीएसी) ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए महिला आरक्षियों की गरिमा, निजता और कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि

Jul 23, 2025 - 23:09
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Gorakhpur : 26वीं बटालियन पीएसी में महिला प्रशिक्षु आरक्षियों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई, प्लाटून कमांडर एवं आरटीसी प्रभारी निलंबित किया
प्रतीकात्मक चित्र

गोरखपुर की 26वीं बटालियन पीएसी में प्रशिक्षण ले रही महिला आरक्षियों द्वारा उठाई गई समस्याओं को उत्तर प्रदेश शासन और पुलिस मुख्यालय ने गंभीरता से लिया। इन शिकायतों के जवाब में त्वरित और सख्त कार्रवाई की गई है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कदम उठाए गए हैं। गोरखपुर की 26वीं बटालियन पीएसी में प्रशिक्षण ले रही महिला आरक्षियों ने कुछ कर्मचारियों द्वारा अभद्र व्यवहार और सुविधाओं की कमी को लेकर हंगामा किया। उन्होंने बटालियन के मुख्य गेट पर धरना दिया और अपनी समस्याओं को सामने रखा। इन शिकायतों में बिजली और जलापूर्ति में रुकावट के साथ-साथ एक कर्मचारी द्वारा अभद्र भाषा का उपयोग शामिल था। इसके अतिरिक्त, बाथरूम में कैमरा लगाए जाने की शिकायत भी उठी, जो बाद में जांच में निराधार पाई गई।

पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई की गई। जांच में पाया गया कि कुछ अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारियों का सही ढंग से निर्वहन नहीं किया। निम्नलिखित कदम उठाए गए:

  1. संजय राय का निलंबन: प्लाटून कमांडर और आरटीसी प्रभारी संजय राय को महिला प्रशिक्षुओं की समस्याओं का समय पर समाधान न करने और अभद्र भाषा के उपयोग के लिए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

  2. आनंद कुमार पर कार्रवाई: 26वीं बटालियन के कमांडेंट आनंद कुमार को शिथिल पर्यवेक्षण और उत्तरदायित्व में लापरवाही के लिए दोषी पाया गया। पुलिस महानिदेशक ने उनके निलंबन की सिफारिश की, जिसे शासन ने स्वीकार कर लिया और उन्हें निलंबित कर दिया गया।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि तकनीकी कारणों से बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण जलापूर्ति प्रभावित हुई थी। इस समस्या का तुरंत समाधान कर लिया गया। बाथरूम में कैमरा लगाने की शिकायत की जांच की गई और इसे पूरी तरह निराधार पाया गया।

अपर पुलिस महानिदेशक (पीएसी) ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए महिला आरक्षियों की गरिमा, निजता और कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षुओं को उच्च गुणवत्ता का प्रशिक्षण, सुविधाएं और सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए विभाग पूरी तरह प्रतिबद्ध है। साथ ही, अनुशासनहीनता और सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हंगामे के बाद कमांडेंट ने महिला आरक्षियों से बात की और उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रशिक्षु बटालियन कैंपस में वापस लौटीं।

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