सिंगरौली में सनसनीखेज बैंक डकैती: दिनदहाड़े बैंक ऑफ महाराष्ट्र से 15 करोड़ का सोना और 20 लाख नकद लूटकर फरार हुए नकाबपोश बदमाश।

मध्य प्रदेश के ऊर्जांचल कहे जाने वाले सिंगरौली जिले के जिला मुख्यालय बैढ़न में शनिवार की सुबह एक ऐसी वारदात हुई जिसने प्रदेश की कानून

By INA News Desk
Apr 18, 2026 - 15:00
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सिंगरौली में सनसनीखेज बैंक डकैती: दिनदहाड़े बैंक ऑफ महाराष्ट्र से 15 करोड़ का सोना और 20 लाख नकद लूटकर फरार हुए नकाबपोश बदमाश।
सिंगरौली में सनसनीखेज बैंक डकैती: दिनदहाड़े बैंक ऑफ महाराष्ट्र से 15 करोड़ का सोना और 20 लाख नकद लूटकर फरार हुए नकाबपोश बदमाश।
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  • मध्य प्रदेश पुलिस प्रशासन में हड़कंप: मुख्यमंत्री के आदेश पर डीजीपी पहुंचे बैढ़न, चप्पे-चप्पे पर नाकेबंदी और बदमाशों की तलाश तेज।
  • फायरिंग और दहशत के बीच लूटा गया बैंक: पांच हथियारबंद अपराधियों ने फिल्मी अंदाज में दिया वारदात को अंजाम, सुरक्षा मानकों की खुली पोल।

मध्य प्रदेश के ऊर्जांचल कहे जाने वाले सिंगरौली जिले के जिला मुख्यालय बैढ़न में शनिवार की सुबह एक ऐसी वारदात हुई जिसने प्रदेश की कानून व्यवस्था को झकझोर कर रख दिया है। शहर के व्यस्ततम इलाके में स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शाखा में सुबह करीब 11:00 बजे पांच हथियारबंद नकाबपोश बदमाश अचानक दाखिल हुए। उस समय बैंक में सामान्य रूप से कामकाज चल रहा था और कई ग्राहक भी मौजूद थे। बदमाशों ने अंदर घुसते ही दहशत फैलाने के उद्देश्य से हवाई फायरिंग की, जिससे वहां मौजूद कर्मचारियों और नागरिकों में भगदड़ मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती पुलिस जांच के अनुसार, बदमाशों ने बैंक के सुरक्षा गार्ड को गनपॉइंट पर लेकर उसे निहत्था कर दिया और पूरे स्टाफ को एक कोने में बंधक बना लिया। इस पूरी घटना ने सिंगरौली जैसे संवेदनशील और औद्योगिक जिले की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। वारदात को अंजाम देने का तरीका बेहद पेशेवर और सुनियोजित प्रतीत होता है। बदमाशों ने बैंक के भीतर दाखिल होने के बाद सबसे पहले सीसीटीवी कैमरों के डीवीआर (DVR) और संचार माध्यमों को निशाना बनाने की कोशिश की। इसके बाद, उन्होंने बैंक मैनेजर और कैशियर को हथियारों के बल पर स्ट्रांग रूम खुलवाने के लिए मजबूर किया। बदमाशों ने बड़ी ही फुर्ती से लॉकरों में रखा लगभग 15 करोड़ रुपये मूल्य का सोना और काउंटर पर मौजूद 20 लाख रुपये नकद एक बड़े बैग में भर लिए। डकैती की इस पूरी प्रक्रिया में अपराधियों ने मात्र 15 से 20 मिनट का समय लिया। लूट की रकम और सोने के साथ बदमाश अपनी मोटरसाइकिलों पर सवार होकर मुख्य मार्ग से होते हुए फरार हो गए। भागते समय भी बदमाशों ने हवा में गोलियां चलाईं ताकि कोई उनका पीछा करने का साहस न कर सके।

घटना की जानकारी मिलते ही जिले के पुलिस कप्तान और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि बदमाशों ने भागने के लिए झारखंड और छत्तीसगढ़ की सीमा से सटे रास्तों का चुनाव किया है। सिंगरौली की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यहां से पड़ोसी राज्यों की सीमाएं बेहद करीब हैं, जिसका फायदा अक्सर अपराधी उठाते रहे हैं। पुलिस ने बैंक के आसपास लगे अन्य प्रतिष्ठानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं, जिसमें बदमाश हेलमेट और नकाब पहने हुए नजर आ रहे हैं। प्रारंभिक संदेह जताया जा रहा है कि यह अंतरराज्यीय गिरोह का काम हो सकता है, जिसने रेकी करने के बाद इस बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। बैंक के भीतर सुरक्षा अलार्म क्यों नहीं बजा या उसमें देरी क्यों हुई, इसकी भी तकनीकी जांच की जा रही है। मुख्यमंत्री ने इस घटना को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) को तत्काल सिंगरौली पहुंचने और जांच की कमान संभालने के निर्देश दिए हैं। शासन ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें गठित की गई हैं और पड़ोसी राज्यों की पुलिस से भी समन्वय स्थापित किया गया है। बैंक डकैती की इस बड़ी वारदात के बाद प्रदेश भर के बैंकों की सुरक्षा ऑडिट के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री के कड़े रुख के बाद डीजीपी स्वयं विशेष विमान से सिंगरौली पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने बैंक कर्मचारियों से अलग-अलग पूछताछ की और घटना के समय की परिस्थितियों को समझा। डीजीपी ने पुलिस अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की, जिसमें जिले की सीमाओं को पूरी तरह से सील करने के आदेश दिए गए। पुलिस की सात अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं, जो संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। साइबर सेल की मदद से इलाके के सक्रिय मोबाइल टावरों का डंप डेटा निकाला जा रहा है ताकि घटना के समय संदिग्ध फोन कॉल्स की पहचान की जा सके। प्रशासन ने अपराधियों की सूचना देने वाले के लिए भारी इनाम की घोषणा भी की है, जिससे जांच प्रक्रिया में आम जनता का सहयोग मिल सके।

इस वारदात ने बैंक की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को भी प्रदर्शित किया है। बैढ़न जैसे महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र में स्थित बैंक शाखा में सुरक्षा गार्ड के पास आधुनिक हथियारों का अभाव और अलार्म सिस्टम की निष्क्रियता एक बड़ा मुद्दा बनकर उभरी है। अक्सर देखा जाता है कि निजी सुरक्षा एजेंसियां केवल औपचारिकता के लिए गार्ड तैनात करती हैं, जो पेशेवर अपराधियों का मुकाबला करने में सक्षम नहीं होते। डीजीपी ने जांच के दौरान इस पहलू पर भी ध्यान दिया है कि क्या बैंक के भीतर से किसी ने मुखबिरी की थी। सोने की इतनी बड़ी मात्रा और नकदी की उपलब्धता की सटीक जानकारी होना किसी बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकता है। फिलहाल, बैंक के सभी रिकॉर्ड्स की जांच की जा रही है ताकि लूटे गए सोने की सही मात्रा और उसके मालिकों का विवरण स्पष्ट हो सके। सिंगरौली में हुई इस डकैती के बाद स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों में भारी आक्रोश और भय का माहौल है। लोगों का मानना है कि दिनदहाड़े इस तरह की घटना होना अपराधियों के बुलंद हौसलों को दर्शाता है। पुलिस ने शहर के सभी प्रमुख चौराहों पर सर्चिंग अभियान चला रखा है और हर आने-जाने वाले वाहन की बारीकी से जांच की जा रही है। पुलिस का मानना है कि अपराधी अभी भी जिले के आसपास के ग्रामीण इलाकों या जंगलों में छिपे हो सकते हैं क्योंकि सीमाएं सील होने के कारण उनका बाहर निकलना मुश्किल है। ड्रोन कैमरों की मदद से भी संदिग्ध क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है। अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत कंट्रोल रूम को दें।

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