उ.प्र. मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम: शाहाबाद में शिक्षकों को श्रीअन्न के महत्व पर प्रशिक्षण। 

Hardoi News: उ०प्र० मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम के अन्तर्गत आज विकास खण्ड स्थित बी०आर०सी० शाहाबाद पर अध्यापकों को मिलेट्स (श्रीअन्न) के महत्व....

Jul 24, 2025 - 19:34
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उ.प्र. मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम: शाहाबाद में शिक्षकों को श्रीअन्न के महत्व पर प्रशिक्षण। 
उ.प्र. मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम: शाहाबाद में शिक्षकों को श्रीअन्न के महत्व पर प्रशिक्षण। 

Hardoi News: उ०प्र० मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम के अन्तर्गत आज विकास खण्ड स्थित बी०आर०सी० शाहाबाद पर अध्यापकों को मिलेट्स (श्रीअन्न) के महत्व के बारे में जानकारी देने हेतु प्रशिक्षण का आयोजन कराया गया, जिसमें मुख्य अतिथि त्रिपुरेश मिश्रा, मा० ब्लाक प्रमुख शाहाबाद एवं सतीश कुमार, उप कृषि निदेशक, हरदोई, डा० ए०के० तिवारी, वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केन्द्र, हरदोई, आर०डी०तिवारी, सेवानिवृत्त वैज्ञानिक, गन्ना शोध संस्थान, शाहजहाँपुर, विनीत कुमार, उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी सदर, शिवम गुप्ता, ए०आर०पी०, आशुतोष पाण्डेय, वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप-ए एवं अधिक संख्या में अध्यापक उपस्थित रहे।

उक्त प्रशिक्षण में मुख्य अतिथि त्रिपुरेश मिश्रा, ब्लाक प्रमुख शाहाबाद ने अध्यापकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि श्री अन्न आवश्यक पोषक तत्वों का उत्कृष्ट स्त्रोत है, जो हमारे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक है। शिक्षकों को अपने छात्रों को श्री अन्न के महत्व के बारे में बताना चाहिए तथा दैनिक आहार में श्री अन्न को शमिल करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। सतीश कुमार पाण्डेय, उप कृषि निदेशक, हरदोई ने शिक्षकों को बताया कि भारत सरकार के प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र ने साल 2023 को अन्तरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष के रूप में घोषित किया गया है। श्री अन्न जैसे ज्वार, बाजरा, रागी, कोदो, सांवा, कुटकी, काकुन जो सदियों से भारतीय आहार का हिस्सा रहे है। ये अनाज गेहूँ और चावल की तुलना में अधिक पोषक तत्वों से मरभूर होते है और इनमें प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और खनिजों की मात्रा अधिक होती है। ये अनाज हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते है और हमे बीमारियों से बचाते है।

श्री अन्न कम पानी की आवश्यकता के साथ उगाए जा सकते है, जिससे वजन कम करने में मदद मिलती है। श्री अन्न हमारे स्वास्थ और पर्यावरण के लिए एक उपहार है। हमे इन अनाजों को अपने दैनिक आहार में शामिल करके और अपने छात्रों को इसके बारे में शिक्षित करे स्वस्थ और टिकाऊ भविष्य की और एक कदम बढ़ाना चाहिए। डा० ए०के०तिवारी अध्यक्ष वरिष्ठ वैज्ञानिक, के०वी० के० ने बताया कि भोजन में मोटे अनाजों को अधिक प्रयोग करे, क्योकि इन अनाजों में अन्य अनाजों की तुलना में प्रोटीन, वसा एवं खनिज लवण अधिक मात्रा में होते है। सभी शिक्षक अपने अभिभावकों को इस सम्बन्ध में अवगत कराकर छात्रों को मोटे अनाज खाने हेतु प्रेरित करें। आर०डी० तिवारी, सेवानिवृत्त वैज्ञानिक, गन्ना शोध संस्थान, शाहजहाँपुर ने शिक्षकों मिलेट्स (श्रीअन्न) के उत्पादों पर चर्चा की और सभी से अपील की कि वह अपने भोजन में मोटे अनाजों का समावेश अवश्य करे तथा अपने छात्रों के इसके महत्व के बारे बताये।

विनीत कुमार, उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी, सदर द्वारा ने अध्यापकों को श्री अन्न की खेती से किस प्रकार से आय में वृद्धि के बारे एवं मानव जीवन के इसके महत्व पर चर्चा की। इसी क्रम मे आज विकास खण्ड टोडरपुर, हरियावां एवं कोथावा में बी०आर०सी० पर अध्यापकों का प्रशिक्षण आयोजन किया गया, जिसमें हमारे जीवन में मिलेट्स (श्रीअन्न) का क्या महत्व के बारे में बताया गया।

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