कोटेदार की मनमानी से परेशान ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपा प्रार्थनापत्र, राशन के लिए भटक रहे बच्चे-महिलाएँ।

तहसील लहरपुर के विकास खण्ड बेहटा अंतर्गत गांजरी क्षेत्र की ग्राम पंचायत नरना पकौरी में कोटेदार की मनमानी से ग्रामीण महीनों से त्रस्त हैं...

Aug 30, 2025 - 19:44
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कोटेदार की मनमानी से परेशान ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपा प्रार्थनापत्र, राशन के लिए भटक रहे बच्चे-महिलाएँ।
कोटेदार की मनमानी से परेशान ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपा प्रार्थनापत्र, राशन के लिए भटक रहे बच्चे-महिलाएँ।

रिपोर्ट- संदीप चौरसिया 

लहरपुर/सीतापुर तहसील लहरपुर के विकास खण्ड बेहटा अंतर्गत गांजरी क्षेत्र की ग्राम पंचायत नरना पकौरी में कोटेदार की मनमानी से ग्रामीण महीनों से त्रस्त हैं। गाँव के करीब 70 आक्रोशित ग्रामीणों ने लहरपुर तहसील पहुँचकर उपजिलाधिकारी आकांक्षा गौतम को सामूहिक प्रार्थना पत्र सौंपते हुए कोटेदार जयवीर सिंह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि कोटेदार लाभार्थियों से अंगूठा लगवाकर महीनों तक राशन देने में हीलाहवाली करता है। 

हालात ऐसे हैं कि गरीब परिवारों को रोज़मर्रा का गुजारा करना मुश्किल हो गया है। कई बार ग्रामीण पड़ोसी ग्राम पंचायत के कोटेदार से गल्ला लेने को मजबूर हुए, लेकिन अब वहाँ से भी इनकार मिलने लगा। ग्रामवासियों ने बताया कि जब वे दोबारा अपने कोटेदार के पास पहुँचे तो उसने राशन कार्ड और बोरियाँ फेंक दीं और साफ कह दिया कि "गल्ला नहीं मिलेगा, जो करना है कर लो।" इस अपमान से ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा और वे महिलाएँ-बच्चों सहित तहसील पहुँच गए। महिलाओं का कहना है कि छोटे-छोटे बच्चों को लेकर महीनों से राशन की लाइन में खड़े हो रहे हैं, लेकिन हर बार खाली हाथ लौटना पड़ता है।

कई परिवारों में रसोई की आग ठंडी पड़ी है, तो बच्चों को भरपेट भोजन तक नसीब नहीं हो रहा। ग्रामीणों ने कहा – “अगर यही हाल रहा तो हम अपने बच्चों को लेकर कहाँ जाएँगे? आखिर कब तक दर-दर भटकते रहेंगे?”ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही कोटेदार के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वे सामूहिक धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। एसडीएम ने शिकायत पत्र प्राप्त कर मामले की जाँच कराने का आश्वासन दिया। ज्ञातव्य हो कि इससे पूर्व में भी बीती 19 अगस्त को ग्रामीणों द्वारा उप जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया गया था लेकिन अब तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई। शिकायत कर्ताओं में प्रमुख रूप से ग्रामीण मनोज कुमार, पंकज कुमार लवकुश कुमार, रामहेत, राजेंद्र कुमार, विनय कुमार, हरिश्चंद्र, बराती लाल, पार्वती, मुन्नू लाल गजोधर, संभारी, ज्ञानवती, श्री राम, सुरेश, श्याम बिहारी, सुनील कुमार, केशव, नत्थाराम, जुगना, मखाना देवी, डंगरू, शांति, दीपू आदि शामिल रहे।

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