Moradabad: मैनाठेर कांड में 16 दोषी करार, 27 मार्च को सजा सुनाएगी अदालत, 15 साल पुराने बहुचर्चित बवाल में डीआईजी पर हमले का मामला।
जनपद मुरादाबाद के बहुचर्चित मैनाठेर बवाल मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए 16 आरोपियों को दोषी करार दिया
मुरादाबाद। जनपद मुरादाबाद के बहुचर्चित मैनाठेर बवाल मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए 16 आरोपियों को दोषी करार दिया है। एडीजे-2 कृष्ण कुमार सिंह की अदालत ने तत्कालीन डीआईजी पर हमले सहित गंभीर धाराओं में दोष सिद्ध माना है। अब अदालत 27 मार्च को दोषियों की सजा का ऐलान करेगी।
यह घटना 6 जुलाई 2011 की है, जब थाना मैनाठेर क्षेत्र के असालतनगर बघा गांव में छेड़छाड़ के एक आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस दबिश देने गई थी। इसी दौरान आरोपी के परिजनों ने धार्मिक पुस्तक के अपमान का आरोप लगाया, जिससे माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। देखते ही देखते अफवाह ने हिंसक रूप ले लिया और उग्र भीड़ ने मुरादाबाद-संभल मार्ग को कई स्थानों पर जाम कर दिया।
भीड़ ने मैनाठेर थाने, पुलिस चौकी और पीएसी के वाहनों में आगजनी कर दी। स्थिति को नियंत्रित करने पहुंचे तत्कालीन डीआईजी अशोक कुमार सिंह और डीएम राजशेखर भी हिंसा की चपेट में आ गए। डींगरपुर तिराहे पर भीड़ को समझाने के दौरान उग्र भीड़ ने हमला बोल दिया।
बताया जाता है कि हालात बिगड़ते देख डीएम मौके से निकल गए, जबकि डीआईजी अशोक कुमार सिंह भीड़ में फंस गए। उन्मादी भीड़ ने उन पर फायरिंग कर दी और उन्हें घेरकर बुरी तरह घायल कर दिया। इस हमले में 20 से अधिक पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे।
घटना के बाद कई जिलों की पुलिस फोर्स मौके पर बुलाई गई और हालात काबू में किए गए। डीआईजी के पीआरओ रवि कुमार की तहरीर पर मैनाठेर थाने में मुख्य आरोपी कामिल समेत 19 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, जिसकी सुनवाई एडीजे-2 की अदालत में चली। सुनवाई के दौरान 3 आरोपियों—कामिल, जाकिर और नवाब की मृत्यु हो चुकी है। शेष आरोपियों में से 16 को अदालत ने दोषी ठहराया है।
इन धाराओं में दोषी करार:
आईपीसी की धारा 147, 148, 307, 427, 395, 397, धारा-7 आपराधिक विधि संशोधन अधिनियम एवं 3/4 लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम
दोषी ठहराए गए आरोपी:
मंजूर अहमद, मोहम्मद अली, हाशिम, मोहम्मद फिरोज, मोहम्मद कमरुल, मोहम्मद नाजिम, मोहम्मद मुजीफ, मोहम्मद यूनुस, मोहम्मद रिजवान, अम्बरीश, कासिम, मोहम्मद मोबीन उर्फ मोहसिन, परवेज आलम, तहजीब आलम, जाने आलम, मुजीब
अन्य तथ्य:
- कुल 19 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई थी
- 3 आरोपियों की सुनवाई के दौरान मृत्यु
- 6 नाबालिग आरोपियों का मामला अलग कोर्ट में विचाराधीन
- घटना में 20 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए थे
अब नजर 27 मार्च पर टिकी है, जब अदालत दोषियों को सजा सुनाएगी।
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