Sitapur News: राम नाम जय घोष के साथ नौवें पड़ाव नैमिषारण्य तीर्थ पहुची 84 कोसी परिक्रमा यात्रा।
परिक्रमार्थियों के प्रवासकाल के दौरान पूरे नैमिष भू:मंडल में श्री राम जय राम-जय जय राम एवं सीताराम के नाम का ही जयकारा गूंजता रहा....
रिपोर्ट:- सुरेन्द्र कुमार INA न्यूज़ नीमसार
नैमिषारण्य / सीतापुर। सत्योगिनी काल में देवराज इंद्र के प्रार्थना करने व देवलोक को असुरों से बचाने हेतु मिश्रिख तीर्थ स्थल मैं अपनी अस्थिया दान करने के लिये महर्षि दधीचि द्वारा प्रारंभ की गई 84 कोसी परिक्रमा कल अष्टम पड़ाव जरिगवां से चलकर रविवार सुबह अपने नौवें पड़ाव नैमिषारण्य पहुची। श्री राम जय राम जय जय राम के जय घोष के साथ रामादल के पून्ह: आगमन से नैमिषारण्य तीर्थ का भूमंडल भक्तिमय के सरावोर मैं डूबा दिखाई दिया । नैमिष तीर्थस्थल के वातावरण में शुभप्रभात: से जयकारों और भजन-कीर्तन ढोल नागडे के साथ साधु, संत ,महंत अपनी पालकी व रथ से तो कुछ परिक्रमार्थी , श्रद्धालु पैदल ही पहुच रहे थे । नीमसार में परिक्रमा पहुंचते ही पूरा माहौल बोल कड़ाकड़ सीताराम के जय घोष के साथ भक्ति के रस मैं डूबे दिखे श्रद्धालु । परिक्रमा सुबह 5 बजे नैमिष तीर्थस्थल पहुचते ही चारों और परिक्रमार्थियों का हुजूम श्रध्दा और आस्था मैं डूबे दिखाई दिया।
- परिक्रमा के आने से नैमिष के नगर वासी दिखे खुश
नैमिष तीर्थ में परिक्रमार्थियों के आने से नगरवासी व छोटे, बड़े दुकानदार खुश दिखाई दे रहे थे तो वही फूल माला, प्रसाद की दुकान सजी दिखाई दी इस दौरान परिक्रमार्थियों के दोवारा बनाए गए छोटे-छोटे टेंट नुमा तंबू काफी सुन्दर व आकर्षक लग रहे थे। वहीं परिक्रमा मैं आये साधु-संत अपने डेरे पर ढोल नगाड़े के साथ राम नाम भजन संकीर्तन मैं लीन दिखे। नैमिषारण्य आने के बाद परिक्रमार्थियों व साधु-संतों ने पड़ाव पर डेरा डाला तपश्चात कुछ देर आराम कर परिक्रमार्थियों ने बड़ी ही श्रद्धा सुमन से नैमिषतीर्थ स्थित आदिकाल से कलकल करती बहती हुई आदि गंगा गोमती नदी के राजघाट और चक्रतीर्थ में स्नान अदि किया। गोमती नदी में स्नान करने के बाद परिक्रमार्थियों ने नैमिष तीर्थ स्थित मां ललिता देवी मंदिर, सूत गद्दी ,व्यास गद्दी, नैमिष नाथ, हनुमान गढ़ी, दक्षिणेस्वर कालीपीठ ,देवदेवेश्वर,त्रिशक्ति धाम एवं चक्र तीर्थ कुंड स्तिथ भुतेस्वर नाथ मंदिर आदि हिन्दू धार्मिक स्थलों पर दर्शन कर पूजन-अर्चन किया।
- नैमिषारण्य स्तिथ हनुमान गढ़ी महंत के दोवारा आयोजित हुआ बाल सेवा भोग व भंडारा
इसी कड़ी मैं चौरासी कोसीय परिक्रमा के अपने नौवें पड़ाव के रूप में नैमिष पुन: आगमन पर सीताराम नाम के जयकरा के साथ नैमिष तीर्थ स्तिथ हनुमान गढ़ी के महंत बजरंग दास के दोवारा बाल भोग सेवा व विशाल भंडारे का आयोजन किया गया जिसमे आये सभी श्रद्धालुओं व परिक्रमार्थियों ने प्रसाद ग्रहण किया । नैमिष के आश्रमों एवं मठो पर परिक्रमार्थियों के द्वारा खुद अल्पाहार प्रसाद बनाने एवं कई जगहों पर भंडारों का भी दौर रविवार को सुबह से शाम तक जारी रहा। सुग्रीव टीला, बड़ी छावनी,रामानुजकोट समेत आदि कई आश्रमों पर भंडारे का दौर चलता रहा।
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इस पड़ाव पर परिक्रमार्थी रात भर रुककर करेंगे भजन कीर्तन। इस परिक्रमा यात्रा के दौरान परिक्रमार्थी व्यास गद्दी,मनु सतरूपा तपस्थान,सूत गद्दी ,ललिता देवी मंदिर,कालीपीठ, नैमिष नाथ, ब्रम्हावर्त, अयोध्या ,दशाश्वमेघ घाट, हनुमान गढ़ी,पंच पांडव, यज्ञवाराह कूप, लक्ष्मीनारायण, हंस हंसिनी, देवदेवेश्वर, सेतुबंध रामेस्वरम ,रुद्रावर्त,केदारनाथ, बद्रीनाथ,व चित्रकूट आदि बिभिन्न मंदिरों के दर्शन प्राप्त करेंगे। अगले दिन सोमवार सुबह अगले 10वें पड़ाव कोल्हुआ बरेठी व चित्रकूट होते हुए मिश्रिख तीर्थ प्रस्थान करेंगे जहाँ पंच कोसी परिक्रमा आरम्भ करेंगे ।
- परिक्रमार्थियों की सुरक्षा को लेकर नैमिषारण्य थाना पुलिस प्रशासन रहा चोकाना ।
नैमिषारण्य तीर्थ पहुची 84 कोसी परिक्रमा यात्रा के दोरान जिला प्रशासन के द्वारा परिक्रमार्थियों के रुकने के लिये रेन बसेरा का प्रबंध किया गया तीर्थ के पहला आश्रम में महंत नारायणदास, मंगलानद आश्रम महन्त संतोष दास अदि साधू संत ऋषि मुनि यात्रा मैं उपस्तिथ रहे । नैमिषारण्य थाना पुलिस प्रशासन नैमिष के छोटे,बड़े मंदिर,मठों,आश्रम आदि मुख्य जगहों एवं चोराहों पर मुस्तेद दिखी ।
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