Ballia Triple Murder Case: बलिया के चर्चित तिहरे हत्याकांड में कोर्ट का बड़ा फैसला, 3 दोषियों को उम्रकैद और जुर्माना

Ballia Triple Murder Case: बलिया की कोर्ट ने सोनवानी गांव के चर्चित तिहरे हत्याकांड और लूटकांड में तीन दोषियों को आजीवन कारावास और 1.25 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

Jul 17, 2026 - 21:26
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Ballia Triple Murder Case: बलिया के चर्चित तिहरे हत्याकांड में कोर्ट का बड़ा फैसला, 3 दोषियों को उम्रकैद और जुर्माना

विधि संवाददाता : टी.एन यादव/सैय्यद आसिफ हुसैन ज़ैदी

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से एक बड़ी न्यायिक खबर सामने आई है। यहाँ की एक स्थानीय अदालत ने चार वर्ष पुराने चर्चित सोनवानी तिहरे हत्याकांड और लूटकांड में बड़ा फैसला सुनाते हुए तीन मुख्य अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश (कोर्ट संख्या 04) सैफ अहमद की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें और साक्ष्यों को देखने के बाद यह फैसला दिया। न्यायालय ने तीनों दोषियों पर 1 लाख 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। साल 2022 में हल्दी थाना क्षेत्र के सोनवानी गांव में बदमाशों ने एक ही परिवार के पिता और उनके दो बेटों की बेरहमी से हत्या कर दी थी और घर में रखी संपत्ति लूट ली थी। इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार को चार साल बाद न्याय मिला है।

यह पूरा मामला बलिया जिले के हल्दी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सोनवानी गांव का है। मई 2022 में इस गांव में एक ऐसी वारदात को अंजाम दिया गया था, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था। बदमाशों ने लूटपाट के इरादे से एक ही परिवार के तीन सदस्यों पिता उमाशंकर सिंह और उनके दो बेटों आनंद विक्रम व संदीप को निशाना बनाया था। अपराधियों ने न केवल बेरहमी से इन तीनों की हत्या की, बल्कि साक्ष्य छिपाने के लिए एक शव को कुएं में फेंक दिया था। इस सनसनीखेज वारदात के बाद सोनवानी गांव सहित पूरे बलिया जिले में दहशत और आक्रोश का माहौल व्याप्त हो गया था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मामले में तीन स्थानीय युवकों को गिरफ्तार किया था, जिन पर अब दोष सिद्ध हो चुका है।

वारदात की शुरुआत 31 मई 2022 को हुई थी। प्राप्त जानकारी और अदालती दस्तावेजों के अनुसार, बदमाशों ने सबसे पहले उमाशंकर सिंह के एक बेटे संदीप को किसी बहाने से सुनसान स्थान पर बुलाया। वहाँ अपराधियों ने संदीप पर चाकुओं से ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी। इस वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी संदीप के घर पहुंचे। घर पर मौजूद पिता उमाशंकर सिंह को बंधक बनाकर बदमाशों ने उनके साथ गंभीर मारपीट की, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

इसके बाद अपराधियों ने उमाशंकर के दूसरे बेटे आनंद विक्रम को निशाना बनाया और क्रूरतम तरीके से उसकी भी हत्या कर दी। साक्ष्य मिटाने और पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से बदमाशों ने आनंद विक्रम के शव को गांव के बाहर स्थित नथुनी राजभर के बाग के एक कुएं में फेंक दिया और घर में रखे सारे जेवर तथा नगदी लूटकर फरार हो गए।

इस घटना का खुलासा तब हुआ जब ग्रामीणों ने कुएं में आनंद विक्रम की लाश देखी। घटना की सूचना मिलने पर जब मृतक के पट्टीदार उदय प्रताप सिंह घर पहुंचे, तो वहां उमाशंकर सिंह का खून से लथपथ शव पड़ा मिला, जबकि संदीप का मोबाइल बंद आ रहा था। बाद में छानबीन के दौरान संदीप का शव भी बरामद हुआ। वादी मुकदमा उदय प्रताप सिंह की तहरीर पर हल्दी थाने में मामला दर्ज किया गया। तत्कालीन विवेचक राकेश सिंह ने तत्परता दिखाते हुए जांच शुरू की और अभियुक्त संजीत सिंह की निशानदेही पर 1 जून 2022 को ढाई लाख रुपये की लूटी गई नगदी और हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद किया। पुलिस ने इस मामले में सोनवानी गांव के ही प्रवीण सिंह उर्फ भोलू, संजीत सिंह और सोनू सिंह उर्फ अमन को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

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