सपा को बताया 'समाप्तवादी पार्टी', राहुल गांधी को कहा 'पाकिस्तान का प्रवक्ता', केशव प्रसाद मौर्य का तीखा हमला
केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) ने वाराणसी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बयान दिया, जब उनसे हाल के राजनीतिक घटनाक्रम और विपक्ष....
मुख्य बिंदु:
- सपा (SP) पर हमला: मौर्य ने सपा (SP) को "समाप्तवादी पार्टी" कहा, दावा किया कि इसकी साइकिल "पंचर" हो चुकी है।
- राहुल गांधी (Rahul Gandhi) पर आरोप: भारत-पाकिस्तान तुलना को "बचकाना" बताया, उन्हें "पाकिस्तान का प्रवक्ता" कहा।
- मुस्लिम तुष्टिकरण: सपा (SP) और कांग्रेस (Congress) पर मुस्लिम वोट बैंक की राजनीति का आरोप।
- सपा (SP): मौर्य के बयान को "नीच राजनीति" करार दिया।
- कांग्रेस (Congress): बयान को "स्तरहीन" बताया, राहुल की छवि खराब करने की साजिश।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) ने 24 मई 2025 को वाराणसी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विपक्षी दलों, खासकर समाजवादी पार्टी (सपा (SP)) और कांग्रेस (Congress) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सपा (SP) को "समाप्तवादी पार्टी" करार देते हुए कहा कि यह पार्टी अब अपनी प्रासंगिकता खो चुकी है। साथ ही, उन्होंने कांग्रेस (Congress) नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को "पाकिस्तान का प्रवक्ता" कहकर निशाना साधा। मौर्य का यह बयान उत्तर प्रदेश की सियासत में एक नया तूफान खड़ा कर रहा है, क्योंकि यह बयान न केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को बढ़ावा देता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले सियासी तल्खी अपने चरम पर पहुंच रही है। यह बयान सपा (SP) और कांग्रेस (Congress) के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है, जो पहले से ही उत्तर प्रदेश में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश में हैं।
केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) ने वाराणसी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बयान दिया, जब उनसे हाल के राजनीतिक घटनाक्रम और विपक्ष की रणनीति के बारे में सवाल पूछा गया। मौर्य ने सपा (SP) अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा (SP) अब "समाप्तवादी पार्टी" बन गई है, क्योंकि उनकी नीतियां और नेतृत्व जनता के बीच विश्वसनीयता खो चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि सपा (SP) की साइकिल (चुनाव चिह्न) "पंचर" हो चुकी है और पार्टी का आधार कमजोर पड़ गया है। मौर्य ने यह भी कहा कि 2022 के विधानसभा चुनावों में सपा (SP) की हार के बाद अखिलेश यादव "मुंगेरीलाल के हसीन सपने" देख रहे हैं, और 2027 में भी उनकी हार तय है।
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राहुल गांधी (Rahul Gandhi) पर हमला बोलते हुए मौर्य ने आरोप लगाया कि उनकी टिप्पणियां और बयानबाजी "पाकिस्तान के हितों" को बढ़ावा देती हैं। उन्होंने राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के हाल के कुछ बयानों का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने भारत की बेरोजगारी और आर्थिक स्थिति की तुलना पाकिस्तान से की थी। मौर्य ने इसे "बचकाना हरकत" करार देते हुए कहा कि यह देश के हितों के खिलाफ है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस (Congress) और सपा (SP) दोनों "झूठ की मशीन" हैं, जो जनता को गुमराह करने का काम करती हैं।
मौर्य के अन्य आरोप
मौर्य ने सपा (SP) और कांग्रेस (Congress) पर "मुस्लिम तुष्टिकरण" का आरोप लगाया, जो उनके पहले के बयानों का भी हिस्सा रहा है। उन्होंने कहा कि सपा (SP) और कांग्रेस (Congress) का इतिहास "मुस्लिम वोट बैंक" को खुश करने का रहा है, जिसके लिए वे देश के हितों को नजरअंदाज करते हैं। उन्होंने दावा किया कि सपा (SP) ने अपने शासनकाल में मुस्लिम समुदाय को विशेष सुविधाएं दीं, जबकि अन्य समुदायों की उपेक्षा की। मौर्य ने यह भी कहा कि कांग्रेस (Congress) ने अतीत में देश का बंटवारा करवाया और जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 लागू करके आतंकवाद को बढ़ावा दिया।
उन्होंने सपा (SP) के पूर्व नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के विवादास्पद बयानों का भी जिक्र किया, जिनमें उन्होंने रामचरितमानस को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। केशव मौर्य ने कहा कि सपा (SP) का यह रवैया उनकी हिंदू-विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सपा (SP) ने राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के निमंत्रण को ठुकराकर अपनी "संकीर्ण मानसिकता" का परिचय दिया।
सपा (SP) और कांग्रेस (Congress) की प्रतिक्रिया
सपा (SP) और कांग्रेस (Congress) ने मौर्य के बयानों की कड़ी आलोचना की है। सपा (SP) प्रवक्ता मनोज कुमार पांडे ने इसे "नीच राजनीति" करार देते हुए कहा कि मौर्य अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार की विफलताओं के कारण जनता अब सपा (SP) की ओर देख रही है। पांडे ने यह भी कहा कि मौर्य का "पाकिस्तान प्रवक्ता" वाला बयान राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की छवि को खराब करने की साजिश है।
कांग्रेस (Congress) प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने मौर्य के बयान को "स्तरहीन" बताया और कहा कि राहुल गांधी (Rahul Gandhi) देश के लिए काम कर रहे हैं, जबकि भाजपा केवल "झूठ और नफरत" फैलाने में लगी है। उन्होंने यह भी कहा कि मौर्य को अपनी सरकार की उपलब्धियों पर बात करनी चाहिए, न कि विपक्ष पर आधारहीन आरोप लगाने चाहिए।
मौर्य का यह बयान उत्तर प्रदेश की सियासत में एक नया विवाद पैदा कर रहा है। सोशल मीडिया पर भी इस बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। एक यूजर ने लिखा, “मौर्य का यह बयान सस्ती लोकप्रियता पाने की कोशिश है। राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को पाकिस्तान से जोड़ना हास्यास्पद है।” वहीं, भाजपा समर्थकों ने मौर्य के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि सपा (SP) और कांग्रेस (Congress) की नीतियां "राष्ट्र-विरोधी" हैं।
यह बयान 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले सियासी माहौल को गर्माने का काम कर रहा है। मौर्य ने दावा किया कि एनडीए 2027 में उत्तर प्रदेश की सभी सीटों पर जीत हासिल करेगा, जैसा कि उन्होंने 2024 के उपचुनावों के लिए कहा था। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियां और योगी आदित्यनाथ की कानून-व्यवस्था ने जनता का विश्वास जीता है।
सपा (SP) और कांग्रेस (Congress) की चुनौतियां
सपा (SP) और कांग्रेस (Congress) के लिए यह बयान एक बड़ी चुनौती है। सपा (SP) पहले से ही अपने प्रमुख नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के पार्टी छोड़ने और रामचरितमानस विवाद के कारण आलोचना का सामना कर रही है। स्वामी प्रसाद मौर्य ने 2024 में सपा (SP) छोड़कर राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी बनाई थी, जिससे सपा (SP) का पिछड़ा वर्ग और दलित वोट बैंक प्रभावित हुआ है।
राहुल गांधी (Rahul Gandhi) पर "पाकिस्तान का प्रवक्ता" जैसे आरोप उनकी छवि को नुकसान पहुंचा सकते हैं, खासकर उत्तर प्रदेश जैसे संवेदनशील राज्य में, जहां राष्ट्रीयता और हिंदुत्व के मुद्दे मतदाताओं को प्रभावित करते हैं। राहुल गांधी (Rahul Gandhi) पहले भी अपनी टिप्पणियों, जैसे भारत-पाकिस्तान की तुलना और राम मंदिर के मुद्दे पर चुप्पी, के लिए आलोचना का सामना कर चुके हैं।
मौर्य का यह बयान 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। भाजपा उत्तर प्रदेश में अपनी स्थिति को और मजबूत करने के लिए विपक्ष को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। मौर्य ने पहले भी सपा (SP) और कांग्रेस (Congress) को "झूठ की मशीन" और "मुस्लिम तुष्टिकरण" करने वाली पार्टियां करार दिया है।
दूसरी ओर, सपा (SP) और कांग्रेस (Congress) को इस तरह के बयानों का जवाब देने के लिए अपनी रणनीति को और मजबूत करना होगा। सपा (SP) ने हाल ही में जातीय जनगणना जैसे मुद्दों पर जोर देकर पिछड़ा वर्ग और दलित मतदाताओं को लुभाने की कोशिश की है, लेकिन मौर्य जैसे नेताओं के बयान उनकी राह में रोड़ा बन सकते हैं।
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