Children's day special: बच्चों को संस्कारवान बनायें।
देश के प्रथम प्रधानमंत्री स्वर्गीय पंडित जवाहर-लाल नेहरू के जन्मदिवस को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है। पंडित जवाहर-लाल नेहरू....
डॉ शोभा सिंह ,जबलपुर
देश के प्रथम प्रधानमंत्री स्वर्गीय पंडित जवाहर-लाल नेहरू के जन्मदिवस को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है। पंडित जवाहर-लाल नेहरू को बच्चों से बहुत प्रेम था। वे हमेशा शेरवानी ,चूड़ीदार पायजामा ,एवं टोपी पहनते थे ।अपनी शेरवानी में लाल गुलाब का फूल अवश्य लगाते थे। जितना वे फूलों से प्यार करते थे उतना ही वे नन्हें नन्हें सुकुमार बच्चों से स्नेह करते थे ।इसीलिए उनके जन्मदिवस को देशवासी बाल दिवस के रूप में मनाते हैं।
आज के बच्चे कल का भविष्य हैं।शिक्षाके साथ संस्कार का होना आवश्यकहै।बेटे -बेटी में भेद नहीं होना चाहिए ।बेटी के साथ बेटे को भी अच्छे संस्कार देना वर्तमान की आवश्यकता है।समाज में क्या उचित है या अनुचित हैं ,क्या नैतिक है क्या अनैतिक है इसका ज्ञान हर एक माता पिता ,अभिभावक को अपनी संतान को आवश्यक देना चाहिए।सामाजिक जीवन में ,आस -पड़ोस ,विद्यालय, महाविद्यालय में महिलाओं का सम्मान करना है उन्हें आना चाहिए।
यत्र नरियस्ते पूज्ययन्ते ,रमंन्ते तंत्र देवता ।
जहां नारी का सम्मान होता है उस घर में ईश्वर का वास होता है।
वर्तमान समय में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, सोशल मीडिया ,मोबाइल ,लैपटाप और अब तो एआई का भी उपयोग हो रहा है ।तकनीकी ज्ञान ,तकनीकी शिक्षा ,तकनीकी उपकरण जीवन को बेहतर बनाने में बहुत कारगर साबित हो रहे हैं । जीवन की बेहतरी के लिये वैज्ञानिक सोच, वैज्ञानिक उपकरण बहुत उपयोगी है ।परंतु देखा जा रहा है इन उपकरणों का ग़लत इस्तेमाल हो रहा है ।आज हर हाथ में मोबाइल तो है परंतु उसका सदुपयोग कम दुरुपयोग ज़्यादा हो रहा है।
Also Read- राष्ट्र निर्माण में स्त्रियों की भूमिका... स्त्री ही है संस्कृति और सभ्यता की सृजनकर्ता
इस बाल दिवस पर यह निश्चय करें कि बच्चों को अच्छी शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार प्रदान करने में शिक्षक एवं अभिभावक दोनों अपनी ओर से पूरी कोशिश करें।कहा भी गया है-
पंखों से नहीं हौसलों से होती है उड़ान।
कुछ करने का जज़्बा चाहिए, तभी तो कहा गया है “कोशिश करने वालों की ,कभी हार नहीं होती ।
What's Your Reaction?











