Deoband : निर्धन छात्रों को जमीयत देगी दो करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति, जमीयत अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी बोले: शिक्षा के बिना कोई कौम तरक्की नहीं कर सकती
जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने बताया कि जमीयत और एमएचए मदनी चैरिटेबल ट्रस्ट इस छात्रवृत्ति योजना का संचालन 2012 से कर रहे हैं। मेरिट
देवबंद। जमीयत उलमा-ए-हिंद ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए आर्थिक रुप से कमजोर छात्रों के लिए छात्रवृत्ति की घोषणा की है। इस वर्ष जमीयत लगभग दो करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति उन छात्रों को देगी जिन्होंने पिछले वर्ष 75 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं।
जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने बताया कि जमीयत और एमएचए मदनी चैरिटेबल ट्रस्ट इस छात्रवृत्ति योजना का संचालन 2012 से कर रहे हैं। मेरिट के आधार पर पिछले वर्ष विभिन्न पाठ्यक्रमों में चयनित 915 छात्रों को छात्रवृत्ति दी गई थी, जिनमें 46 हिंदू छात्र भी शामिल थे। मदनी ने कहा कि यह इस बात का प्रमाण है कि जमीयत ने कभी भी धर्म के आधार पर कोई कार्य नहीं किया। छात्रवृत्ति के फार्म जमा करने की अंतिम तिथि 15 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है। मौलाना मदनी ने कहा कि हमारी इस छोटे से प्रयास से अनेक ऐसे प्रतिभाशाली और मेहनती बच्चों का भविष्य संवर सकता है, जो आर्थिक तंगी के कारण शिक्षा जारी रखने में मुश्किलों की सामना करते हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया में कोई भी कौम शिक्षा के बिना तरक्की नहीं कर सकती। इसलिए सभी अभिभावकों को चाहिए कि वे सफल और अच्छा इंसान बनाने के लिए अपने बच्चों को दुनियावी शिक्षा के साथ ही धार्मिक और नैतिक शिक्षा भी जरुर दें।
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