Ghaziabad : टी-कैंसर दवाओं की चोरी और अवैध बिक्री का बड़ा खुलासा, तीन गिरफ्तार

आरोपियों ने केंद्र सरकार की स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) के तहत मरीजों को मुफ्त मिलने वाली दवाओं को बाजार में बेचा। इनमें कीट्रूडा, एनहर्टू, गेफ्टिब, बिलिप्सा, नोवोटे

Nov 23, 2025 - 22:17
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Ghaziabad : टी-कैंसर दवाओं की चोरी और अवैध बिक्री का बड़ा खुलासा, तीन गिरफ्तार
Ghaziabad : टी-कैंसर दवाओं की चोरी और अवैध बिक्री का बड़ा खुलासा, तीन गिरफ्तार

गाज़ियाबाद में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ। इस गिरोह पर सरकारी स्वास्थ्य योजना के तहत मिली एंटी-कैंसर दवाओं की चोरी और अवैध बिक्री का आरोप है। तीन मुख्य आरोपी गिरफ्तार किए गए, जिनके कब्जे से 19 लाख रुपये कीमत की आयातित दवाएं और 8.85 लाख रुपये की नकदी बरामद हुई।

आरोपियों ने केंद्र सरकार की स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) के तहत मरीजों को मुफ्त मिलने वाली दवाओं को बाजार में बेचा। इनमें कीट्रूडा, एनहर्टू, गेफ्टिब, बिलिप्सा, नोवोटेक्स, जोलास्टा और कैसिट 500 मिलीग्राम जैसी महंगी एंटी-कैंसर दवाएं शामिल हैं। कीट्रूडा की कीमत अकेले 2.16 लाख रुपये है, जिस पर साफ लिखा था "सीजीएचएस सप्लाई, बिक्री के लिए नहीं"। फिर भी आरोपी इसे 3,000 रुपये देकर मुहर मिटवा कर बेच रहे थे।मुख्य आरोपी विश्वास त्यागी (गाज़ियाबाद निवासी), आकाश शर्मा (आगरा निवासी) और प्रिंस त्यागी (गाज़ियाबाद निवासी) गिरफ्तार हुए। विश्वास त्यागी सरगना है और पहले भी 2023 में नकली दवाओं के कारोबार में पकड़ा जा चुका था। आकाश शर्मा दवाओं की आपूर्ति करता था, जबकि विश्वास त्यागी मुंबई और दिल्ली की फर्मों को बेचता था।

गिरोह फर्जी बिलों का इस्तेमाल कर मुनाफा कमाता था। भुगतान यूपीआई से पीके फार्मा आगरा को भेजा जाता था। दवाओं को साधारण बैग में रखा गया था, जबकि इन्हें 2 से 8 डिग्री तापमान में रखना जरूरी होता है। इससे दवाओं की प्रभावशीलता खत्म हो सकती है और मरीजों को नुकसान पहुंच सकता है।तीन संदिग्ध दवाओं के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। आरोपी वाहन एक्सयूवी 700 (नंबर यूपी14 जीएम 6007) जब्त किया गया। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत थाना शहरकुटीर गाज़ियाबाद में प्राथमिकी दर्ज की गई है। औषधि एवं प्रसूति अधिनियम 1940 और नियम 10(ए) के तहत आगे कार्रवाई होगी।

प्रशासन ने कहा कि पूरे प्रदेश में दवाओं की अवैध आवक, भंडारण, खरीद-बिक्री पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। दोषी पाए जाने पर सख्त कदम उठाए जाएंगे। यह कार्रवाई कैंसर मरीजों को मुफ्त दवा से वंचित करने और स्वास्थ्य सेवाओं को कमजोर करने वाले गिरोह के खिलाफ है।

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