गोवा नाइटक्लब अग्निकांड- लूथरा बंधुओं ने बिछाया था 42 फर्जी कंपनियों का जाल, दिल्ली के एक ही पते पर रजिस्टर्ड सभी फर्में, मनी लॉन्ड्रिंग का संदेह। 

गोवा के अर्पोरा क्षेत्र में स्थित बर्च बाय रोमियो लेन नाइटक्लब में 6 दिसंबर 2025 को लगी भयानक आग ने 25 लोगों की जान ले ली, जिसमें अधिकांश

Dec 12, 2025 - 12:54
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गोवा नाइटक्लब अग्निकांड- लूथरा बंधुओं ने बिछाया था 42 फर्जी कंपनियों का जाल, दिल्ली के एक ही पते पर रजिस्टर्ड सभी फर्में, मनी लॉन्ड्रिंग का संदेह। 
गोवा नाइटक्लब अग्निकांड- लूथरा बंधुओं ने बिछाया था 42 फर्जी कंपनियों का जाल, दिल्ली के एक ही पते पर रजिस्टर्ड सभी फर्में, मनी लॉन्ड्रिंग का संदेह। 

गोवा के अर्पोरा क्षेत्र में स्थित बर्च बाय रोमियो लेन नाइटक्लब में 6 दिसंबर 2025 को लगी भयानक आग ने 25 लोगों की जान ले ली, जिसमें अधिकांश बेसमेंट में फंसकर दम घुटने से मारे गए। इस घटना के मुख्य आरोपी और क्लब के सह-मालिक सौरभ और गौरव लूथरा, जो दिल्ली के निवासी हैं, ने आग लगने के तुरंत बाद देश छोड़ दिया था। दोनों भाइयों को थाईलैंड के फुकेत में हिरासत में लिया गया, जहां वे एक रिसॉर्ट में छिपे हुए थे। जांच एजेंसियों ने खुलासा किया है कि लूथरा बंधु 42 कंपनियों और लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप्स से जुड़े हैं, जिनमें से अधिकांश दिल्ली के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में एक ही पते- 2590, ग्राउंड फ्लोर, हडसन लेन- पर रजिस्टर्ड हैं। ये कंपनियां पिछले दो वर्षों में स्थापित की गईं, और इनमें से कई को शेल कंपनियां माना जा रहा है, जो मनी लॉन्ड्रिंग और टैक्स चोरी के लिए इस्तेमाल हो सकती हैं। गोवा पुलिस ने इन कंपनियों की जांच शुरू कर दी है, जबकि दिल्ली पुलिस ने उनके आवासीय और कार्यालय परिसरों की तलाशी ली। आग की घटना 6 दिसंबर की रात करीब 12:04 बजे शुरू हुई, जब क्लब के पहले तल पर पटाखों के कारण धमाका हुआ। आग तेजी से पूरे भवन में फैल गई, जिसमें बेसमेंट में फंसे लोग सबसे अधिक प्रभावित हुए। अधिकारियों के अनुसार, क्लब में केवल एक ही निकास था, बेसमेंट को रसोई में बदला गया था, और स्थानीय पंचायत के नियमों का उल्लंघन किया गया था। इस हादसे में 25 लोगों की मौत हुई, जबकि छह अन्य घायल हुए। लूथरा बंधु उस समय दिल्ली में एक शादी में मौजूद थे, लेकिन आग लगने के मात्र 30 मिनट बाद उन्होंने फुकेत जाने वाली उड़ान की टिकट बुक की। 7 दिसंबर को सुबह 5:30 बजे इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से इंडिगो फ्लाइट 6ई-1073 पर सवार होकर वे थाईलैंड पहुंचे। गोवा पुलिस ने तुरंत उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया और सीबीआई से इंटरपोल के माध्यम से ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी करवाया।

लूथरा बंधुओं की गिरफ्तारी थाई पुलिस ने 11 दिसंबर की सुबह फुकेत के पैटोंग क्षेत्र में होटल इंडिगो से की, जहां वे छिपे हुए थे। थाई अधिकारियों ने भारतीय अनुरोध पर कार्रवाई की, क्योंकि मंत्रालय ऑफ एक्सटर्नल अफेयर्स ने उनके पासपोर्ट रद्द कर दिए थे। दिल्ली के रोहिणी कोर्ट ने 10 दिसंबर को उनके ट्रांजिट अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें कोर्ट ने कहा कि अपराध की प्रकृति गंभीर है और 25 लोगों की मौत हुई है। दोनों भाइयों को हथकड़ी लगाकर इमिग्रेशन सेंटर ले जाया गया, और उनकी व्यक्तिगत वस्तुओं की जांच की गई। गोवा पुलिस की एक टीम थाईलैंड रवाना हो चुकी है, जो उनकी प्रत्यर्पण प्रक्रिया में सहयोग करेगी। हालांकि, प्रत्यर्पण में देरी हो सकती है, क्योंकि इमरजेंसी ट्रैवल सर्टिफिकेट की आवश्यकता होगी, और वीकेंड के कारण प्रक्रिया धीमी पड़ सकती है। थाईलैंड से दिल्ली होते हुए गोवा लाने की योजना है। कॉर्पोरेट रिकॉर्ड्स के अनुसार, सौरभ (40 वर्ष) और गौरव (44 वर्ष) लूथरा 42 विभिन्न इकाइयों के डायरेक्टर या पार्टनर हैं। इनमें से ज्यादातर कंपनियां होस्पिटैलिटी, रेस्टोरेंट और इवेंट मैनेजमेंट से जुड़ी हैं, लेकिन कई निष्क्रिय दिखाई देती हैं। सभी का रजिस्ट्रेशन एक ही पते पर हुआ है, जो दिल्ली के मुखर्जी नगर क्षेत्र में स्थित एक छोटे कार्यालय का है। जीएसटी दस्तावेजों से पता चलता है कि ये कंपनियां पिछले दो वर्षों में खोली गईं, और इनके माध्यम से फंड ट्रांसफर और निवेश के लेन-देन हुए हैं। जांच एजेंसियां शेल कंपनियों के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग के संदेह में इनकी पड़ताल कर रही हैं। दिल्ली पुलिस ने हडसन लेन स्थित कार्यालय पर छापा मारा, जहां से कई दस्तावेज जब्त किए गए। इन कंपनियों का नेटवर्क लूथरा बंधुओं के रेस्टोरेंट एम्पायर का हिस्सा था, जो दिल्ली से शुरू होकर गोवा, दुबई और अन्य शहरों तक फैला हुआ था।

लूथरा बंधुओं का व्यवसायिक सफर दिल्ली के एक छोटे कैफे से शुरू हुआ था। करीब एक दशक पहले मुखर्जी नगर में मामा'स बुओई नामक क्लब खोला, जो दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रों में लोकप्रिय हुआ। कोविड के बाद पर्यटन बूम के दौरान गोवा के वागाटोर में रोमियो लेन खोला, जो समुद्र तट पर स्थित था और बॉलीवुड बीट्स, फायर परफॉर्मर्स और ओपन टेरेस के लिए प्रसिद्ध था। मार्च 2024 में अर्पोरा में भारत का पहला द्वीप बार खोला, लेकिन सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया गया। उनका एम्पायर मॉल्स में फ्रैंचाइजी तक फैला, जहां मालिक उच्च शुल्क देकर ब्रांड का उपयोग करते थे। हालांकि, तेज विस्तार से परिचालन संबंधी खामियां उभरीं, और निवेशकों की शिकायतें बढ़ीं। गोवा क्लब में एक ही निकास और बेसमेंट का दुरुपयोग आग के दौरान घातक साबित हुआ। गोवा पुलिस ने आग के मामले में लूथरा बंधुओं के खिलाफ धारा 304 (हत्या के लिए साक्षात अपराध), 337 (चोट पहुंचाने के लिए लापरवाही) और 34 (साझा इरादा) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। अन्य सह-मालिक अजय गुप्ता को 11 दिसंबर को गोवा लाया गया और अंजुना पुलिस स्टेशन में पूछताछ की गई। क्लब के प्रबंधन से जुड़े पांच व्यक्ति- मुख्य जनरल मैनेजर राजीव मोडक, जनरल मैनेजर विवेक सिंह, बार मैनेजर राजीव सिंघानिया, गेट मैनेजर रियांशु ठाकुर और भारत कोहली- गिरफ्तार हो चुके हैं। इसके अलावा, क्लब की संपत्ति के मालिक, ब्रिटिश नागरिक सुरिंदर कुमार खोसला के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया है। तीन स्थानीय अधिकारी निलंबित कर दिए गए हैं, जिनमें फायर सेफ्टी इंस्पेक्टर शामिल हैं। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि जांच तेजी से चल रही है, और लूथरा बंधुओं को जल्द जेल भेजा जाएगा।

आग के बाद रोमियो लेन रेस्टोरेंट के एक हिस्से को ध्वस्त कर दिया गया, जो वागाटोर क्षेत्र में स्थित था। गोवा पुलिस ने क्लब की सुरक्षा व्यवस्था की फिर से जांच शुरू की है, जिसमें पर्यटकों की सुरक्षा पर फोकस है। एक पर्यटक महिला ने बताया कि आग से पहले क्लब में स्टाफ ने हिंसा की थी, जहां सुरक्षा कर्मियों ने उनके समूह पर हमला किया और जाति-स्थिति पूछी। इस घटना की शिकायत में लूथरा बंधुओं के नाम थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें हटा दिया, क्योंकि वे मौके पर मौजूद नहीं थे। गोवा सरकार ने क्लब के परिसर को सील कर दिया है, और फॉरेंसिक टीम ने साइट का निरीक्षण किया। आग के कारणों में सिलेंडर विस्फोट और पटाखों का उपयोग शामिल है, जो सुरक्षा मानकों का उल्लंघन था। कॉर्पोरेट जांच में इनकम टैक्स और ईडी की भूमिका बढ़ सकती है। दिल्ली के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने लूथरा बंधुओं को नोटिस जारी किया है, जिसमें सात दिनों के अंदर पासपोर्ट जब्त न करने का कारण बताने को कहा गया है। रोहिणी कोर्ट में उनकी याचिका खारिज होने के बाद वे थाईलैंड से प्रत्यर्पण का इंतजार कर रहे हैं। गोवा पुलिस डीआईजी वर्षा शर्मा ने कहा कि सीबीआई और इंटरपोल के साथ समन्वय हो रहा है, ताकि भाईयों को वापस लाया जा सके। क्लब के पूर्व ड्राइवर के सिम कार्ड का उपयोग करने का भी खुलासा हुआ है, जो संचार में इस्तेमाल हुआ। लूथरा बंधुओं के वकील सिद्धार्थ लूथरा ने कहा कि वे न्यायिक प्रक्रिया का पालन करेंगे। इस घटना ने गोवा के नाइटलाइफ उद्योग पर सवाल उठाए हैं, जहां सुरक्षा मानकों की अनदेखी आम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य पर्यटकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देगा, और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नए नियम लागू होंगे। आग में मरने वालों में ज्यादातर युवा पर्यटक थे, जो क्लब में मस्ती कर रहे थे। जांच में पाया गया कि क्लब में क्षमता से अधिक लोग थे, और आपातकालीन निकास अवरुद्ध थे। लूथरा बंधुओं का एम्पायर अब जांच के दायरे में है, जहां इन्वेस्टर शिकायतें और वित्तीय अनियमितताओं की पड़ताल हो रही है। गोवा पुलिस ने कहा कि सभी आरोपी जल्द कोर्ट के सामने पेश होंगे।

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