Hardoi : साइबर क्राइम पुलिस की सराहनीय कार्रवाई- जुलाई 2025 में 6 पीड़ितों को 4,34,561 रुपये वापस दिलाए

वर्तमान डिजिटल युग में साइबर अपराध, जैसे ऑनलाइन धोखाधड़ी, डिजिटल अरेस्ट, और फर्जी लिंक के जरिए ठगी, देश भर में तेजी से बढ़ रहे हैं। हाल के आंकड़ों के अनुसार, 2024 में भारत में साइबर धोखाध

Aug 2, 2025 - 13:30
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Hardoi : साइबर क्राइम पुलिस की सराहनीय कार्रवाई- जुलाई 2025 में 6 पीड़ितों को 4,34,561 रुपये वापस दिलाए
प्रतीकात्मक चित्र

हरदोई : जिले की थाना साइबर क्राइम पुलिस ने ऑनलाइन धोखाधड़ी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करते हुए जुलाई 2025 में 6 पीड़ितों को उनकी खोई हुई राशि, कुल 4,34,561 रुपये, वापस दिलाने में सफलता हासिल की है। साइबर क्राइम पुलिस ने त्वरित और विधिक कार्रवाई के माध्यम से पीड़ितों के बैंक खातों से ठगी गई राशि को वापस कराया, जिसके लिए पीड़ितों ने हरदोई पुलिस की प्रशंसा करते हुए आभार व्यक्त किया। यह उपलब्धि साइबर अपराधों के खिलाफ हरदोई पुलिस की सतर्कता और समर्पण को दर्शाती है।

वर्तमान डिजिटल युग में साइबर अपराध, जैसे ऑनलाइन धोखाधड़ी, डिजिटल अरेस्ट, और फर्जी लिंक के जरिए ठगी, देश भर में तेजी से बढ़ रहे हैं। हाल के आंकड़ों के अनुसार, 2024 में भारत में साइबर धोखाधड़ी के कारण 22,845 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में 206% की वृद्धि दर्शाता है। इस बढ़ते खतरे के मद्देनजर, हरदोई की थाना साइबर क्राइम पुलिस ने जुलाई 2025 में प्राप्त शिकायतों पर तत्काल संज्ञान लिया और प्रभावी कार्रवाई की।

थाना साइबर क्राइम, हरदोई ने ऑनलाइन धोखाधड़ी की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए त्वरित जांच शुरू की। इन शिकायतों में मुख्य रूप से फर्जी लिंक, फिशिंग स्कैम, और अनधिकृत बैंक लेनदेन जैसे मामले शामिल थे। पुलिस ने साइबर अपराधियों द्वारा उपयोग किए गए बैंक खातों की पहचान की और संबंधित बैंकों के साथ समन्वय स्थापित कर राशि को फ्रीज कराया। इस प्रक्रिया के तहत, 6 पीड़ितों के खातों से ठगी गई कुल 4,34,561 रुपये की राशि को उनके खातों में वापस कराया गया।

हरदोई पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में साइबर क्राइम पुलिस ने तकनीकी संसाधनों, जैसे डिजिटल फॉरेंसिक टूल्स और रियल-टाइम ट्रैकिंग, का उपयोग किया, जिससे अपराधियों के बैंक खातों और लेनदेन का पता लगाना संभव हुआ। पुलिस ने यह भी सुनिश्चित किया कि पीड़ितों को उनकी राशि वापस मिलने के साथ-साथ भविष्य में साइबर धोखाधड़ी से बचने के लिए जागरूकता प्रदान की जाए। इस कार्रवाई ने न केवल पीड़ितों को आर्थिक राहत दी, बल्कि साइबर अपराधियों के बीच कड़ा संदेश भी भेजा।

पीड़ितों ने हरदोई साइबर क्राइम पुलिस की त्वरित कार्रवाई और संवेदनशील रवैये की सराहना की। एक पीड़ित ने कहा, “मैंने सोचा था कि मेरे पैसे वापस नहीं मिलेंगे, लेकिन हरदोई पुलिस ने न केवल मेरी राशि वापस दिलाई, बल्कि मुझे इस प्रक्रिया में लगातार अपडेट भी किया।” इस तरह की प्रतिक्रिया से पुलिस और जनता के बीच विश्वास का रिश्ता और मजबूत हुआ है।

हरदोई पुलिस की यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश सरकार और भारतीय साइबर क्राइम समन्वय केंद्र (I4C) की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत साइबर अपराधों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। I4C के अनुसार, 2024 में प्रति दिन औसतन 7,000 साइबर अपराध की शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें 85% वित्तीय धोखाधड़ी से संबंधित थीं। इस संदर्भ में, हरदोई पुलिस की यह सफलता विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।

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