सम्भल: मौलाना जरजिस अंसारी के विवादित बयान पर भड़का हिंदू समाज: कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन
भगवान श्री राम और भगवान श्री कृष्ण के विषय में मौलाना जरजिस अंसारी द्वारा की गई अपमानजनक टिप्पणियों के बाद इटावा में हिंदू
उवैस दानिश, सम्भल
भगवान श्री राम और भगवान श्री कृष्ण के विषय में मौलाना जरजिस अंसारी द्वारा की गई अपमानजनक टिप्पणियों के बाद इटावा में हिंदू संगठनों का आक्रोश फूट पड़ा है। इन विवादास्पद बयानों के विरोध में लोगों ने प्रदर्शन किया और प्रशासन से मौलाना के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
हाल ही में मौलाना जरजिस अंसारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने हिंदू धर्म के आराध्यों, भगवान श्री कृष्ण और भगवान श्री राम पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। मौलाना ने दावा किया कि भगवान श्री कृष्ण पांचों वक्त की नमाज पढ़ते थे और भगवान राम को एक 'प्रचारक' बताया। उन्होंने श्रीमद्भागवत के श्लोकों की गलत व्याख्या करते हुए यह दावे किए, जिससे सनातन धर्मावलंबियों की भावनाएं बुरी तरह आहत हुई हैं। हिंदू संगठनों ने दी कड़ी चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के प्रदेश संगठन मंत्री अमित पवार ने कहा कि यदि मौलाना श्री राम और श्री कृष्ण को अपना पूर्वज मानते हैं, तो उन्हें 'जय श्री राम' कहने में कोई गुरेज नहीं होना चाहिए। उन्होंने मंदिरों से अतिक्रमण हटाने की भी पुरजोर मांग की। वहीं, हरिहर मंदिर के पक्षकार राकेश वार्ष्णेय और महेंद्र स्वामी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस तरह के लांछन सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश हैं। उन्होंने मौलाना पर रासुका (NSA) लगाने और तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।
प्रशासन पर दबाव
हिंदू समाज ने साफ कर दिया है कि आस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाना चाहिए। यह प्रदर्शन न केवल मौलाना के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर था, बल्कि यह संदेश देने के लिए भी था कि हिंदू समाज अपनी आस्था पर प्रहार बर्दाश्त नहीं करेगा। प्रशासन अब इस मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की कार्यवाही पर विचार कर रहा है।
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