Honor Killing Hardoi : हरदोई में बहन की लव मैरिज से नाराज भाई ने की हत्या, मां ने भी दिया साथ
जांच में पाया गया कि तमंचा मानवी के दाहिने हाथ में था, लेकिन गोली बाईं कनपटी पर लगी थी। यह विरोधाभास पुलिस के लिए शक का कारण बना। इसके बाद मां और बेटे से सख्ती से पूछताछ की गई, जिसके बाद वीरू
हरदोई के पाली थाना क्षेत्र के अलियापुर गांव में रविवार, 31 अगस्त 2025 को सुबह 7 बजे एक दिल दहलाने वाली घटना हुई। 24 साल की मानवी मिश्रा की उनके भाई वीरू मिश्रा ने गोली मारकर हत्या कर दी। मानवी ने इसी साल 7 जनवरी 2025 को परिवार की मर्जी के खिलाफ अभिनव कटियार के साथ आर्य समाज मंदिर में लव मैरिज की थी। इस बात से नाराज भाई ने अपनी बहन की जान ले ली। हत्या को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश में मां छोटी मिश्रा भी शामिल हो गई। हालांकि, एक छोटी सी गलती ने मां-बेटे की साजिश को खोल दिया। पुलिस ने गुरुवार को मामले का खुलासा किया।
पुलिस के अनुसार, वीरू ने अपनी बहन मानवी की बाईं कनपटी पर गोली मारी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद मां और बेटे ने इसे आत्महत्या दिखाने की कोशिश की। उन्होंने तमंचा मानवी के दाहिने हाथ में पकड़ा दिया और पुलिस को बताया कि मानवी ने खुद गोली मारकर आत्महत्या की। लेकिन यह गलती उनकी साजिश को उजागर करने का कारण बनी। पुलिस ने पाया कि मानवी दाहिने हाथ से काम करती थी। अगर उसने आत्महत्या की होती, तो गोली दाहिनी कनपटी पर लगती, न कि बाईं। इस शक के आधार पर पुलिस ने मां और बेटे से सख्ती से पूछताछ की, जिसके बाद वीरू ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
मानवी मिश्रा और अभिनव कटियार पड़ोसी गांव के रहने वाले थे और दोनों ने साथ पढ़ाई की थी। पढ़ाई के दौरान दोनों में प्रेम संबंध बन गए। अभिनव बरेली के नवाबगंज में बरौर जीआईसी में प्रभारी प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत हैं, जबकि मानवी आईएएस की तैयारी कर रही थी। दोनों ने 7 जनवरी 2025 को आर्य समाज मंदिर में अंतरजातीय विवाह किया था। मानवी ब्राह्मण थी, जबकि अभिनव कुर्मी समुदाय से थे। इस शादी से मानवी का परिवार, खासकर उसका भाई वीरू, बेहद नाराज था। परिवार को शुरू में इस शादी की जानकारी नहीं थी, लेकिन बाद में पता चलने पर वीरू और मानवी के बीच अक्सर इस बात को लेकर बहस होती थी।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शनिवार-रविवार की रात 2 बजे तक मानवी ने अभिनव से फोन पर बात की थी। इस बात से वीरू और नाराज हो गया। रविवार सुबह दोनों के बीच फिर विवाद हुआ, जिसके बाद वीरू ने गुस्से में आकर अपनी बहन को गोली मार दी।
पुलिस की जांच और खुलासा
घटना की सूचना मानवी के पति अभिनव कटियार ने पुलिस को दी। अभिनव ने बताया कि वह और मानवी हर सुबह एक-दूसरे को गुड मॉर्निंग कॉल या मैसेज करते थे। रविवार सुबह 8:30 बजे जब उनकी आंख खुली, तो न तो मानवी का कोई कॉल था और न ही मैसेज। कई बार कॉल करने पर भी फोन नहीं उठा। आशंका होने पर अभिनव ने सुबह 9 बजे पाली थाना पुलिस को सूचना दी।
पुलिस तुरंत मानवी के घर पहुंची, जहां उसका खून से लथपथ शव कमरे में पड़ा मिला। मां छोटी और एक पैर से दिव्यांग भाई वीरू घर पर मौजूद थे। मां ने पुलिस को बताया कि सुबह 7 बजे वह घर के बाहर कपड़े धो रही थी, तभी गोली चलने की आवाज आई। कमरे में जाकर देखा तो मानवी खून से लथपथ पड़ी थी। मां ने कहा कि वह डर गई थी, इसलिए पुलिस को सूचना नहीं दी, लेकिन देने वाली थी।
पुलिस ने कमरे की फोरेंसिक जांच की। जांच में पाया गया कि तमंचा मानवी के दाहिने हाथ में था, लेकिन गोली बाईं कनपटी पर लगी थी। यह विरोधाभास पुलिस के लिए शक का कारण बना। इसके बाद मां और बेटे से सख्ती से पूछताछ की गई, जिसके बाद वीरू ने हत्या की बात कबूल कर ली।
मानवी के पिता संतोष मिश्रा लखनऊ में सिक्योरिटी गार्ड का काम करते हैं। उनके दो अन्य बेटे हैं, जो प्राइवेट नौकरी करते हैं। एक बेटा गाजियाबाद और दूसरा चेन्नई में रहता है। घटना के समय घर में सिर्फ मां छोटी और भाई वीरू मौजूद थे। पुलिस ने वीरू को गिरफ्तार कर लिया है और तमंचे को फिंगरप्रिंट जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा गया है। मां को भी घटना को छिपाने के आरोप में हिरासत में लिया गया है।
अभिनव का बयान
अभिनव ने बताया कि शादी के बाद मानवी का परिवार उसे मानसिक रूप से परेशान करता था। मां और भाई वीरू उसका तिरस्कार करते थे। इसके बावजूद मानवी अपनी मां और दिव्यांग भाई की देखभाल के लिए अपने मायके में रहती थी। अभिनव ने कहा कि शनिवार को वह कॉलेज के एक कर्मचारी की रिटायरमेंट पार्टी में शामिल होने के कारण देर रात ढाई बजे सोए थे। सुबह जब मानवी का कोई जवाब नहीं मिला, तो उन्हें अनहोनी की आशंका हुई।
पुलिस का बयान
हरदोई के पुलिस अधीक्षक (एसपी) नीरज जादौन ने बताया कि जांच में साफ हुआ कि मानवी की हत्या उसके भाई ने की थी। मां ने हत्या को आत्महत्या दिखाने की कोशिश में बेटे का साथ दिया। फोरेंसिक जांच और पूछताछ के आधार पर दोनों का जुर्म साबित हुआ। पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
मानवी और अभिनव की प्रेम कहानी
मानवी और अभिनव बचपन से एक-दूसरे को जानते थे। दोनों पड़ोसी गांव के रहने वाले थे और साथ पढ़ाई करते थे। पढ़ाई के दौरान दोनों में दोस्ती हुई, जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। अभिनव ने कड़ी मेहनत से प्रभारी प्रधानाचार्य का पद हासिल किया, जबकि मानवी आईएएस बनने का सपना देख रही थी। दोनों ने सामाजिक बंधनों को तोड़ते हुए अंतरजातीय विवाह किया। लेकिन परिवार की नाराजगी ने उनकी खुशहाल जिंदगी को छीन लिया।
परिवार की नाराजगी का कारण
मानवी के परिवार को उसकी शादी से इसलिए आपत्ति थी, क्योंकि यह अंतरजातीय विवाह था। मानवी ब्राह्मण थी, जबकि अभिनव कुर्मी समुदाय से थे। परिवार, खासकर भाई वीरू, इसे अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा पर आघात मानता था। इस वजह से वह मानवी को बार-बार ताने देता था और उसका मानसिक उत्पीड़न करता था।
फोरेंसिक जांच ने खोला राज
पुलिस की फोरेंसिक जांच ने इस मामले को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई। तमंचा दाहिने हाथ में होने के बावजूद गोली बाईं कनपटी पर लगना एक बड़ा सबूत था। इसके अलावा, कमरे की जांच में कोई ऐसा संकेत नहीं मिला, जो आत्महत्या की पुष्टि करता हो। पुलिस की सख्ती और फोरेंसिक साक्ष्यों ने मां-बेटे को सच उगलने पर मजबूर कर दिया।
मानवी का सपना अधूरा रह गया
मानवी एक होनहार छात्रा थी। वह आईएएस बनकर देश की सेवा करना चाहती थी। अपनी पढ़ाई के साथ-साथ वह अपने परिवार की देखभाल भी करती थी। लेकिन परिवार की संकीर्ण सोच और भाई की नाराजगी ने उसके सपनों को अधूरा छोड़ दिया।
सामाजिक कुरीतियों का शिकार
यह घटना एक बार फिर सामाजिक कुरीतियों और अंतरजातीय विवाह के प्रति समाज के रवैये को दर्शाती है। मानवी और अभिनव ने प्यार के लिए सामाजिक बंधनों को तोड़ा, लेकिन परिवार और समाज की स्वीकार्यता की कमी ने एक जिंदगी को खत्म कर दिया।
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