हुमायूं कबीर का ममता को खुला चैलेंज- लाखों की भीड़ के बीच बाबरी मस्जिद की बुनियाद रखूंगा, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले बढ़ा विवाद। 

पश्चिम बंगाल के मुरशिदाबाद जिले के बेल्डंगा इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है, जहां तृणमूल कांग्रेस के निलंबित विधायक हुमायूं

Dec 6, 2025 - 12:31
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हुमायूं कबीर का ममता को खुला चैलेंज- लाखों की भीड़ के बीच बाबरी मस्जिद की बुनियाद रखूंगा, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले बढ़ा विवाद। 
हुमायूं कबीर का ममता को खुला चैलेंज- लाखों की भीड़ के बीच बाबरी मस्जिद की बुनियाद रखूंगा, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले बढ़ा विवाद। 

पश्चिम बंगाल के मुरशिदाबाद जिले के बेल्डंगा इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है, जहां तृणमूल कांग्रेस के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने बाबरी मस्जिद की नींव रखने का ऐलान किया है। यह तारीख 1992 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद के विध्वंस की 33वीं वर्षगांठ से मेल खाती है, जिससे इलाके में सतर्कता बढ़ गई है। कबीर ने कहा है कि विभिन्न मुस्लिम नेता इस कार्यक्रम में भाग लेंगे, और निर्माण कार्य तीन वर्षों में पूरा हो जाएगा। स्थानीय लोगों ने मस्जिद की नींव के लिए ईंटें इकट्ठा करना शुरू कर दिया है, जबकि प्रशासन ने केंद्रीय बलों की तैनाती के साथ सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। कलकत्ता हाईकोर्ट ने कार्यक्रम पर रोक लगाने वाली याचिका खारिज कर दी है, लेकिन शांति बनाए रखने का जिम्मा राज्य सरकार को सौंपा है। यह घटना पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले राजनीतिक विवाद को बढ़ावा दे रही है।

हुमायूं कबीर, जो भरतपुर विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस के विधायक हैं, ने नवंबर 2025 में ही इस परियोजना का ऐलान किया था। उन्होंने कहा कि बाबरी मस्जिद का निर्माण 20 बीघा जमीन पर होगा, जहां मस्जिद के अलावा एक कॉलेज, अस्पताल और छह मंजिला रेस्ट हाउस भी बनेगा। परियोजना की अनुमानित लागत 125 करोड़ रुपये है, जो वेस्ट बंगाल इस्लामिक फाउंडेशन ऑफ इंडिया ट्रस्ट द्वारा वित्त पोषित होगी। कबीर ट्रस्ट के महासचिव हैं। उन्होंने 25 नवंबर को दोहराया कि 6 दिसंबर को बेल्डंगा में नींव रखी जाएगी। मुरशिदाबाद जिले में मुस्लिम आबादी 70 प्रतिशत है, और यह इलाका राजनीतिक रूप से संवेदनशील रहा है। कबीर ने कहा कि पिछले वर्ष 12 दिसंबर को उन्होंने यह वादा किया था, और अब इसे पूरा करने का समय आ गया है। कार्यक्रम में दो लाख लोगों के पहुंचने की उम्मीद है, जबकि मंच पर 400 प्रमुख हस्तियां होंगी।

6 दिसंबर की सुबह से ही बेल्डंगा में पंडाल निर्माण का काम तेज हो गया। 10,000 वर्ग फुट का पंडाल एनएच-12 के पास बनाया जा रहा है। कबीर ने शुक्रवार को स्थल का निरीक्षण किया। स्थानीय मुस्लिम समुदाय के लोग ईंटें लेकर पहुंचने लगे हैं, जो नींव रखने के लिए तैयार की जा रही हैं। यह परंपरा बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद की रैलियों से प्रेरित लगती है। मुरशिदाबाद में कई जगहों पर बाबरी मस्जिद के पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें निर्माण की अपील की गई है। कबीर ने कहा कि यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण होगा, और इसमें केवल धार्मिक पाठ होगा। उन्होंने निमंत्रण पत्र तैयार किए हैं, जो जिले के राजनीतिक नेताओं को वितरित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम मुरशिदाबाद जिले तक सीमित रखा गया है।

प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। शुक्रवार को केंद्रीय बलों को तैनात किया गया, और बेल्डंगा पुलिस स्टेशन पर अतिरिक्त जवान पहुंचे। कलकत्ता हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कार्यक्रम पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिए कि संभावित तनाव रोकने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं। डिवीजन बेंच ने शांति बनाए रखने की जिम्मेदारी राज्य पर डाली। कबीर ने अदालत के फैसले का स्वागत किया और कहा कि वे तीन-चार वर्षों में कार्य पूरा करने की योजना बना रहे हैं। मुरशिदाबाद में 3,500 से अधिक सुरक्षा कर्मी तैनात हैं, जो कार्यक्रम स्थल के आसपास निगरानी रखेंगे। स्थानीय पुलिस ने शनिवार को संभावित भीड़ प्रबंधन के लिए तैयारियां की हैं।

यह विवाद नवंबर 2025 में शुरू हुआ, जब कबीर ने पहली बार बाबरी मस्जिद की प्रतिकृति बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर बनने के बाद मुरशिदाबाद में बाबरी मस्जिद का निर्माण होगा। जनवरी 2025 में बोंगियो राम सेवक परिषद ट्रस्ट ने अलंकार गांव में राम मंदिर की नींव रखी थी, जो कबीर के ऐलान से जुड़ा माना गया। कबीर ने कहा कि कोई भी रोकने की कोशिश करने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। तृणमूल कांग्रेस ने कबीर को निलंबित कर दिया, लेकिन वे कार्यक्रम पर अड़े हुए हैं। कबीर ने कहा कि वे पार्टी से इस्तीफा देंगे और 22 दिसंबर को अपनी नई पार्टी की घोषणा करेंगे। उन्होंने ममता बनर्जी पर हमला बोला और कहा कि 2026 चुनाव के बाद वे सत्ता से बाहर हो जाएंगी।

मुरशिदाबाद जिला लंबे समय से सांप्रदायिक तनाव का शिकार रहा है। 2024 में हिंदू प्रवास की घटना हुई थी, जहां कबीर ने ममता बनर्जी का समर्थन करने का दावा किया था। जिले में मस्जिद निर्माण को लेकर पहले भी विवाद हुए हैं। कबीर ने कहा कि मुस्लिम समुदाय ने वित्तीय सहायता का आश्वासन दिया है। ट्रस्ट द्वारा परियोजना को धार्मिक स्वतंत्रता का प्रतीक बताया गया है। कबीर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन नहीं हो रहा। कार्यक्रम में मुस्लिम नेताओं की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। स्थानीय स्तर पर ईंटें इकट्ठा करने का अभियान चल रहा है, जो समुदाय की भागीदारी दर्शाता है।

राजनीतिक दलों के बीच प्रतिक्रियाएं तेज हैं। भाजपा ने कबीर के ऐलान को सांप्रदायिक उकसावा बताया। भाजपा नेता ने कहा कि यह वोट बैंक की राजनीति है, और मुरशिदाबाद में शांति भंग करने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि बाबरी मस्जिद नाम से मस्जिद बनाना स्वीकार्य नहीं। भाजपा ने ममता बनर्जी पर आरोप लगाया कि वे कबीर को प्रोत्साहित कर रही हैं। कांग्रेस ने मिश्रित प्रतिक्रिया दी। एक नेता ने कहा कि कोई भी मस्जिद बना सकता है, लेकिन बाबरी नाम का महत्व अयोध्या तक सीमित है। अलीम मुस्लिम संगठन के अध्यक्ष ने कहा कि भारत में सैकड़ों बाबरी मस्जिद बनने से मूल का महत्व कम नहीं होगा। तृणमूल कांग्रेस ने खुद को कबीर से अलग करते हुए कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत पहल है। पार्टी ने कहा कि कोलकाता में 6 दिसंबर को शांति मार्च आयोजित होगा, जिसमें ममता और अभिषेक बनर्जी भाग लेंगे।

कार्यक्रम स्थल पर पंडाल निर्माण शुक्रवार शाम तक पूरा हो गया। कबीर ने कहा कि वे कार्यक्रम को शांतिपूर्ण रखेंगे। स्थानीय निवासियों ने ईंटें लाने का काम जारी रखा। मुरशिदाबाद में सड़कों पर सतर्कता बरती जा रही है। केंद्रीय बलों ने इलाके में गश्त शुरू कर दी है। अदालत के फैसले के बाद कबीर ने कहा कि वे खुश हैं। परियोजना में कॉलेज और अस्पताल शामिल होने से सामाजिक विकास का दावा किया गया। कबीर ने कहा कि ट्रस्ट द्वारा फंडिंग सुनिश्चित है। जिले में मुस्लिम बहुल इलाकों में पोस्टर चिपकाए गए। कार्यक्रम में धार्मिक आयोजन सीमित रखा गया है।

मुरशिदाबाद का इतिहास सांप्रदायिक घटनाओं से भरा है। 2024 में दंगे हुए थे, जहां कबीर का नाम चर्चा में आया। अब बाबरी मस्जिद का नाम लेकर उन्होंने नया विवाद खड़ा किया। कबीर ने कहा कि यह धार्मिक अधिकार है। भाजपा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान होना चाहिए। कांग्रेस नेता ने कहा कि मस्जिद निर्माण में कोई बाधा नहीं। अलीम संगठन ने कहा कि मस्जिद हमेशा मस्जिद रहती है। तृणमूल ने कबीर को निलंबित कर साफ किया कि पार्टी इससे अलग है। कोलकाता में अलग रैली होगी।

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