कांचीपुरम बना भारत का 'बेवफाई का गढ़', दिल्ली-एनसीआर के नौ इलाके शीर्ष 20 में- एशले मैडिसन की 2025 रिपोर्ट।
Delhi-NCR: ग्लोबल डेटिंग साइट एशले मैडिसन ने जून 2025 की एक रिपोर्ट में भारत के उन शहरों की सूची जारी की है, जहां विवाहेतर संबंधों की संख्या....
ग्लोबल डेटिंग साइट एशले मैडिसन ने जून 2025 की एक रिपोर्ट में भारत के उन शहरों की सूची जारी की है, जहां विवाहेतर संबंधों की संख्या सबसे ज्यादा है। हैरानी की बात है कि तमिलनाडु का छोटा सा शहर कांचीपुरम इस सूची में पहले स्थान पर है, जिसने दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों को पीछे छोड़ दिया। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र ने इस सूची में नौ स्थान हासिल किए, जिसमें सेंट्रल दिल्ली दूसरे नंबर पर है। मुंबई इस बार शीर्ष 20 में भी शामिल नहीं है। यह रिपोर्ट उपयोगकर्ताओं के साइनअप, गतिविधि और जुड़ाव के आधार पर तैयार की गई है।
कांचीपुरम, जो अपनी साड़ियों और प्राचीन मंदिरों के लिए मशहूर है, ने 2024 में 17वें स्थान से उछलकर 2025 में पहला स्थान हासिल किया। इस शहर की आबादी केवल दो लाख है, फिर भी इसने बड़े महानगरों को पछाड़ दिया। एशले मैडिसन ने इस उछाल का सटीक कारण नहीं बताया, लेकिन यह माना जा रहा है कि टियर-2 और टियर-3 शहरों में डिजिटल डेटिंग ऐप्स की पहुंच बढ़ने से ऐसी गतिविधियां बढ़ी हैं। कांचीपुरम जैसे छोटे शहरों में लोग गुप्त रूप से रिश्तों की तलाश में इस प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहे हैं।
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र ने इस सूची में नौ स्थान हासिल किए, जो इसे भारत में विवाहेतर संबंधों का प्रमुख केंद्र बनाता है। इनमें सेंट्रल दिल्ली (दूसरा स्थान), साउथ वेस्ट दिल्ली, ईस्ट दिल्ली, साउथ दिल्ली, वेस्ट दिल्ली, नॉर्थ वेस्ट दिल्ली, गुरुग्राम, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) शामिल हैं। सेंट्रल दिल्ली ने अपनी प्रशासनिक और व्यावसायिक अहमियत के साथ-साथ इस सूची में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज की। विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े शहरों में भावनात्मक दूरी, लंबे काम के घंटे, और गुमनामी की सुविधा इस ट्रेंड को बढ़ावा दे रही है।
पिछले साल 2024 में मुंबई इस सूची में दूसरे स्थान पर था, लेकिन 2025 की सूची में यह शीर्ष 20 से बाहर हो गया। इसके कई कारण हो सकते हैं। मुंबई में लोग अब अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स या तरीकों से गुप्त रिश्तों की तलाश कर रहे हैं। साथ ही, वहां सामाजिक मान्यताएं और पारंपरिक मूल्य अभी भी ऐसी ऐप्स के खुले उपयोग को प्रभावित करते हैं। एशले मैडिसन ने बताया कि उनकी रैंकिंग सिर्फ साइनअप पर नहीं, बल्कि उपयोगकर्ताओं की गतिविधि और जुड़ाव पर भी आधारित है, जिसके कारण मुंबई पीछे रह गया।
कांचीपुरम और दिल्ली-एनसीआर के अलावा, जयपुर (7वां स्थान), गाजियाबाद (9वां), चंडीगढ़, रायगढ़ (छत्तीसगढ़), और कामरूप (असम) जैसे टियर-2 और टियर-3 शहरों ने भी इस सूची में जगह बनाई। यह दिखाता है कि भारत में विवाहेतर संबंधों का चलन अब बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। छोटे शहरों में डिजिटल पहुंच और गुप्त रिश्तों की तलाश में बदलते सामाजिक दृष्टिकोण इस बदलाव को दर्शाते हैं।
एशले मैडिसन एक कनाडाई डेटिंग प्लेटफॉर्म है, जो शादीशुदा लोगों को गुप्त रिश्तों की तलाश के लिए जाना जाता है। इसका नारा है, "लाइफ इज शॉर्ट, हैव एन अफेयर।" भारत में इसकी लोकप्रियता बिना ज्यादा प्रचार के बढ़ी है। 2015 में इसके 37 मिलियन उपयोगकर्ताओं का डेटा लीक हुआ था, जिसके बाद इसने अपनी सुरक्षा को मजबूत किया। अप्रैल 2025 में YouGov सर्वे में 53% भारतीयों ने स्वीकार किया कि उन्होंने अपने पार्टनर को धोखा दिया है, जो भारत को विश्व में बेवफाई के मामले में ब्राजील के साथ शीर्ष पर रखता है।
एशले मैडिसन के मुख्य रणनीति अधिकारी पॉल कीबल ने कहा, "भारत आधुनिक रिश्तों को नए सिरे से परिभाषित कर रहा है। हमारा डेटा दिखाता है कि गैर-एकपत्नीत्व की स्वीकार्यता बढ़ रही है। भारत हमारा छठा सबसे बड़ा बाजार है, और हम उम्मीद करते हैं कि यह साल के अंत तक और ऊपर जाएगा।"
भारत में 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता की धारा 497 को खत्म कर दिया, जिसके तहत व्यभिचार को अपराध माना जाता था। अब यह अपराध नहीं है, लेकिन हिंदू विवाह अधिनियम 1955, विशेष विवाह अधिनियम 1954, और भारतीय तलाक अधिनियम 1869 के तहत तलाक का आधार हो सकता है। यह कानूनी बदलाव और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की आसान पहुंच ने लोगों के रिश्तों के प्रति दृष्टिकोण को बदला है। फिर भी, सामाजिक स्तर पर बेवफाई को लेकर नकारात्मक धारणा बनी हुई है।
एशले मैडिसन की 2025 की रिपोर्ट भारत में बदलते सामाजिक और रिश्तों के दृष्टिकोण को दर्शाती है। कांचीपुरम जैसे छोटे शहर का पहला स्थान हासिल करना और दिल्ली-एनसीआर का नौ स्थानों पर कब्जा करना दिखाता है कि गैर-एकपत्नीत्व अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। मुंबई का सूची से बाहर होना भी हैरान करने वाला है। यह रिपोर्ट समाज में डिजिटल डेटिंग और व्यक्तिगत इच्छाओं के बीच बदलते संतुलन को दर्शाती है। हालांकि, यह डेटा केवल एशले मैडिसन के उपयोगकर्ताओं पर आधारित है और पूरे समाज का प्रतिनिधित्व नहीं करता।
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