Lucknow : 44वें अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले का समापन, उत्तर प्रदेश पवेलियन ने खींचा लाखों का ध्यान

मंत्री ने समापन समारोह में प्रदेश के उत्पादों और उद्यमिता के शानदार प्रदर्शन पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हुनरबंदों और कारीगरों ने अपनी कला से सभी को प्र

Nov 27, 2025 - 23:48
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Lucknow : 44वें अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले का समापन, उत्तर प्रदेश पवेलियन ने खींचा लाखों का ध्यान
Lucknow : 44वें अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले का समापन, उत्तर प्रदेश पवेलियन ने खींचा लाखों का ध्यान

नई दिल्ली। 44वें भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले (आईआईटीएफ) 2025 का समापन हो गया। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने मेले के अंतिम दिन उत्तर प्रदेश पवेलियन का दौरा किया। एक भारत श्रेष्ठ भारत थीम पर आधारित यह पवेलियन मेले का प्रमुख आकर्षण रहा। देश-विदेश से आए लाखों लोग यहां पहुंचे।मंत्री ने समापन समारोह में प्रदेश के उत्पादों और उद्यमिता के शानदार प्रदर्शन पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हुनरबंदों और कारीगरों ने अपनी कला से सभी को प्रभावित किया। एक जनपद एक उत्पाद योजना से जुड़े इन कारीगरों की सराहना की।

भारत व्यापार संवर्धन संगठन द्वारा आयोजित इस मेले में उत्तर प्रदेश 1991 से लगातार भाग ले रहा है। इस बार सूचना एवं पर्यटन विभागों के अलावा यूपीसीडा, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण ने जनकल्याण योजनाओं को प्रदर्शित किया।मंत्री ने बताया कि सरकार की नीतियों से उत्तर प्रदेश निवेश का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है। कॉरपोरेट क्षेत्र का लगातार निवेश निवेश अनुकूल नीतियों का नतीजा है। कानून व्यवस्था ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मेले में थीम के मुताबिक प्रदेश ने अपनी पुरानी शिल्प कला, उद्यम नवाचार और आत्मनिर्भरता को दिखाया। लखनऊ की चिकनकारी, फिरोजाबाद का कांच का काम, वाराणसी की रेशमी साड़ियां, सहारनपुर की लकड़ी कारीगरी, भदोही-मिर्जापुर की कालीनें, खुर्जा की सिरेमिक्स और अलीगढ़ के धातु उत्पादों ने दर्शकों को प्रदेश की विविधता से रूबरू कराया।

मंत्री के अनुसार, 150 से ज्यादा स्टलों पर उत्पाद दिखाए गए। इससे करीब 5 करोड़ रुपये की बिक्री हुई और व्यापारिक पूछताछ दर्ज की गई। ओडीओपी गैलरी ने जिलों की खास पहचान को एक मंच पर लाकर उद्यमियों को नया बाजार दिया और निवेशकों का भरोसा बढ़ाया।उन्होंने औद्योगिक विकास, आधारभूत ढांचे और कौशल विकास में राज्य की प्रगति पर जोर दिया। सरकार समावेशी और टिकाऊ विकास के प्रति प्रतिबद्ध है। एमएसएमई क्षेत्र को आर्थिक रणनीति का केंद्र बनाया गया है। वर्तमान में 90 लाख से ज्यादा एमएसएमई इकाइयां चल रही हैं, जिनमें ज्यादातर सूक्ष्म उद्यम हैं। इनके सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं चल रही हैं।

मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 5 लाख रुपये तक ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है। अगले 10 साल में 10 लाख से ज्यादा उद्यमों को इसका लाभ मिलेगा। एमएसएमई अधिनियम 2020 और नीति 2022 से स्टांप शुल्क छूट, पूंजीगत सहायता, ब्याज उपादान, तकनीकी उन्नयन और ऊर्जा दक्षता जैसी सुविधाएं मिल रही हैं।

रेलवे फ्रेट कॉरिडोर, डिफेंस कॉरिडोर, सांस्कृतिक कॉरिडोर, हवाई अड्डे, सड़क और जल संपर्क ने उत्तर प्रदेश को निवेश का सबसे आकर्षक स्थान बना दिया है।

समापन पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली इकाइयों को पुरस्कार और प्रमाण पत्र दिए गए। सभी उद्यमियों, कारीगरों, महिला समूहों और स्टार्टअप्स को बधाई दी गई। राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, आगंतुकों, साझेदारों, विभागों, विकास प्राधिकरणों, जिला प्रशासन, पुलिस, सफाई और बिजली-पानी कर्मियों तथा मीडिया को धन्यवाद दिया गया। उत्तर प्रदेश को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए कांस्य पदक मिला।

समापन में अपर आयुक्त उद्योग राजकमल यादव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। यह मेला 14 से 27 नवंबर तक चला, जिसमें झारखंड फोकस राज्य था और उत्तर प्रदेश सहित राजस्थान, महाराष्ट्र, बिहार पार्टनर राज्य थे।

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