Lucknow : सीएम योगी का विजन, AI का स्वास्थ्य क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा प्रयोग, देश के दूसरे प्रदेश भी ले सकें सीख, यूपी बनेगा AI मॉडल स्टेट

योगी सरकार ने अपने प्रयासों से देश-दुनिया को दिखा दिया है कि मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और फ्रंटलाइन वर्कर्स के समर्पण से AI स्वास्थ्य सेवाओं को स

Jan 11, 2026 - 23:22
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Lucknow : सीएम योगी का विजन, AI का स्वास्थ्य क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा प्रयोग, देश के दूसरे प्रदेश भी ले सकें सीख, यूपी बनेगा AI मॉडल स्टेट
Lucknow : सीएम योगी का विजन, AI का स्वास्थ्य क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा प्रयोग, देश के दूसरे प्रदेश भी ले सकें सीख, यूपी बनेगा AI मॉडल स्टेट

  • योगी सरकार प्रदेश को AI के क्षेत्र में मॉडल स्टेट के रूप में विकसित करने की दिशा में कर रही काम 
  • प्रदेश में AI के इस्तेमाल से शोध संस्थानों, तकनीकी कंपनियों और डोनर एजेंसियों के बीच सहयोग से नवाचार को मिल रही गति 
  • तकनीक का उपयोग आमजन तक बेहतर, सुलभ और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना योगी सरकार का उद्​देश्य

लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की स्पष्ट नीति और दूरदर्शी सोच से देश की सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। करीब 24 करोड़ जनसंख्या, विशाल ग्रामीण क्षेत्र और मातृ-शिशु स्वास्थ्य से लेकर गैर-संचारी रोगों तक फैली चुनौतियों के बीच प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था को तकनीक सक्षम और भविष्य के अनुरूप बनाया जा रहा है। यही वजह है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) स्वास्थ्य क्षेत्र में एक सशक्त सहायक उपकरण के रूप में उभर रहा है, जो निर्णय लेने, रोग की पहचान और उपचार की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहा है।

योगी सरकार ने अपने प्रयासों से देश-दुनिया को दिखा दिया है कि मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और फ्रंटलाइन वर्कर्स के समर्पण से AI स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बना सकता है। वहीं आने वाले समय में समान पहुंच और अन्य राज्यों के बीच समन्वय से आने वाले वर्षों में प्रदेश न केवल देश, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी AI आधारित सार्वजनिक स्वास्थ्य नवाचार का उदाहरण बन जाएगा। 

  • यूपी में है AI आधारित स्वास्थ्य सामधानों को जमीन पर उतारने की सबसे अधिक क्षमता

अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अमित कुमार घोष के अनुसार सीएम योगी का स्पष्ट विजन है कि तकनीक का उपयोग आमजन तक बेहतर, सुलभ और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए किया जाए। ऐसे में पिछले पौने नौ वर्षों में स्वास्थ्य ढांचे को मज़बूत करने के साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को भी प्राथमिकता दी गयी है। इसी परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश देश के उन अग्रणी राज्यों में शामिल है, जहां AI आधारित स्वास्थ्य समाधानों को जमीन पर उतारने की सबसे अधिक संभावनाएं मौजूद हैं। प्रदेश में करीब 10 लाख फ्रंटलाइन हेल्थ वर्कर, आशा, एएनएम, नर्स और डॉक्टर ग्रामीण से लेकर शहरी क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बने हुए हैं। इनके कामों को आसान और प्रभावी बनाने के लिए प्रदेश में कई बड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म सक्रिय हैं। इनमें हेल्थ मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (HMIS),रिप्रोडक्टिव एंड चाइल्ड हेल्थ (RCH)पोर्टल, निक्षय पोर्टल (टीबी नियंत्रण के लिए) और ई-संजीवनी जैसे प्लेटफॉर्म आज केवल डाटा संग्रह तक सीमित नहीं हैं, बल्कि नीति निर्माण, निगरानी और त्वरित निर्णय में अहम भूमिका निभा रहे हैं। यही डाटा AI आधारित समाधानों के लिए मजबूत आधार तैयार करता है।

  • उत्तर प्रदेश बना पूरे देश में सबसे अधिक टेलीकंसल्टेशन देने वाला राज्य

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को स्वास्थ्य सुधार का केंद्रीय स्तंभ बनाया है। ई-संजीवनी के माध्यम से टेलीमेडिसिन नेटवर्क का व्यापक विस्तार हुआ है। आज उत्तर प्रदेश पूरे देश में सबसे अधिक टेलीकंसल्टेशन देने वाला राज्य बन चुका है। यही नेटवर्क अब AI आधारित क्लिनिकल निर्णय को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। वर्तमान में AI आधारित क्लिनिकल डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (CDSS)प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और टेलीमेडिसिन सेवाओं में डॉक्टरों को इलाज के निर्णय लेने में मदद कर रहा है। यह सिस्टम मरीज के लक्षण, पूर्व इतिहास और उपलब्ध डाटा के आधार पर इलाज के विभिन्न विकल्प बताता है। इससे न केवल इलाज की गुणवत्ता में सुधार हो रहा है, बल्कि अधिक मरीजों वाले अस्पतालों में डॉक्टरों पर पड़ने वाला दबाव भी कम हो रहा है। सीएम योगी का मानना है कि AI डॉक्टर की जगह नहीं ले सकता, बल्कि उसे और सशक्त बनाता है। इसी सोच के तहत प्रदेश में AI को सहायक उपकरण के रूप में अपनाया जा रहा है।

  • AI से टीबी वाले इलाकों और मरीजों के समूह की हो रही पहचान

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की महानिदेशक डॉ. पिंकी जोवल ने बताया कि प्रदेश में टीबी से पीड़ित मरीजों की संख्या ठीक ठाक है। ऐसे में इसे देखते हुए योगी सरकार ने टीबी उन्मूलन को सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रखा है। निक्षय पोर्टल के साथ AI आधारित विश्लेषणात्मक टूल्स को जोड़कर उन इलाकों और मरीज समूहों की पहचान की जा रही है, जहां जोखिम अधिक है। मैपिंग और प्रारंभिक चेतावनी डॉक्टर्स को यह अनुमान लगाने में मदद कर रही है कि कहां अतिरिक्त संसाधनों और गहन निगरानी की आवश्यकता है। इससे केस सामने आने से पहले ही पहचान संभव हो रही है, जो सीएम योगी के रोकथाम ही सबसे बेहतर इलाज के विजन को मजबूती देती है। इसी के साथ योगी सरकार का मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करना प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। AI आधारित उपकरण उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की पहचान, समय पर रेफरल और नवजात देखभाल में मदद कर रहे हैं। वहीं, फ्रंटलाइन वर्कर्स को सरल डिजिटल संकेत मिलते हैं, जिससे वे समय रहते आवश्यक कदम उठा रहीं हैं।

  • प्रदेश में अपनाया जा रहा AI मॉडल पूरी तरह मानव केंद्रित

प्रदेश में गैर-संचारी रोग, विशेषकर डायबिटीज और उच्च रक्तचाप के मामले बढ़ रहे हैं। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5)के अनुसार देश में लगभग 6.5 प्रतिशत व्यस्क मधुमेह से ग्रस्त हैं। प्रदेश में AI सामुदायिक स्तर पर स्क्रीनिंग और शुरुआती पहचान को सशक्त बना रहा है। डायबिटिक रेटिनोपैथी की पहचान के लिए रेटिनल इमेज विश्लेषण जैसे पायलट प्रोजेक्ट्स ने यह दिखाया है कि AI से स्क्रीनिंग की पहुंच बढ़ाई जा सकती है और रेफरल सिस्टम को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। प्रदेश में अपनाया जा रहा AI मॉडल पूरी तरह मानव-केंद्रित है। इसमें आशा, एएनएम, नर्स और डॉक्टरों के अनुभव को केंद्र में रखकर तकनीक विकसित की जा रही है। प्रदेश में शुरुआती पायलट प्रोेजेक्ट से स्पष्ट हुआ है कि जब AI समाधान ज़मीनी जरूरतों के अनुरूप होते हैं, तो उन्हें सहजता से अपनाया जाता है। इससे प्रदेश में शोध संस्थानों, तकनीकी कंपनियों और डोनर एजेंसियों के बीच सहयोग से नवाचार को गति मिल रही है। योगी सरकार प्रदेश को AI के क्षेत्र में एक मॉडल स्टेट के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है, जिससे देश के दूसरे प्रदेश भी सीख ले सकें। इसके लिए स्वास्थ्य में नैतिक और समावेशी AI पर राष्ट्रीय दृष्टि, डाटा गुणवत्ता को मजबूत करना, AI समाधानों की वैधता के लिए स्पष्ट ढांचा और क्षमता निर्माण पर जोर दिया जा रहा है।

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