Lucknow : लम्पी रोग प्रभावित जिलों में टीकाकरण तेज करें, गौशालाओं में सीसीटीवी लगाएं: पशुधन मंत्री
मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पूर्वांचल के अन्य जिलों में लम्पी रोग के गोवंश प्रभावित होने की खबरें आ रही हैं, वहां विशेष ध्यान दें। जो जिले प्रभावित नहीं हैं, वहां से अति
लखनऊ : उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने मंगलवार को विधान भवन स्थित कार्यालय में लम्पी रोग की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने चंदौली, गोरखपुर, बलिया, देवरिया, कुशीनगर, बस्ती, गाजीपुर, सिद्धार्थनगर, मऊ, संत कबीरनगर तथा महराजगंज जैसे प्रभावित जिलों में लगातार टीकाकरण चलाने और अच्छी चिकित्सा सेवाएं देने के निर्देश दिए। इससे पशु जल्द ठीक हो सकें और किसानों व पशुपालकों को नुकसान न हो।
मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पूर्वांचल के अन्य जिलों में लम्पी रोग के गोवंश प्रभावित होने की खबरें आ रही हैं, वहां विशेष ध्यान दें। जो जिले प्रभावित नहीं हैं, वहां से अतिरिक्त अधिकारी व कर्मचारियों की टीमें प्रभावित जिलों में भेजें। मुख्यालय से नोडल अधिकारियों को टीकाकरण की रोज निगरानी करने और रिपोर्ट तुरंत भेजने को कहा।
बैठक में बताया गया कि प्रभावित जिलों में तेज टीकाकरण से रोग का प्रसार रुक गया है। प्रदेश में लम्पी त्वचा रोग नियंत्रण के लिए 61,80,000 खुराक वैक्सीन उपलब्ध कराई गई हैं। जिलों को कुल 27,18,900 खुराक वैक्सीन दी गई हैं। मुख्यालय पर 34,61,100 खुराक वैक्सीन उपलब्ध हैं।
पशुधन मंत्री ने गौआश्रय स्थलों की समीक्षा में कहा कि भुगतान में देरी न हो और कभी फर्जी भुगतान न हो। गौशालाओं में हरा चारा, भूसा, बिजली, दवा, पानी व अन्य सुविधाएं सुनिश्चित करें। गौशालाओं में सीसीटीवी कैमरे लगवाएं। गौसंरक्षण में लापरवाही न बरतें। पशुधन की बढ़ोतरी के लिए नस्ल सुधार व रोग नियंत्रण कार्यक्रम ठीक से चलाएं।
बैठक में पशुधन एवं दुग्ध विकास के प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम ने मंत्री को आश्वासन दिया कि निर्देशों का पूरा पालन होगा। गौआश्रय स्थलों पर सभी व्यवस्थाएं हो जाएंगी। उन्होंने अधिकारियों को गौआश्रय स्थलों का नियमित निरीक्षण, योजनाओं का अच्छा क्रियान्वयन, प्रचार-प्रसार और अधिक किसानों व पशुपालकों को योजनाओं का लाभ देने को कहा।
बैठक में पशुधन विकास विभाग के प्रमुख सचिव देवेंद्र पांडेय, पशुपालन विभाग के निदेशक योगेंद्र पवार, निदेशक रोग नियंत्रण एवं क्षेत्र डॉ. राजीव सक्सेना, संयुक्त निदेशक डॉ. पी.के. सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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