Lucknow : सीएम के हाथों सम्मान पाकर खिले महिला आरक्षियों के चेहरे, योगी ने रिक्रूट आरक्षियों को दिया सेवा और सुरक्षा का मंत्र
इस दीक्षांत परेड की सबसे खास बात नारी शक्ति का अभूतपूर्व प्रदर्शन रहा। परेड की कमान महिला रिक्रूट आरक्षियों के हाथों में रही, जिसे देखकर वहां मौजूद हर कोई मंत्रमुग्ध हो गया। परेड कमांडर प्रथम के रूप में महिला रिक्रूट आरक्षी नेहा यादव ने टुकड़ियों का नेतृत्व
नेहा यादव बनीं सर्वांग सर्वोत्तम आरक्षी, डीजीपी ने नए जवानों को दिलाई संविधान और जनसेवा की शपथ
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित पुलिस लाइन के मैदान में आज का दिन बेहद खास और गौरवशाली रहा। नागरिक पुलिस के रिक्रूट आरक्षियों के दीक्षांत परेड समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण पूरा करने वाले नए जवानों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी। परेड ग्राउंड में चारों ओर अनुशासन और समर्पण का माहौल दिखाई दे रहा था। जब मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले आरक्षियों को पुरस्कृत किया, तो पूरे मैदान में तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी। यह क्षण उन युवा आरक्षियों के लिए जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि जैसा था, जिन्होंने कड़े प्रशिक्षण के बाद आज पुलिस बल का अभिन्न हिस्सा बनने का गौरव प्राप्त किया।
इस दीक्षांत परेड की सबसे खास बात नारी शक्ति का अभूतपूर्व प्रदर्शन रहा। परेड की कमान महिला रिक्रूट आरक्षियों के हाथों में रही, जिसे देखकर वहां मौजूद हर कोई मंत्रमुग्ध हो गया। परेड कमांडर प्रथम के रूप में महिला रिक्रूट आरक्षी नेहा यादव ने टुकड़ियों का नेतृत्व किया, जबकि परेड कमांडर द्वितीय के रूप में रिया सिंह कुशवाहा और तृतीय कमांडर के रूप में कुमारी सोनम ने अपनी भूमिका बखूबी निभाई। महिला आरक्षियों के इस नेतृत्व कौशल ने यह संदेश दिया कि उत्तर प्रदेश पुलिस में अब बेटियां न केवल सुरक्षा का जिम्मा संभाल रही हैं, बल्कि हर मोर्चे पर अपनी काबिलियत का लोहा भी मनवा रही हैं। मुख्यमंत्री ने महिला आरक्षियों के इस प्रदर्शन की सराहना करते हुए इसे सशक्त उत्तर प्रदेश की एक जीवंत तस्वीर बताया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में आरक्षियों को ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि पुलिस की वर्दी केवल एक वस्त्र नहीं है, बल्कि यह आम जनता के विश्वास और सुरक्षा का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने विजेता आरक्षियों को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इसमें महिला आरक्षी नेहा यादव ने सबसे अधिक तीन पुरस्कार जीतकर अपनी मेधा का परिचय दिया। उन्हें 'सर्वांग सर्वोत्तम' (ऑलराउंड बेस्ट) का खिताब भी मिला। इसके अलावा सोनम ने दो और रिया सिंह कुशवाहा ने एक पुरस्कार प्राप्त किया। मुख्यमंत्री के हाथों पुरस्कार पाकर इन आरक्षियों के चेहरों पर मुस्कान और भविष्य के प्रति एक नई ऊर्जा साफ देखी जा सकती थी।
नेहा यादव का शानदार प्रदर्शन
दीक्षांत परेड के दौरान महिला आरक्षी नेहा यादव आकर्षण का केंद्र रहीं। उन्होंने 'अंतः विषय' (इनडोर) में पूरे कोर्स में टॉप किया और इसके साथ ही 'सर्वांग सर्वोत्तम पुरस्कार' पर भी कब्जा जमाया। नेहा ने परेड की कमान संभालते हुए अपने नेतृत्व क्षमता का भी परिचय दिया। उनके इस प्रदर्शन ने साबित कर दिया कि समर्पण और कड़ी मेहनत से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने सभी नवनियुक्त आरक्षियों को देश के संविधान और विधि द्वारा स्थापित नियमों के प्रति निष्ठा की शपथ दिलाई। डीजीपी ने जवानों को याद दिलाया कि उनका प्राथमिक कर्तव्य पीड़ितों को न्याय दिलाना और अपराधियों के मन में कानून का भय पैदा करना है। शपथ ग्रहण के दौरान आरक्षियों का जोश देखते ही बन रहा था। सामूहिक स्वर में ली गई इस शपथ ने वातावरण को देशभक्ति और सेवा भाव से सराबोर कर दिया। डीजीपी ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिह्न भेंट कर उनका आभार व्यक्त किया और विश्वास दिलाया कि यह नया बैच प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में सहायक सिद्ध होगा।
प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न विषयों में अव्वल आने वाले आरक्षियों की सूची में कुमारी सोनम का नाम भी प्रमुखता से उभरा। सोनम ने 'वाह्य विषय' (आउटडोर) में समग्र कोर्स में टॉप करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। उन्हें उनकी शारीरिक दक्षता और मैदान पर दिखाए गए कौशल के लिए दो पुरस्कार प्रदान किए गए। प्रशिक्षण के कठिन दौर को सफलतापूर्वक पार कर इन महिला आरक्षियों ने यह दिखाया है कि वे कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अपना धैर्य नहीं खोतीं। परेड के दौरान जवानों के कदमताल और शस्त्र संचालन की सटीकता ने उनके उच्च स्तरीय प्रशिक्षण की गुणवत्ता को भी प्रदर्शित किया, जिसे देखकर अधिकारियों ने उनकी काफी प्रशंसा की। दीक्षांत परेड के समापन पर आरक्षियों के परिवारजन भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। अपने बच्चों को खाकी वर्दी में सजा देख कई माता-पिता की आंखें नम हो गईं। मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में इस बात पर भी जोर दिया कि प्रदेश सरकार पुलिस बल के आधुनिकीकरण और सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर काम कर रही है। उन्होंने नए जवानों से उम्मीद जताई कि वे तकनीक का प्रयोग कर अपराध नियंत्रण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे। समारोह के अंत में सभी आरक्षियों ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों का अभिवादन किया। यह दीक्षांत समारोह न केवल प्रशिक्षण की समाप्ति का प्रतीक था, बल्कि उत्तर प्रदेश पुलिस के गौरवशाली इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जैसा था।
Also Click : Sambhal : सम्भल में टायर फैक्ट्री में भीषण आग, दो घंटे तक धधकता रहा गोदाम - पांच दमकल गाड़ियों ने पाया काबू
What's Your Reaction?









