मुजफ्फरनगर- देर से ड्यूटी आने पर टोकने पर सहकर्मियों ने डिप्टी मैनेजर की निर्मम हत्या, मुठभेड़ में तीन आरोपी गिरफ्तार

छपार टोल प्लाजा मुजफ्फरनगर शहर से करीब 15 किलोमीटर दूर दिल्ली-देहरादून हाईवे पर स्थित है। यहां रोजाना हजारों वाहनों का आवागमन होता है। प्लाजा का संचाल

By INA News Desk
Sep 21, 2025 - 13:16
70 Views
मुजफ्फरनगर- देर से ड्यूटी आने पर टोकने पर सहकर्मियों ने डिप्टी मैनेजर की निर्मम हत्या, मुठभेड़ में तीन आरोपी गिरफ्तार
मुजफ्फरनगर- देर से ड्यूटी आने पर टोकने पर सहकर्मियों ने डिप्टी मैनेजर की निर्मम हत्या, मुठभेड़ में तीन आरोपी गिरफ्तार
Advertisement
Advertisement

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे-58 पर स्थित छपार टोल प्लाजा पर एक मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया। गुरुवार रात दो टोल कर्मचारियों को ड्यूटी पर देर से आने के लिए डांटने पर नाराज होकर उन्होंने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर डिप्टी मैनेजर अरविंद पांडे की बेरहमी से हत्या कर दी। पहले मैनेजर मुकेश चौहान और अरविंद पर हमला किया, फिर अरविंद को अपहरण कर मेरठ ले जाकर चाकू से गोद दिया। शव को जानी थाना क्षेत्र के भोला झाल के पास झाड़ियों में फेंक दिया गया। मैनेजर मुकेश चौहान गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने शुक्रवार देर रात मेरठ-मुजफ्फरनगर बॉर्डर पर मुठभेड़ के दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। दैनिक भास्कर, हिंदुस्तान और आजतक जैसी संस्थाओं ने इस घटना की विस्तृत रिपोर्टिंग की, जहां एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि आरोपी शराब पीकर ड्यूटी पर आए थे और टोकने पर भड़क गए। यह घटना टोल प्लाजा पर सुरक्षा की कमी को उजागर कर रही है।

छपार टोल प्लाजा मुजफ्फरनगर शहर से करीब 15 किलोमीटर दूर दिल्ली-देहरादून हाईवे पर स्थित है। यहां रोजाना हजारों वाहनों का आवागमन होता है। प्लाजा का संचालन एक निजी कंपनी करती है, जहां लगभग 20-25 कर्मचारी तैनात हैं। अरविंद पांडे 30 वर्ष के थे और चंदौली जिले के रहने वाले। वे पिछले दो साल से डिप्टी मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। मैनेजर मुकेश चौहान भी उत्तर प्रदेश के ही निवासी हैं। गुरुवार दोपहर करीब चार बजे शुभम और शिव मलिक नामक दो कर्मचारी शराब के नशे में ड्यूटी पर देर से पहुंचे। अरविंद ने उन्हें डांटा और कहा कि ड्यूटी समय पर आओ, अन्यथा कार्रवाई होगी। इस पर दोनों भड़क गए। उन्होंने अरविंद और मुकेश से गाली-गलौज की और प्लाजा से फरार हो गए। हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, प्लाजा के अन्य कर्मचारियों ने बताया कि शुभम और शिव अक्सर नशे में आते थे, लेकिन इस बार विवाद बढ़ गया।

रात करीब दो बजे शुभम, शिव मलिक और उनके तीन साथी प्रदीप, विक्की और सोनू एकर्टिगा कार से प्लाजा के गेस्ट हाउस पर पहुंचे। गेस्ट हाउस में सो रहे अरविंद पर अचानक हमला कर दिया। लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटा। बीच-बचाव करने पहुंचे मुकेश चौहान पर भी तमंचा तान दिया। मुकेश ने बताया कि उन्होंने चिल्लाकर अन्य कर्मचारियों को जगाया, लेकिन आरोपी अरविंद को जबरन कार में डालकर फरार हो गए। मुकेश को सिर और हाथों में गंभीर चोटें आईं, उन्हें मुजफ्फरनगर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। आजतक की रिपोर्ट में मुकेश ने कहा कि आरोपी नशे में थे और गालियां बकते हुए बोले कि डांटने का अंजाम भुगतो। प्लाजा पर तैनात एक अन्य कर्मचारी ने बताया कि हमने पुलिस को सूचना दी, लेकिन रात होने से देरी हो गई।

आरोपी अरविंद को मेरठ ले गए। वहां जानी थाना क्षेत्र के भोला झाल के पास गंगनहर की पटरी पर कार रोक ली। अरविंद को बाहर निकालकर चाकू से कई वार किए। मौत हो गई। शव को झाड़ियों में फेंककर फरार हो गए। शुक्रवार सुबह प्लाजा कर्मचारियों ने अरविंद के गायब होने की सूचना पुलिस को दी। छपार थाना प्रभारी ने तुरंत तलाशी अभियान शुरू किया। दोपहर तक मेरठ पुलिस को शव मिल गया। पोस्टमार्टम में पुष्टि हुई कि चाकू के वारों से मौत हुई। अमर उजाला की खबर के अनुसार, शव पर 10 से ज्यादा चाकू के निशान थे। अरविंद के परिजनों को सूचना दी गई। चंदौली से उनके परिवार वाले मुजफ्फरनगर पहुंचे। पत्नी ने रोते हुए कहा कि अरविंद परिवार का इकलौता कमाने वाला था। दो छोटे बच्चे हैं। हम गरीब हैं, न्याय चाहिए।

पुलिस ने तुरंत एफआईआर दर्ज की। मुकेश चौहान की तहरीर पर आईपीसी की धारा 302, 307, 364, 506 और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने विशेष टीम गठित की। मुखबिरों से सूचना मिली कि आरोपी मेरठ-मुजफ्फरनगर बॉर्डर पर फरार हैं। शुक्रवार देर रात सिसौना रोड के पास संदिग्ध कार को रोका। आरोपी ने गोली चलाई। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ में शुभम और शिव मलिक के पैर में गोली लगी। प्रदीप को भी गिरफ्तार किया। कार, तमंचा, कारतूस और चाकू बरामद हुए। टाइम्स नाउ नवभारत की रिपोर्ट में एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत ने कहा कि दो घायल आरोपियों का इलाज चल रहा है। बाकी फरारों की तलाश जारी है। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि नशे में गुस्सा आ गया।

घटना के बाद प्लाजा पर हड़कंप मच गया। शनिवार सुबह कर्मचारियों ने काम बंद कर धरना दे दिया। मुआवजे और सुरक्षा की मांग की। कंपनी ने अरविंद के परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया। दैनिक जागरण के अनुसार, धरना दोपहर तक चला। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि जांच होगी। स्थानीय लोगों ने कहा कि टोल प्लाजा पर सुरक्षा कम है। रात में अकेले कर्मचारी रहते हैं। यह पहली घटना नहीं है। पहले भी छोटे-मोटे विवाद हुए हैं। वन अधिकारी ने कहा कि कंपनी को सीसीटीवी और गार्ड बढ़ाने चाहिए। मुजफ्फरनगर एसएसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि टोल क्षेत्र में पेट्रोलिंग बढ़ाएंगे। कोई भी अपराधी बख्शा नहीं जाएगा।

अरविंद के परिवार वाले न्याय के लिए भटक रहे हैं। पिता ने कहा कि बेटा मेहनती था। नशा करने वालों को सजा दो। कंपनी ने परिवार को नौकरी का भरोसा दिया। लेकिन गुस्सा ठंडा नहीं हो रहा। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो गए, जहां मुठभेड़ और शव मिलने के फुटेज शेयर हो रहे। लोग कमेंट्स में लिख रहे हैं कि नशे पर सख्ती हो। एक यूजर ने कहा, टोल पर सुरक्षा क्यों नहीं। यह घटना समाज को सोचने पर मजबूर कर रही है। काम की जगह पर अनुशासन जरूरी है, लेकिन हिंसा का कोई स्थान नहीं। पुलिस की तत्परता से तीन गिरफ्तार हुए, लेकिन न्याय तक लंबा सफर है।

Also Click : Amroha : अमरोहा में गंगा एक्सप्रेसवे पर पुलिस और गौ तस्करों की मुठभेड़, दो आरोपी गिरफ्तार

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

Advertisement
Advertisement