राजसमंद देलवाड़ा टोल प्लाजा पर थार सवार बदमाशों का तांडव: पुलिस पर हमला, बैरिकेड तोड़कर फरार, CCTV में कैद।
राजस्थान के राजसमंद जिले में देलवाड़ा टोल प्लाजा पर एक सनसनीखेज घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रविवार रात करीब दस बजे थार गाड़ी में सवार चार बदमाशों
राजस्थान के राजसमंद जिले में देलवाड़ा टोल प्लाजा पर एक सनसनीखेज घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रविवार रात करीब दस बजे थार गाड़ी में सवार चार बदमाशों ने टोल कर्मचारियों से विवाद के बाद पुलिसकर्मियों पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की। उन्होंने हथियार लहराकर धमकी दी, बैरिकेड तोड़े और फरार हो गए। स्थानीय पुलिस ने जवाब में हवा में फायरिंग की, लेकिन आरोपी पकड़े न जा सके। पूरी घटना टोल प्लाजा के सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। यह घटना राजस्थान के टोल प्लाजाओं पर बढ़ती गुंडागर्दी की एक कड़ी है, जहां टैक्स वसूली को लेकर अक्सर झड़पें होती रहती हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर छापेमारी शुरू कर दी है, लेकिन स्थानीय लोग सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।
देलवाड़ा टोल प्लाजा उदयपुर-जयपुर नेशनल हाईवे-48 पर स्थित है। यह राजसमंद शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर है और रोजाना सैकड़ों वाहनों का आवागमन होता है। रविवार रात थार गाड़ी नंबर आरजे 31 टीए 1234 टोल गेट पर पहुंची। चालक ने टैक्स देने से इनकार कर दिया। टोल कर्मचारी ने नियमों का हवाला देकर वाहन रोका। इससे भड़के बदमाशों ने कर्मचारियों से गाली-गलौज शुरू कर दी। एक कर्मचारी ने बताया कि वे चारों युवक थे, उम्र 25 से 30 साल के बीच। उन्होंने कहा कि टोल ज्यादा है, हम नहीं देंगे। विवाद बढ़ा तो कर्मचारियों ने पुलिस को फोन किया। राजसमंद ग्रामीण थाने की टीम मौके पर पहुंची।
पुलिस ने वाहन सीज करने की कोशिश की। लेकिन बदमाशों ने थार स्टार्ट कर दी और पुलिसकर्मी पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि थार तेजी से आगे बढ़ रही है और एक कांस्टेबल बाल-बाल बचता है। फिर बदमाशों ने गाड़ी से उतरकर कुल्हाड़ी और लोहे की रॉड लहराई। उन्होंने चिल्लाया, रुको तो मार देंगे। पुलिस ने घेराबंदी की, लेकिन बदमाश बैरिकेड तोड़कर हाईवे पर भाग निकले। थाने के एसएचओ ने हवा में दो राउंड फायर किए। इससे इलाके में दहशत फैल गई। आसपास के यात्री डर के मारे छिप गए। टोल मैनेजर ने कहा कि बैरिकेड क्षतिग्रस्त हो गए, मरम्मत में लाखों का नुकसान।
बदमाशों की पहचान अभी नहीं हो सकी। प्रारंभिक जांच में पता चला कि थार राजसमंद के नटवरलाल की है, जो स्थानीय गुंडा है। वह और उसके साथी टोल चोरी के लिए कुख्यात हैं। पुलिस का कहना है कि वे हाईवे पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर घूमते हैं। एक स्थानीय ने बताया कि ये लोग अक्सर टोल से बचने के लिए रात में आते हैं। इस बार पुलिस की मौजूदगी ने उन्हें भड़का दिया। एसपी ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर स्केच बनाए जा रहे हैं। पड़ोसी जिलों में अलर्ट जारी है। अगर पकड़े गए तो आर्म्स एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई होगी।
यह घटना राजस्थान में टोल प्लाजाओं पर बढ़ते अपराधों की याद दिलाती है। जून 2025 में अलवर के बहाला टोल पर भी थार सवार बदमाशों ने कर्मचारियों पर हमला किया था। वहां मामराज मीणा और उसके भाई ने गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की, एक कर्मचारी घायल हुआ। पुलिस ने बाद में उन्हें गिरफ्तार किया। इसी तरह, फरवरी 2025 में मध्य प्रदेश के भिंड में ऊमरी टोल पर नकाबपोश बदमाशों ने फायरिंग की, दो कर्मचारी घायल हुए। राजस्थान में ही कुचामन टोल पर जून में बदमाशों ने तोड़फोड़ की। ये घटनाएं दिखाती हैं कि टोल वसूली पर विवाद आम हो गया है। विशेषज्ञ कहते हैं कि डिजिटल टोल सिस्टम से ऐसी समस्याएं कम हो सकती हैं। लेकिन राजस्थान में अभी मैनुअल सिस्टम ज्यादा है।
स्थानीय लोग नाराज हैं। देलवाड़ा गांव के सरपंच ने कहा कि हाईवे पर रात में पेट्रोलिंग कम है। टोल पर सीसीटीवी हैं, लेकिन तुरंत रिस्पॉन्स नहीं। एक दुकानदार ने बताया कि हम डरते हैं, लेकिन आवाज नहीं उठा पाते। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल है। एक यूजर ने लिखा, पुलिस फायरिंग के बावजूद भाग गए, व्यवस्था क्या है। वीडियो में थार की स्पीड और बदमाशों का रौब साफ दिख रहा। पुलिस ने अपील की कि कोई जानकारी हो तो बताएं। इनाम का ऐलान किया है।
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