Viral News: पर्यटक की गड्डी छीनकर पेड़ से बरसाए 500 रुपये के नोट, वायरल हुआ वीडियो, कोडैकनाल में बंदर की चोरी और नोटों की बारिश।
तमिलनाडु के मशहूर हिल स्टेशन कोडैकनाल में 14 जून 2025 को एक अनोखी और मजेदार घटना घटी, जिसने सोशल मीडिया पर तहलका....
तमिलनाडु के मशहूर हिल स्टेशन कोडैकनाल में 14 जून 2025 को एक अनोखी और मजेदार घटना घटी, जिसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया। कोडैकनाल के गुना केव्स के पास एक बंदर ने कर्नाटक से आए एक पर्यटक के बैग से 500 रुपये के नोटों की गड्डी छीन ली और पेड़ पर चढ़ गया। इसके बाद बंदर ने एक-एक करके नोटों को नीचे फेंकना शुरू किया, जिससे सड़क पर नोटों की बारिश जैसी स्थिति बन गई। इस हैरान करने वाली घटना का वीडियो पर्यटकों ने अपने फोन में कैद कर लिया, जो 16 जून 2025 को सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
14 जून 2025 को सुबह करीब 10 बजे, कोडैकनाल के गुना केव्स के पास पर्यटकों की भीड़ थी। यह क्षेत्र, जो मलयालम फिल्म मंजुम्मेल बॉयज़ की रिलीज के बाद और भी लोकप्रिय हो गया है, हर साल लाखों पर्यटकों को आकर्षित करता है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, इस गर्मी में गुना केव्स में 5 लाख से अधिक पर्यटक आए। इसी दौरान, कर्नाटक के बेंगलुरु से आए एक पर्यटक, 35 वर्षीय सुदर्शन (बदला हुआ नाम), अपने दोस्तों के साथ गुना केव्स का दौरा कर रहे थे। उनके बैग में नकद राशि थी, जिसमें 500 रुपये के नोटों की कई गड्डियां शामिल थीं।
अचानक, एक बंदर तेजी से आया और सुदर्शन के बैग से एक गड्डी छीनकर पास के पेड़ पर चढ़ गया। आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक, गड्डी में लगभग 50,000 रुपये थे, जो रबर बैंड से बंधे थे। बंदर ने पेड़ की ऊंची डाल पर बैठकर गड्डी को खोलना शुरू किया और एक-एक करके नोट नीचे फेंकने लगा। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद पर्यटक हैरान रह गए और कई ने अपने फोन निकालकर इस घटना को रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया। कुछ नोट हवा में उड़ते हुए पास की नदी में गिर गए, जबकि बाकी सड़क पर बिखर गए। सुदर्शन और उनके दोस्तों ने अन्य पर्यटकों की मदद से बिखरे नोटों को इकट्ठा किया, लेकिन कुछ नोटों का नुकसान हो गया।
16 जून 2025 को यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। NDTV ने इसे शेयर करते हुए लिखा, “कोडैकनाल में एक बंदर ने पर्यटक से 500 रुपये के नोटों की गड्डी छीनी और पेड़ पर चढ़कर नोट फेंकने लगा।” X पर @aajtak ने पोस्ट किया, “कोडैकनाल के गुना केव्स के पास एक बंदर ने कर्नाटक से आए पर्यटकों से 500 रुपये के नोटों की गड्डी छीनी और पेड़ पर चढ़कर नोटों को एक-एक कर नीचे फेंक दिया।” इस वीडियो को लाखों व्यूज और हजारों रीपोस्ट मिले। @oneindiaHindi ने लिखा, “तमिलनाडु के कोडैकनाल में बंदर ने टूरिस्ट से छीना ₹500 के नोटों का बंडल, एक-एक करके हवा में उड़ाने लगा नोट।”
लोगों ने इस वीडियो पर मजेदार टिप्पणियां कीं। @VikramIndolia ने लिखा, “कैश सचमुच पेड़ से गिर रहा है! कोडैकनाल में बंदर ने नोटों की बारिश कर दी।” कुछ यूजर्स ने इसे वृंदावन के बंदरों से तुलना की, जो अक्सर पर्यटकों से सामान छीनकर बदले में फ्रूटी मांगते हैं। @AnilYadavmedia1 ने मजाक में लिखा, “ये बंदर था, इसलिए इसे नहीं मालूम था कि इतने रुपयों से ये जीवन भर फल-फ्रूट खा सकता।”
कोडैकनाल में बंदरों की शरारत कोई नई बात नहीं है। फ्री प्रेस जर्नल के अनुसार, गुना केव्स और अन्य पर्यटन स्थलों पर बंदर अक्सर पर्यटकों के बैग, खाने का सामान, और मोबाइल फोन छीन लेते हैं। पिछले साल, एक व्लॉगर डैनियल जैनराज ने गुना केव्स में बंदरों द्वारा हमला किए जाने का वीडियो शेयर किया था, जिसमें उन्होंने पर्यटकों को सावधान रहने की सलाह दी। इंडिया टुडे ने बताया कि बंदरों ने पहले भी स्नैक्स, चश्मे, और यह तक कि गहने चुराए हैं।
2020 में, तंजावुर जिले में एक बुजुर्ग महिला से बंदरों ने 25,000 रुपये नकद और सोने के गहने चुरा लिए थे। इसी तरह, 2019 में कानपुर के एक टोल बूथ पर एक बंदर ने 5,000 रुपये की गड्डी चुराई थी, जो सीसीटीवी में कैद हुआ था। कोडैकनाल में बंदरों की बढ़ती शरारतों ने स्थानीय प्रशासन और वन विभाग के सामने एक गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है।
इस घटना के बाद पर्यटकों ने कोडैकनाल में बंदरों की समस्या को नियंत्रित करने की मांग की है। तमिल वनइंडिया ने लिखा, “पर्यटक अब वन अधिकारियों से बंदरों की शरारतों पर नियंत्रण और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।” सुदर्शन ने न्यूज24 को बताया, “मैंने बैग को कसकर पकड़ा था, लेकिन बंदर इतना तेज था कि मैं कुछ कर ही नहीं सका। हमें नहीं पता था कि गुना केव्स में बंदर इतने शरारती हैं।”
कई पर्यटकों ने सुझाव दिया कि गुना केव्स जैसे भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और पर्यटकों को अपने सामान की सुरक्षा के लिए जागरूक किया जाए। कुछ ने यह भी मांग की कि वन विभाग बंदरों को पर्यटन स्थलों से दूर रखने के लिए कदम उठाए।
कोडैकनाल वन विभाग के एक अधिकारी ने ETV भारत को बताया कि बंदरों की शरारतें पर्यटकों द्वारा उन्हें खाना खिलाने और जंगल क्षेत्रों में अतिक्रमण के कारण बढ़ी हैं। उन्होंने कहा, “पर्यटकों को सलाह दी जाती है कि वे बंदरों को खाना न दें और अपने सामान को सुरक्षित रखें। हम गुना केव्स में गश्त बढ़ाने और जागरूकता अभियान चलाने की योजना बना रहे हैं।” वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि बंदरों को पकड़कर दूसरी जगह ले जाना समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि पर्यटकों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
यह घटना हास्यप्रद होने के साथ-साथ कोडैकनाल जैसे पर्यटन स्थलों की चुनौतियों को भी उजागर करती है। द हिंदू ने 2015 में कोडैकनाल के पर्यावरणीय मुद्दों पर एक लेख में बताया था कि पर्यटन के बढ़ने से स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र पर दबाव बढ़ा है। बंदरों की शरारतें इस दबाव का एक हिस्सा हैं, क्योंकि पर्यटकों के खाने और कचरे ने उन्हें मानव बस्तियों के करीब ला दिया है।
सोशल मीडिया पर इस वीडियो ने लोगों को हंसाने के साथ-साथ पर्यटन स्थलों पर जिम्मेदार व्यवहार की जरूरत को भी रेखांकित किया। @WebduniaHindi ने लिखा, “यह वीडियो मजेदार है, लेकिन यह हमें सिखाता है कि हमें पर्यटन स्थलों पर सावधानी बरतनी चाहिए।” 2023 में, उत्तर प्रदेश के रामपुर में एक बंदर ने 1 लाख रुपये का बैग चुराकर पेड़ पर लटका दिया था, जिसे बाद में लोगों ने वापस लिया। वृंदावन में बंदरों की शरारतें तो मशहूर हैं, जहां वे चश्मे और मोबाइल छीनकर बदले में खाना मांगते हैं। कोडैकनाल की यह घटना इन सभी से अलग है, क्योंकि बंदर ने न केवल चोरी की, बल्कि नोटों की बारिश कर दी।
कोडैकनाल में बंदर द्वारा नोटों की गड्डी चुराकर पेड़ से बरसाने की यह घटना एक मजेदार और अनोखी कहानी है, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का मनोरंजन किया। यह वीडियो न केवल हंसी का कारण बना, बल्कि यह पर्यटन स्थलों पर बंदरों की शरारतों और पर्यटकों की सुरक्षा पर भी सवाल उठाता है। सुदर्शन को अपने नोटों का कुछ नुकसान हुआ, लेकिन अन्य पर्यटकों की मदद से उन्होंने अधिकांश राशि वापस पा ली।
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