Hathras : नीट पेपर लीक सरकार की नाकामी का नतीजा- शरद उपाध्याय नंदा
उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में प्रिंटिंग प्रेस, कोचिंग सेंटर, डॉक्टर और सरकारी अधिकारी मिले हुए हैं और सत्ता के सहयोग के बिना इतना बड़ा घोटाला मुमकिन नहीं है। उन्होंने कहा कि सीबीआई की जांच में जिस माफिया का पता चल रहा है, वह भ्रष्ट तंत्र
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव शरद उपाध्याय नंदा ने नीट यूजी पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि यह केवल पेपर लीक का मामला नहीं है, बल्कि पूरी सरकारी व्यवस्था के फेल होने का सबूत है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना सरकार की लापरवाही के कारण हुई है। शरद उपाध्याय नंदा के अनुसार, पेपर लीक की वजह से 22 लाख से ज्यादा छात्रों की मेहनत और युवाओं के सपने टूट गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि गैस पेपर के सवाल असली परीक्षा के पेपर से कैसे मिल गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में प्रिंटिंग प्रेस, कोचिंग सेंटर, डॉक्टर और सरकारी अधिकारी मिले हुए हैं और सत्ता के सहयोग के बिना इतना बड़ा घोटाला मुमकिन नहीं है। उन्होंने कहा कि सीबीआई की जांच में जिस माफिया का पता चल रहा है, वह भ्रष्ट तंत्र की तरफ इशारा करता है। उन्होंने बताया कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार युवाओं के हक के लिए लड़ रहे हैं और दोषियों को बचाए जाने का मुद्दा उठा रहे हैं। शरद उपाध्याय नंदा ने मांग की है कि एनटीए को तुरंत खत्म किया जाए, पेपर लीक करने वाले माफिया पर सख्त कार्रवाई हो और दोषियों को उम्रकैद की सजा मिले। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की सख्त जरूरत है और युवाओं को अपने भविष्य के लिए खुद आवाज उठानी होगी।
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