मसूरी में दो समुदायों के विवाद का हुआ पटाक्षेप, समझौते के बाद सफाई कर्मचारियों ने खत्म की हड़ताल। 

पर्यटन नगरी मसूरी में दो समुदायों के बीच हुए विवाद के बाद उत्पन्न तनाव अब शांत हो गया है। वाल्मीकि समाज और

May 15, 2026 - 15:40
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मसूरी में दो समुदायों के विवाद का हुआ पटाक्षेप, समझौते के बाद सफाई कर्मचारियों ने खत्म की हड़ताल। 
मसूरी में दो समुदायों के विवाद का हुआ पटाक्षेप, समझौते के बाद सफाई कर्मचारियों ने खत्म की हड़ताल। 
  • पालिका अध्यक्ष बोलीं- दो युवकों के विवाद को दिया गया राजनीतिक रंग
  • वाल्मीकि समाज ने भाईचारे की अपील करते हुए कहा- मसूरी की एकता को कोई नहीं तोड़ सकता

रिपोर्टर सुनील सोनकर   
मसूरी। पर्यटन नगरी मसूरी में दो समुदायों के बीच हुए विवाद के बाद उत्पन्न तनाव अब शांत हो गया है। वाल्मीकि समाज और नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों द्वारा किए गए कार्य बहिष्कार को समाप्त कर दिया गया है। पालिका प्रशासन, दोनों समुदायों के वरिष्ठ लोगों और समाज के प्रतिनिधियों की बैठक के बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गयज्ञं समझौते के बाद शहर की सफाई व्यवस्था एक बार फिर पटरी पर लौट आई है। बताया जा रहा है कि विवाद में शामिल दोनों युवकों के बीच आपसी सहमति बन गई है और दोनों ने एक-दूसरे को माफीनामा भी सौंपा है।

मामले को लेकर नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा कि यह विवाद दो युवकों के बीच हुआ था, लेकिन कुछ लोगों ने इसे दो समुदायों का विवाद बताकर राजनीतिक रंग देने का प्रयास किया, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मसूरी भाईचारे और आपसी सौहार्द का शहर है, जहां सभी समुदाय वर्षों से मिलजुल कर रहते आए हैं। ऐसे में छोटी घटनाओं को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करना और शहर की व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करना उचित नहीं है। पालिका अध्यक्ष ने कहा कि वाल्मीकि समाज हमेशा से नगर पालिका की “रीढ़ की हड्डी” रहा है और आगे भी रहेगा। उन्होंने कहा कि नगर पालिका प्रशासन हमेशा अपने स्वच्छता कर्मचारियों के हितों और सम्मान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहा है। मीरा सकलानी ने चेतावनी देते हुए कहा कि कुछ लोग अनावश्यक राजनीति कर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ऐसे प्रयास सफल नहीं होने दिए जाएंगे। उन्होंने सभी लोगों से मिलजुल कर शहर को स्वच्छ, सुंदर और प्रदेश में अलग पहचान दिलाने के लिए सकारात्मक सोच के साथ काम करने की अपील की।

वहीं वाल्मीकि उत्थान सभा मसूरी के अध्यक्ष निरंजन लाल ने कहा कि पिछले कुछ समय से वाल्मीकि समाज के लोगों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि मसूरी हमेशा से भाईचारे का शहर रहा है, जहां सभी धर्म और समुदाय के लोग एक साथ रहते हैं। उन्होंने सभी लोगों से एक-दूसरे की जाति और धर्म का सम्मान करने की अपील की। साथ ही कहा कि यदि भविष्य में किसी भी वाल्मीकि समाज या अन्य समाज के व्यक्ति के साथ अन्याय हुआ तो सभी अनुसूचित जाति समाज और वाल्मीकि समाज एकजुट होकर उसका विरोध करेंगे। निरंजन लाल ने कहा कि नगर पालिका की सफाई व्यवस्था पूरी तरह उनके समाज के लोगों के कंधों पर टिकी हुई है। ऐसे में शहर को स्वच्छ बनाए रखना उनकी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने बताया कि अब हड़ताल समाप्त कर दी गई है और सभी कर्मचारी पुनः अपने कार्य पर लौट आए हैं। बैठक के बाद दोनों समुदायों के लोगों ने आपसी सौहार्द बनाए रखने और भविष्य में किसी भी विवाद को बातचीत के माध्यम से सुलझाने पर सहमति जताई। वहीं प्रशासन ने भी लोगों से अफवाहों से बचने और शांति बनाए रखने की अपील की है।
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