Lucknow : गांवों में बढ़ेगी आजीविका, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए पंद्रह अरब रुपये से अधिक का बजट मंजूर
सरकार की ओर से जारी आदेश में साफ कहा गया है कि इस पैसे को सरकारी खजाने से एक साथ नहीं निकाला जाएगा, बल्कि जरूरत के हिसाब से अलग-अलग चरणों में निकाला जाएगा। पैसे को निकालने और खर्च करने में इस योजना से जुड़े सभी नियमों और समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के बाद राज्य सरकार ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत एक बड़ी राशि को मंजूरी दे दी है। नए वित्तीय वर्ष के लिए केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से कुल पंद्रह अरब उन्तीस करोड़ इक्यानबे लाख रुपये से ज्यादा का बजट जारी किया गया है। इस पूरी रकम को ग्राम्य विकास आयुक्त की देखरेख में खर्च करने की अनुमति कुछ जरूरी शर्तों के साथ दी गई है।
सरकार की ओर से जारी आदेश में साफ कहा गया है कि इस पैसे को सरकारी खजाने से एक साथ नहीं निकाला जाएगा, बल्कि जरूरत के हिसाब से अलग-अलग चरणों में निकाला जाएगा। पैसे को निकालने और खर्च करने में इस योजना से जुड़े सभी नियमों और समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करना जरूरी होगा। योजना के तहत तय किए गए कामों को समय पर पूरा करने और उनकी जांच करने की पूरी जिम्मेदारी ग्राम्य विकास आयुक्त और राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के निदेशक की होगी।
इस जारी किए गए बजट का सही इस्तेमाल करने और काम पूरा होने के बाद उसका उपयोगिता प्रमाण पत्र देने की जिम्मेदारी भी इन्हीं अधिकारियों को सौंपी गई है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि इस पैसे को किसी ऐसे बैंक खाते में रखा जाता है जहां ब्याज मिलता है, तो उस ब्याज को नियमों के अनुसार सरकारी खाते में जमा कराया जाएगा। योजना के लिए जरूरी सामान और उपकरण खरीदने के लिए सरकारी खरीद नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा। उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि इस बजट को खर्च करते समय वित्तीय नियमों का पूरा ध्यान रखा जाए और फिजूलखर्ची बिल्कुल न की जाए।
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