मुजफ्फरनगर में पहचान छिपाकर नाबालिग का अपहरण करने वाले शातिर की पुलिस से मुठभेड़, जवाबी कार्रवाई में पैर में लगी गोली।
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली और सांप्रदायिक संवेदनशीलता से जुड़ी एक बेहद
- नई मंडी कोतवाली पुलिस की त्वरित कार्रवाई से टला बड़ा धर्मांतरण संकट, भोपा पुल के पास युवती को छोड़ भागने की फिराक में था आरोपी
- सहावली गांव के पास घेराबंदी के दौरान पुलिस पार्टी पर किया जानलेवा हमला, आत्मरक्षा में पुलिस की फायरिंग में घायल हुआ अभियुक्त
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली और सांप्रदायिक संवेदनशीलता से जुड़ी एक बेहद गंभीर घटना सामने आई है। यहाँ के नई मंडी कोतवाली क्षेत्र में अपनी असली धार्मिक पहचान छिपाकर एक हिंदू नाबालिग युवती का अपहरण करने और उसका जबरन धर्म परिवर्तन कराकर निकाह करने के इरादे से भगा ले जाने वाले एक शातिर अपराधी की पुलिस के साथ सीधी और भीषण मुठभेड़ हो गई। इस मुठभेड़ के दौरान खुद को पुलिस के चक्रव्यूह में पूरी तरह से घिरता देख शातिर अपराधी ने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस पार्टी पर ही सीधे जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस बल ने भी अपनी आत्मरक्षा में और अपराधी को काबू में करने के लिए तुरंत जवाबी कार्रवाई करते हुए मोर्चा संभाला। दोनों तरफ से हुई इस साहसिक गोलीबारी में शातिर अभियुक्त पैर में गोली लगने के कारण गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा, जिसे बाद में पुलिस ने अपनी कस्टडी में लेकर इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
इस पूरे सनसनीखेज मामले की शुरुआत मुजफ्फरनगर के नई मंडी कोतवाली इलाके से हुई थी, जहां आरोपी ने इस घिनौनी वारदात को अंजाम देने के लिए एक बेहद सोची-समझी साजिश रची थी। आरोपी की पहचान मोनू उर्फ शाहरुख के रूप में हुई है, जिसने अपनी असली मुस्लिम पहचान को पूरी तरह से छिपाकर एक हिंदू नाम 'मोनू' का इस्तेमाल किया ताकि वह इलाके की एक नाबालिग हिंदू युवती को अपने जाल में फंसा सके। आरोपी का मुख्य उद्देश्य पीड़िता को बहला-फुसलाकर उसका अपहरण करना और बाद में उसका अवैध रूप से धर्म परिवर्तन करवाकर उससे निकाह रचाना था। इस मामले की भनक जैसे ही पीड़िता के परिजनों को लगी, उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। परिजनों ने बिना कोई समय गंवाए गुरुवार को इस पूरे मामले की लिखित शिकायत नई मंडी कोतवाली पुलिस को सौंपी, जिस पर पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत एक्शन लिया। उत्तर प्रदेश में जबरन धर्म परिवर्तन, पहचान छिपाकर की जाने वाली शादियों और नाबालिगों के खिलाफ होने वाले अपराधों को लेकर कानून बेहद सख्त हैं। उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत अपनी पहचान छिपाकर या धोखा देकर किसी का धर्म परिवर्तन कराने के उद्देश्य से किया गया कोई भी कृत्य एक गैर-जमानती और अत्यंत गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है, जिसमें कड़ी सजा और भारी जुर्माने का स्पष्ट प्रावधान किया गया है।
नई मंडी कोतवाली पुलिस ने पीड़ित परिवार की तहरीर पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी मोनू उर्फ शाहरुख के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की विभिन्न अत्यंत गंभीर और गैर-जमानती धाराओं के तहत एक नियमित मुकदमा दर्ज कर लिया। मुकदमा दर्ज होते ही जिला पुलिस महकमे के उच्चाधिकारियों के निर्देश पर आरोपी की अविलंब गिरफ्तारी और नाबालिग युवती की सुरक्षित बरामदगी के लिए पुलिस की कई विशेष टीमों और सर्विलांस सेल को काम पर लगा दिया गया। पुलिस की इस भारी सक्रियता और चारों तरफ शुरू हुई नाकेबंदी के कारण आरोपी के भीतर कानून का खौफ इस कदर बैठ गया कि वह पूरी तरह से घबरा गया। मुकदमा दर्ज होने के महज दो घंटे बाद ही पुलिस को अपने खुफिया तंत्र से यह पुख्ता सूचना मिली कि आरोपी पुलिस के बढ़ते दबाव और एनकाउंटर के डर से नाबालिग युवती को शहर के भोपा पुल के पास छोड़कर अकेले ही कहीं दूर भागने की फिराक में है।
इस सटीक और खुफिया इनपुट के मिलते ही नई मंडी कोतवाली पुलिस के प्रभारी अपनी पूरी टीम और स्वाट दस्ते के साथ तुरंत हरकत में आ गए और उन्होंने बिना कोई समय गंवाए भोपा पुल और उसके आसपास के तमाम संभावित निकास मार्गों की घेराबंदी शुरू कर दी। पुलिस टीम जब आरोपी का पीछा करते हुए सहावली गांव के लिंक रोड के पास पहुंची, तो वहां एक संदिग्ध बाइक सवार तेजी से भागता हुआ दिखाई दिया। पुलिस ने जब उसे रुकने का इशारा किया, तो उसने अपनी मोटरसाइकिल की रफ्तार और तेज कर दी। पुलिस पार्टी ने अपनी गाड़ियों को आगे बढ़ाकर जब सहावली गांव के पास उसे चारों तरफ से पूरी तरह घेर लिया, तो खुद को कानून के शिकंजे में फंसा देख शातिर अभियुक्त ने अपनी कमर से अवैध तमंचा निकाला और पुलिस टीम पर सीधी फायरिंग झोंक दी।
अभियुक्त द्वारा अचानक की गई इस जानलेवा फायरिंग से पुलिस कर्मियों के बीच हड़कंप मच गया और गोली सीधे पुलिस की गाड़ी के पास से होकर गुजरी, जिससे पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए। स्थिति को हाथ से निकलता देख और अपने बचाव के लिए पुलिस टीम के जांबाज सिपाहियों ने तुरंत रणनीतिक मोर्चा संभाला और आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग शुरू की। पुलिस की ओर से की गई इस अनुशासित और सटीक फायरिंग में एक गोली सीधे शातिर अभियुक्त मोनू उर्फ शाहरुख के पैर में जाकर लगी, जिससे वह लहुलूहान होकर अपनी मोटरसाइकिल सहित सड़क किनारे झाड़ियों में गिर पड़ा। उसके गिरते ही पुलिस टीम ने बिना कोई मौका गंवाए उसे अपनी गिरफ्त में ले लिया और उसके पास से वारदात में इस्तेमाल किया गया अवैध असलहा, कई जिंदा कारतूस और एक खोखा बरामद किया।
मुठभेड़ की इस बड़ी घटना के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम भी तुरंत सहावली गांव के घटना स्थल पर पहुंच गई और वहां से वैज्ञानिक साक्ष्य एवं खोके एकत्र किए। पुलिस कस्टडी में घायल हुए आरोपी शाहरुख को तुरंत इलाज के लिए नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। वहीं दूसरी ओर, पुलिस की एक अन्य विशेष विंग ने भोपा पुल के पास से डरी-सहमी अवस्था में खड़ी उस नाबालिग हिंदू युवती को भी पूरी तरह से सुरक्षित और सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस अब नियमानुसार पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराने और अदालत के समक्ष उसके बयान दर्ज कराने की विधिक प्रक्रिया को पूरा करने में जुट गई है।
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