शामली में पुलिस का साहसिक ऑपरेशन: 1 लाख के इनामी कुख्यात अपराधी नफीस उर्फ मुदा मुठभेड़ में ढेर, फरार साथी की तलाश तेज।
उत्तर प्रदेश के शामली जिले में अपराध के खिलाफ पुलिस की सख्ती का एक और उदाहरण सामने आया है। कांधला थाना क्षेत्र के भभीसा गांव के घने जंगलों में शनिवार तड़के हुई
शामली: उत्तर प्रदेश के शामली जिले में अपराध के खिलाफ पुलिस की सख्ती का एक और उदाहरण सामने आया है। कांधला थाना क्षेत्र के भभीसा गांव के घने जंगलों में शनिवार तड़के हुई जोरदार मुठभेड़ में 1 लाख रुपये के इनामी कुख्यात बदमाश नफीस उर्फ मुदा को गोली लगने से मौके पर ही मार गिराया गया। उसके खिलाफ जनपद शामली में कुल 34 से अधिक गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज थे,जिनमें हत्या, लूट, डकैती, गैंगस्टर एक्ट, जानलेवा हमला और नकली करेंसी की तस्करी जैसे संगीन अपराध शामिल हैं। नफीस नकली नोटों के कारोबार में विशेष रूप से कुख्यात था।
पुलिस अधीक्षक (एसपी) एनपी सिंह ने बताया कि कांधला थाना प्रभारी सतीश कुमार के नेतृत्व में भभीसा चौकी पर रूटीन चेकिंग के दौरान दो संदिग्ध बाइक पर सवार होकर आते दिखे। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन बदमाशों ने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी और जंगल की ओर भागने लगे। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आत्मरक्षा में फायरिंग की, जिसमें नफीस को दो गोलीें लगीं। घायल अवस्था में उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। थाना प्रभारी सतीश कुमार बाल-बाल बच गए, क्योंकि बदमाशों की एक गोली उनकी बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी।
एसपी ने इस कार्रवाई को अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा बताया।मुठभेड़ स्थल से पुलिस ने महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं। नफीस के कब्जे से एक .32 बोर की पिस्टल (जिसमें एक खोखा और पांच जिंदा कारतूस), एक .315 बोर का तमंचा (दो खोखा कारतूस सहित) और एक मोटरसाइकिल जब्त की गई। ये हथियार अवैध थे और बदमाशों की वारदातों के लिए इस्तेमाल होते थे। नफीस का एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया, जिसकी तलाश में एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) की टीमें जंगल और आसपास के इलाकों में छापेमारी कर रही हैं।
एसपी सिंह ने कहा,नफीस लंबे समय से फरार था और तीन मामलों में विशेष रूप से वांछित। उसके सफाये से इलाके में अपराध की जड़ें कमजोर होंगी। फरार साथी को जल्द पकड़ लेंगे। नफीस उर्फ मुदा कांधला कस्बे के मोहल्ला खेल का निवासी था। वह थाने का हिस्ट्रीशीटर था और नकली करेंसी के रैकेट में कई बार सुर्खियों में रहा। उसके गैंग ने शामली और आसपास के जिलों में कई लूटपाट की घटनाओं को अंजाम दिया था। सूत्रों के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि नफीस अपने साथियों के साथ किसी बड़ी वारदात की साजिश रच रहा था। इस सूचना पर कांधला पुलिस ने जंगल क्षेत्र में घेराबंदी की, जो सफल रही।
यह घटना यूपी पुलिस के ताबड़तोड़ एनकाउंटर अभियान का हिस्सा है। हाल ही में मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और अन्य जिलों में भी इनामी बदमाशों को घेरा गया। एसपी ने इलाके में सघन चेकिंग और कॉम्बिंग ऑपरेशन तेज करने के निर्देश दिए हैं। स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। एक ग्रामीण ने कहा, नफीस जैसे अपराधी इलाके में दहशत फैलाते थे। पुलिस का यह कदम शांति बहाल करने वाला है।पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की मजिस्ट्रेटीय पूछताछ शुरू हो गई है। फरार बदमाश की गिरफ्तारी के बाद और खुलासे होने की संभावना है। शामली पुलिस अपराध मुक्त जिले बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।
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