Mussoorie: मसूरी में धरने की चेतावनी पर जागा प्रशासन, मसूरी के लिए फिर चलीं रोडवेज बसें।
मसूरी में एक महीने से बंद पड़ी मसूरी और यमुनोत्री रूट की रोडवेज बसें आखिरकार फिर से चल पड़ी हैं। लेकिन यह प्रशासन की मेहरबानी नहीं, बल्कि आम जनता और आंदोलनकारियों
रिपोर्टर सुनील सोनकर
मसूरी में एक महीने से बंद पड़ी मसूरी और यमुनोत्री रूट की रोडवेज बसें आखिरकार फिर से चल पड़ी हैं। लेकिन यह प्रशासन की मेहरबानी नहीं, बल्कि आम जनता और आंदोलनकारियों की चेतावनी का असर है। लोगों ने जब सड़क पर उतरने और बड़ा आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया, तो हड़कंप मच गया। घबराए प्रशासन को आनन-फानन में सुबह 10 बजे से बसें चलवानी पड़ीं। करीब एक महीने से मसूरी जाने वाली रोडवेज बसें बंद थीं। वजह बताई जा रही थी कि सड़क खराब है। लेकिन स्थानीय लोगों और नेताओं का कहना है कि सड़क पहले जैसी ही है, तो अब बसें कैसे चलने लगीं? फिर इतने दिन तक बस सेवा क्यों रोकी गई? धरने की चेतावनी मिलते ही प्रशासन हरकत में आया।
प्रदर्शनकारी रोडवेज ऑफिस पहुंचे तो बसें पहले से ही चालू हो चुकी थीं। फिर भी लोगों ने वहीं एक सभा की और साफ कह दिया कि अगर अब दोबारा बस सेवा रोकी गई, तो उग्र आंदोलन होगा। सभा में प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारेबाजी की और तीन बड़ी मांगें रखीं जिसमें मसूरी और यमुनोत्री के लिए रोडवेज बसें नियमित चलें। छोटी बसों में सभी प्रकार के पास मान्य हों। लोक निर्माण विभाग एक हफ्ते में मसूरी रोड को पूरी तरह दुरुस्त करे। सभा में लोगों ने लोक निर्माण विभाग के खिलाफ भी जमकर प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों का कहना है कि एक महीना बीत जाने के बाद भी सड़क की हालत वैसी की वैसी है। लोगों को सफर में परेशानी, व्यापार में नुकसान और बच्चों की पढ़ाई तक पर असर पड़ा। सभा के बाद प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम मसूरी के माध्यम से जिलाधिकारी को तीन सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। इसमें उन्होंने अपनी तीनों मांगों को स्पष्ट रूप से रखा और कहा कि अगर एक हफ्ते के अंदर सुधार नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन होगा।
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