सिलीगुड़ी में पीएम मोदी की हुंकार: बंगाल में भ्रष्टाचार और कुशासन के अंत का किया आह्वान, 'डबल इंजन' सरकार को बताया विकास की एकमात्र चाबी।

आगामी विधानसभा चुनाव को बंगाल के भविष्य का निर्णायक मोड़ बताते हुए प्रधानमंत्री ने जनता से अपील की कि वे निडर होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग और सुरक्षा बल निष्पक्ष चुनाव

By INA News Desk
Apr 12, 2026 - 14:17
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सिलीगुड़ी में पीएम मोदी की हुंकार: बंगाल में भ्रष्टाचार और कुशासन के अंत का किया आह्वान, 'डबल इंजन' सरकार को बताया विकास की एकमात्र चाबी।
सिलीगुड़ी में पीएम मोदी की हुंकार: बंगाल में भ्रष्टाचार और कुशासन के अंत का किया आह्वान, 'डबल इंजन' सरकार को बताया विकास की एकमात्र चाबी।

  • उत्तर बंगाल की धरती से प्रधानमंत्री का तृणमूल कांग्रेस पर बड़ा प्रहार, बोले- 'सिंडिकेट राज' और 'टोलाबाजी' ने छीना युवाओं का भविष्य, अब परिवर्तन तय।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सिलीगुड़ी रैली में उमड़ा जनसैलाब, बंगाल की पहचान और सुरक्षा के लिए भाजपा के संकल्प को दोहराया, शरणार्थियों को नागरिकता का दिया भरोसा।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के चुनावी रण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर बंगाल के सिलीगुड़ी में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रदेश की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत दिया है। सिलीगुड़ी के कावाखाली मैदान में आयोजित इस रैली में प्रधानमंत्री ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार पर बेहद तीखे प्रहार किए और राज्य में व्याप्त भ्रष्टाचार को जनता के सामने रखा। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बंगाल की जनता अब उस दमनकारी शासन से मुक्ति चाहती है जिसने दशकों से इस गौरवशाली राज्य की प्रगति को रोक रखा है। उन्होंने उत्तर बंगाल की विशिष्ट समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि इस क्षेत्र को हमेशा से विकास की मुख्यधारा से अलग रखने की कोशिश की गई है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार इस भेदभाव को समाप्त करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। रैली में उमड़ी भारी भीड़ ने यह संदेश दिया कि राज्य के राजनीतिक समीकरणों में इस बार उत्तर बंगाल की भूमिका निर्णायक होने वाली है।

प्रधानमंत्री ने प्रदेश की सत्ताधारी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि राज्य में सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग केवल विपक्ष को दबाने और अपनी राजनीतिक जमीन बचाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में विकास की योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचने से पहले ही बिचौलियों और सत्ता के करीबियों की जेबों में चला जाता है। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से केंद्रीय योजनाओं को राज्य में लागू न होने देने की नीति की आलोचना की और कहा कि आयुष्मान भारत जैसी स्वास्थ्य योजनाओं और किसान सम्मान निधि के लाभ से बंगाल के गरीब परिवारों को केवल इसलिए वंचित रखा गया क्योंकि राज्य सरकार को इसमें अपना राजनीतिक श्रेय कम होता दिख रहा था। उन्होंने केंद्र सरकार के उस संकल्प को दोहराया जिसमें 'सबका साथ, सबका विकास' की भावना निहित है और कहा कि बंगाल के हर घर को नल से जल और हर गरीब को पक्का घर देना उनकी प्राथमिकता है, लेकिन इसमें राज्य सरकार का असहयोग सबसे बड़ी बाधा बनकर उभरा है।

उत्तर बंगाल की आर्थिक रीढ़ माने जाने वाले चाय बागान श्रमिकों की समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए प्रधानमंत्री ने एक महत्वपूर्ण रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि चाय बागान में काम करने वाले भाई-बहनों का कल्याण भाजपा के एजेंडे में सबसे ऊपर है। उन्होंने पूर्ववर्ती और वर्तमान सरकारों पर आरोप लगाया कि उन्होंने दशकों तक चाय श्रमिकों के हितों की अनदेखी की है, लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार ने उनके वेतन, स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए विशेष बजट का प्रावधान किया है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि सिलीगुड़ी और आसपास के क्षेत्रों को पर्यटन और व्यापार के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि उत्तर बंगाल का सामरिक महत्व बहुत अधिक है और यहाँ की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता है। उन्होंने घुसपैठ और सीमावर्ती क्षेत्रों में होने वाली अवैध गतिविधियों को राज्य की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया और इसके लिए सत्ताधारी दल की तुष्टिकरण की नीति को जिम्मेदार ठहराया।

रैली के मुख्य अंश: प्रधानमंत्री ने अपने भाषण के दौरान सिलीगुड़ी में कल शाम हुए 15 किलोमीटर लंबे भव्य रोड शो का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से छोटे बच्चों और युवाओं ने सड़कों पर आकर उनका स्वागत किया, वह इस बात का प्रमाण है कि बंगाल की नई पीढ़ी अब हिंसा की राजनीति को छोड़कर विकास के नए युग में प्रवेश करना चाहती है। उन्होंने एक एम्बुलेंस को रास्ता देने के लिए अपने काफिले को रोकने की घटना का स्मरण करते हुए मानवता और सेवा को राजनीति से ऊपर बताया।

प्रदेश के युवाओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल कभी देश को शिक्षा और संस्कृति की राह दिखाता था, लेकिन आज यहाँ का युवा रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि राज्य में होने वाली भर्ती परीक्षाओं में जिस तरह के घोटाले सामने आए हैं, उसने योग्य युवाओं के मनोबल को तोड़ दिया है। प्रधानमंत्री ने वादा किया कि राज्य में भाजपा की सरकार बनते ही पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी और औद्योगिक निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जाएगा ताकि युवाओं को अपने ही घर में सम्मानजनक रोजगार मिल सके। उन्होंने 'डबल इंजन' सरकार की अवधारणा को समझाते हुए कहा कि जब केंद्र और राज्य में एक ही विचारधारा की सरकार होगी, तो विकास की रफ्तार कई गुना बढ़ जाएगी और दिल्ली से भेजा गया एक-एक पैसा सीधे लाभार्थी के खाते में पहुंचेगा।

सुरक्षा और पहचान के मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और शरणार्थियों के अधिकारों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जो लोग दशकों से यहाँ शरणार्थी के रूप में रह रहे हैं, उन्हें सम्मान और अधिकार देना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है और भाजपा इसे पूरा करके रहेगी। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग केवल वोट बैंक की राजनीति के लिए लोगों को डराने और गुमराह करने का काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि बंगाल की संस्कृति और अस्मिता की रक्षा के लिए समान नागरिक संहिता (UCC) जैसे कदम आवश्यक हैं ताकि तुष्टिकरण की राजनीति का अंत हो सके और सभी को समान न्याय मिल सके। उन्होंने बंगाल की माताओं और बहनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि संदेशखाली जैसी घटनाएं राज्य के माथे पर कलंक हैं और ऐसी अराजकता को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

आगामी विधानसभा चुनाव को बंगाल के भविष्य का निर्णायक मोड़ बताते हुए प्रधानमंत्री ने जनता से अपील की कि वे निडर होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग और सुरक्षा बल निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए तैनात हैं और जनता को किसी भी धमकी से डरने की जरूरत नहीं है। प्रधानमंत्री ने स्थानीय बोली में संवाद करते हुए लोगों का दिल जीतने की कोशिश की और कहा कि 'सोनार बांग्ला' का सपना तभी साकार होगा जब राज्य से भ्रष्टाचार की जड़ों को पूरी तरह उखाड़ फेंका जाएगा। उन्होंने सिलीगुड़ी को उत्तर-पूर्व का प्रवेश द्वार बताते हुए कहा कि यहाँ की कनेक्टिविटी को सुधारने के लिए हजारों करोड़ रुपये के निवेश वाली सड़क और रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है, जिसका लाभ आने वाले समय में पूरे क्षेत्र के व्यापार और वाणिज्य को मिलेगा।

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