Sambhal : सम्भल पर आचार्य प्रमोद कृष्णम् का बड़ा बयान, 'सनातन पर हुई साजिश, सम्भल को कश्मीर न बनने दे सरकार'
उन्होंने दावा किया कि चालीस साल तक सम्भल की राजनीति पर एकतरफा हुकूमत रही, जिसमें सांप्रदायिक दंगे, हिंदुओं का दमन और धार्मिक गतिविधियों पर रोक जैसी घ
Report : उवैस दानिश, सम्भल
कल्कि धाम पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने सम्भल की स्थिति को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सम्भल पर वर्षों से योजनाबद्ध तरीके से हमले किए गए हैं और इसे लगातार निशाना बनाया गया। आचार्य ने कहा कि जैसे अयोध्या में भगवान राम का मंदिर तोड़ा गया था, उसी प्रकार सम्भल के मंदिरों को भी तोड़ा गया, क्योंकि मान्यता है कि वहां भगवान प्रकट होंगे।
आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने सम्भल को लेकर हालात को बेहद भयावह बताया। उनका आरोप है कि आजादी के बाद से सम्भल में “तालिबानी हुकूमत” जैसी स्थिति रही। मंदिर तोड़ने, जागरण रोकने और हिंदुओं पर अत्याचार की घटनाओं को उन्होंने सम्भल की स्थानीय राजनीति की देन बताया। आचार्य ने कहा कि सम्भल पर आई रिपोर्ट के मुताबिक फिलहाल यहां करीब 15 प्रतिशत हिंदू आबादी बची है, और यदि 2027 में दूसरी सरकार सत्ता में आई तो यह संख्या पांच प्रतिशत भी नहीं रहेगी।
उन्होंने दावा किया कि चालीस साल तक सम्भल की राजनीति पर एकतरफा हुकूमत रही, जिसमें सांप्रदायिक दंगे, हिंदुओं का दमन और धार्मिक गतिविधियों पर रोक जैसी घटनाएं आम रहीं। आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने कहा कि यह सब सनातन धर्म को कमजोर करने और हिन्दू समाज को भयभीत करने की बड़ी साजिश का हिस्सा था।
योगी आदित्यनाथ सरकार की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा शासन में हिन्दुओं का मनोबल बढ़ा है और सुरक्षा को लेकर विश्वास जगा है। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मजबूत सुरक्षा इंतज़ाम नहीं किए तो सम्भल से भी कश्मीर की तरह हिन्दुओं का पलायन शुरू हो सकता है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि सम्भल में हिन्दुओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, मंदिरों की रक्षा हो और किसी भी तरह के दमनकारी तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
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