Sambhal : चंदौसी मेले की ड्यूटी पर आते समय हादसे का शिकार हुए कांस्टेबल, नाले में गिरने से दर्दनाक मौत
काफी मशक्कत के बाद कांस्टेबल को नाले से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। शव को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर
Report : उवैस दानिश, सम्भल
चंदौसी मेले में ड्यूटी पर तैनात एक कांस्टेबल की ड्यूटी आते समय दर्दनाक मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब सड़क पर जलभराव के कारण उनकी बाइक फिसल गई और वह नाले में जा गिरे। नाला गहरा होने के कारण उन्हें बाहर नहीं निकाला जा सका और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इस घटना से पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई है। जानकारी के अनुसार मृतक कांस्टेबल का नाम रजनीश कुमार था। वह चंदौसी मेले में मुंशी के तौर पर ड्यूटी कर रहे थे। सोमवार सुबह वह ड्यूटी पर बाइक पर सवार होकर आ रहे थे। उसी दौरान बारिश के चलते सड़क पर पानी भर गया था। बताया जाता है कि पानी में सड़क दिखाई नहीं दे रही थी, ऐसे में उनकी बाइक अचानक फिसल गई और वह संतुलन खोकर पप्पू सेठ की धर्मशाला के नाले में जा गिरे। नाले की गहराई 20 फीट और 10 फीट चौड़ाई होने के कारण उन्हें बाहर निकालना मुश्किल हो गया।
आसपास मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद बचाव अभियान चलाया गया। काफी मशक्कत के बाद कांस्टेबल को नाले से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। शव को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे की खबर मिलते ही पुलिस अधिकारी और सहकर्मी अस्पताल पहुंचे। सभी की आंखों में अपने साथी को खोने का गम साफ झलक रहा था। अधिकारियों ने बताया कि मृतक कांस्टेबल रजनीश कुमार के शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
कृष्ण कुमार विश्नोई, एसपी सम्भल
इसके बाद पुलिस विभाग की ओर से उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी। मृतक कांस्टेबल रजनीश कुमार ग्राम पुरैनी थाना नगीना जिला बिजनौर के रहने वाले थे। इस घटना से पुलिस परिवार में गहरा शोक व्याप्त है। साथी कर्मचारियों का कहना है कि रजनीश कर्तव्यनिष्ठ और मिलनसार स्वभाव के थे। उनकी अचानक हुई मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। वहीं, स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से मांग की है कि शहर और कस्बों में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसे दोबारा न हों। यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि बरसात के दौरान सड़क और नालों पर सुरक्षा इंतजाम क्यों नहीं किए जाते। अगर समय रहते व्यवस्थाएं सुधारी जातीं, तो शायद एक होनहार कांस्टेबल की जान बचाई जा सकती थी।
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