Sambhal : अखिल भारतीय प्रतिरोध दिवस पर किसानों का सांकेतिक धरना, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन, मांगे पूरी न होने पर धरने की चेतावनी
ज्ञापन में किसानों और मजदूरों ने कहा कि दिल्ली किसान आंदोलन की समाप्ति के समय सरकार द्वारा किए गए वादे आज तक पूरे नहीं हुए हैं। इसके उलट ऐसी नीतियां, कानून और योज
Report : उवैस दानिश, सम्भल
संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के आह्वान पर घोषित अखिल भारतीय प्रतिरोध दिवस के अवसर पर ऑल इंडिया किसान खेत संगठन के तत्वाधान में किसानों एवं खेत-मजदूरों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। संगठन के जिलाध्यक्ष सोमपाल सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ता नई तहसील सम्भल पहुंचे, जहां सांकेतिक धरना-प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की गई। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार सम्भल को सौंपा गया।
ज्ञापन में किसानों और मजदूरों ने कहा कि दिल्ली किसान आंदोलन की समाप्ति के समय सरकार द्वारा किए गए वादे आज तक पूरे नहीं हुए हैं। इसके उलट ऐसी नीतियां, कानून और योजनाएं लागू की जा रही हैं, जो खेती-किसानी और श्रमिक हितों के खिलाफ हैं। इन नीतियों के दूरगामी दुष्परिणाम देश की कृषि व्यवस्था और ग्रामीण आजीविका पर पड़ रहे हैं। साथ ही, लंबे संघर्ष के बाद मिले श्रम अधिकारों को समाप्त कर चार श्रम संहिताएं लागू कर दी गई हैं, जिससे श्रमिक पूंजीपतियों और मालिक वर्ग पर निर्भर होते जा रहे हैं।
किसान नेताओं ने राष्ट्रपति से संवैधानिक दायरे में हस्तक्षेप कर इन ज्वलंत समस्याओं के समाधान की मांग की। ज्ञापन में प्रमुख मांगों में सभी फसलों की खरीद लागत का C2+50% पर एमएसपी सुनिश्चित करने और इसकी कानूनी गारंटी, विद्युत विधेयक 2025, बीज विधेयक 2025 और ग्रामीण रोजगार आजीविका मिशन अधिनियम 2025 को वापस लेने की मांग शामिल है।
इसके अलावा अमेरिका के साथ एफटीए पर हस्ताक्षर रोकने, कृषि बाजार से जुड़ी प्रस्तावित नीति निरस्त करने, किसानों व खेत-मजदूरों के ऋण माफ करने, मुफ्त स्वास्थ्य जांच-उपचार, गुणवत्तापूर्ण सरकारी शिक्षा, चारों श्रम संहिताएं रद्द करने और 60 वर्ष की आयु पर न्यूनतम 10 हजार रुपये मासिक पेंशन की मांग रखी गई। किसानों ने उम्मीद जताई कि उनकी न्यायसंगत मांगों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। मांगे पूरी न होने पर धरने की चेतावनी दी गई है।
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