Agra : सिविल एयरपोर्ट परियोजना को गति देने के लिए कमेटी गठित, मंडलायुक्त हर 15 दिन में करेंगे समीक्षा
आगरा सिविल एयरपोर्ट परियोजना मंडल की सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में से एक है, जो स्थानीय लोगों के जीवन से सीधे जुड़ी है। वर्तमान में खेरिया एयरपोर्ट
आगरा में सिविल एयरपोर्ट परियोजना के निर्माण कार्य को गति देने के लिए शासन ने मंडलायुक्त की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की है। यह कमेटी हर 15 दिन में परियोजना की प्रगति की समीक्षा करेगी ताकि कार्य निर्धारित समय पर पूरा हो सके। यह परियोजना दो चरणों में 579 करोड़ रुपये की लागत से 160 एकड़ जमीन पर बनाई जा रही है। पहले चरण में 51.57 एकड़ जमीन पर 343.40 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कार्य चल रहा है। परियोजना का लक्ष्य 2026 तक इसे पूरी तरह कार्यशील करना है।
सिविल सोसाइटी ऑफ आगरा ने इस कमेटी के गठन को महत्वपूर्ण कदम बताया है। संगठन के सचिव अनिल शर्मा ने कहा कि इससे नौकरशाही के कारण होने वाली देरी को कम किया जा सकेगा। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि परियोजना से प्रभावित अभयपुरा, बल्हेरा और धनौली ग्राम सभाओं की बुनियादी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बिचपुरी क्षेत्र पंचायत और ग्रामीण अभियंत्रण सेवा को कार्ययोजना तैयार करनी चाहिए। यदि सड़क निर्माण के लिए धनराशि आवंटित हो चुकी है, तो मानसून समाप्त होते ही प्रशासन को तुरंत कार्य शुरू करना चाहिए।
यह कमेटी 2014 के बाद इस परियोजना के लिए गठित पहली समिति है। इसका गठन आगरा सिविल एयरपोर्ट के निर्माण को तेज करने और इससे जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए किया गया है। इस कमेटी में मंडलायुक्त के अलावा जिलाधिकारी आगरा, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के महानिदेशक (परियोजना), लोक निर्माण विभाग, वन विभाग, राज्य विद्युत बोर्ड और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के जिला स्तरीय प्रतिनिधि शामिल हैं। शासन ने निर्देश दिए हैं कि यह कमेटी हर महीने दो बार बैठक कर परियोजना की प्रगति की समीक्षा करेगी।
आगरा सिविल एयरपोर्ट परियोजना मंडल की सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में से एक है, जो स्थानीय लोगों के जीवन से सीधे जुड़ी है। वर्तमान में खेरिया एयरपोर्ट का सिविल एन्क्लेव वायुसेना परिसर में होने के कारण आम लोगों की पहुंच से बाहर है। पर्यटन से जुड़े ट्रैवल एजेंट, होटल संचालक, एयरलाइंस और व्यवसाय के लिए बाहर रहने वाले आगरा के लोग इस परियोजना को जल्द पूरा करने की मांग कर रहे हैं। सिविल सोसाइटी ऑफ आगरा का मानना है कि यह एयरपोर्ट बनने के बाद उत्तर प्रदेश का सबसे व्यस्त और लाभकारी हवाई अड्डा होगा।
सिविल सोसाइटी ऑफ आगरा ने यह भी मांग की है कि बिचपुरी विकास खंड के बल्हेरा, अभयपुरा, धनौली और मलपुरा गांवों को महानगर सीमा विस्तार योजना से अलग रखा जाए। इन गांवों में न तो सीवर लाइन है और न ही पानी की पाइप लाइन। इन गांवों को मिलाकर एक अलग टाउन एरिया बनाया जाना चाहिए। संगठन ने इस संबंध में सांसद नवीन जैन को एक कार्ययोजना सौंपी है।
सिविल सोसाइटी ऑफ आगरा के अध्यक्ष शिरोमणि सिंह ने सुझाव दिया कि धनौली, अभयपुरा, बल्हेरा और सिविल एयरपोर्ट क्षेत्र के सीवर और ड्रेनेज जल निकासी के लिए समय रहते सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और ट्रंक सीवर लाइन बनाई जाए। अनियोजित ड्रेनेज के लिए स्थानीय जल निकासी तंत्र को प्रभावी करते हुए एक बड़ा तालाब बनाया जाए, जहां से गंदे पानी को पंप कर नाले में डाला जा सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि अनट्रीटेड सीवर या ड्रेनेज को किसी नहर में नहीं डाला जाना चाहिए।
सिविल सोसाइटी ऑफ आगरा के प्रतिनिधियों ने परियोजना के जनरल मैनेजर अनूप श्रीवास्तव से मुलाकात कर पहले चरण के निर्माण को समय पर पूरा करने की मांग की। धनौली के ग्रामीणों ने संगठन को बताया कि मानसून के दौरान जलभराव की समस्या गंभीर है और जल निकासी के लिए बनाया गया नाला अप्रभावी साबित हुआ है। खेरिया मोड़ पर बारिश शुरू होते ही पानी भरने लगता है।
सिविल सोसाइटी ऑफ आगरा का मानना है कि यह परियोजना न केवल आगरा के पर्यटन और व्यवसाय को बढ़ावा देगी, बल्कि स्थानीय समुदाय की समस्याओं के समाधान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। संगठन ने प्रशासन से अपील की है कि इस परियोजना को प्राथमिकता देकर समय पर पूरा किया जाए ताकि आगरा को एक आधुनिक और कार्यशील हवाई अड्डा मिल सके।
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