MP News: निगम में भृष्टाचार का एक और मामला - संभागीय प्रबंधक ने 13 मई को चोपना रेंजर शुक्ला पर एफआईआर कराने का निकाला था आदेश।
प्रभारी रेंजर और एसडीओ के संरक्षण में बाबुओं ने दबाया,कार्यालय में संभागीय प्रबंधक कार्यालय में गरमाया माहौल,जमकर हुई कहा सुनी , सीसीटीवी में देखी जा सकती है पूरी घटना : सूत्र
रिपोर्ट- शशांक सोनकपुरिया, बैतूल मध्यप्रदेश
मध्यप्रदेश के बैतूल में मध्यप्रदेश वन राज्य निगम में चल रहे भृष्टाचार के मामलों को लेकर हमारे द्वारा लगातार मामले उजागर किये जा रहे है रेंजर शुक्ला के भृष्टाचार के मामले है कि रुकने का नाम नही ले रहे है वहीं सरकारी दस्तावेजों पीओआर काटकर अपने पास रखने के मामले को लेकर संभागीय प्रबंधक ने गंभीरता दिखाते हुए रेंजर शुक्ला पर एफआईआर कराने का आदेश 13 मई को निकाला था पर आज दिनांक तक न तो एफआईआर हुई न ही कोई सूचना कार्यालय में दी गई।
वहीं सूत्रों से जानकारी मिली है कि प्रभारी रेंजर और एसडीओ की मिलीभगत के चलते एफआईआर करने का आदेश ही रामपुर भतोड़ीं परियोजना मण्डल बैतूल के बाबुओं ने दबा लिया जानकारी यह भी मिली है कि बाबुओं और रेंजर शुक्ला के बीच गहरी सांठगांठ है यही कारण है रेंजर शुक्ला से संबंधित किसी भी शिकायत या सूचना के अधिकार अधिनियम में चाही गई जानकारी और कार्यवाही को बाबू दबाकर बैठ जाते है और किसी न किसी बहाने से शिकायत कर्ता और आवेदनकर्ताओं को नियमों के नाम पर गुमराह कर चाही गई जानकारी न देकर बस गोल गोल घुमाया जाता है।
जिससे परेशान होकर शिकायत कर्ता खुद ही शिकायत पर कार्यवाही करने की मांग करना ही छोड़ देता है आपको बता दें कि रेंजर शुक्ला एसडीओ के पद पर भी रहे है और उनके कार्यकाल में कई गई जांच में भी कभी कोई कार्यवाही नही की जाती थी और ले देकर मामले को रफा दफा कर दिया जाता है और अब उसी पद्धति पर वर्तमान एसडीओ भी वही कार्य करने ने लगे है मौजूदा एसडीओ भी कार्यवाही करने की बजाए ले देकर मामले को सेटल कर रहे है और कार्यवाही के नाम पर उच्चाधिकारियों को गुमराह कर मीडिया के खिलाफ ही भड़काने का कार्य कर रहे है।
वहीं शुक्ला के भृष्टाचार की इतनी लंबी फेहरिस्त होने के बाद भी कोई कार्यवाही आज तक नही की गई क्योंकि संभागीय प्रबंधक तक कोई शिकायत की जानकारी पहुँच ही नही पाती है वो तो अभी हमारे द्वारा लगातार रेंजर शुक्ला के भृष्टाचार की खबरें प्रकाशित की जा रही जिसमे संज्ञान लेकर सरकारी दस्तावेजों को छिपाकर रखने के मामले में संज्ञान लिया और पत्र क्रमांक 393 में देखा जा सकता है कि सरकारी दस्तावेजों को छिपाने के मामले में रेंजर पर एफआईआर कराने के लिए प्रभारी रेंजर को आदेश दिया था पर मामले में एफआईआर नही किये जाने पर संभागीय प्रबंधक कार्यालय में संभागीय प्रबंधक और रेंजर के बीच कहा सुनी हो गई।
जिससे माहौल एक दम गरमा गया यदि कार्यालय के सीसीटीवी कैमरे सही से काम कर रहे हो तो सारी घटना फुटेज में देखी जा सकती है। खैर इस पूरे मामले में एक बहुत बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है कि कब अधिकारी एसी चेम्बर से निकलकर मामले में संज्ञान लेंगे और कब इस तरह के भृष्टाचार पर अंकुश लग पायेगा। अब देखना यह होगा कि इस आदेश का पालन कब होगा और कब रेंजर शुक्ला पर प्रभारी रेंजर द्वारा एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी ।
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