Lucknow News: बुंदेलखंड का बरुआसागर किला हेरिटेज होटल के रूप में किया जाएगा विकसित।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में बुंदेलखंड के ऐतिहासिक धरोहरों को उपयोगी बनाया जाएगा - जयवीर सिंह

By INA News Desk
Mar 18, 2025 - 18:48
50 Views
Lucknow News: बुंदेलखंड का बरुआसागर किला हेरिटेज होटल के रूप में किया जाएगा विकसित।

लखनऊ। राजस्थान और मध्यप्रदेश की तर्ज पर राज्य के किले, हवेली सहित अन्य विरासत संपत्तियों को विकसित कर देश-दुनिया के पर्यटकों को आकर्षित किया जाएगा। झांसी के बरुआसागर फोर्ट को हेरिटेज होटल और कानपुर देहात के सुप्रसिद्ध ऐतिहासिक शुक्ला तालाब के सन्निकट बारादरी को हेरिटेज होटल/वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। पर्यटन विभाग इन्हें अनुकूली पुनः उपयोगी के अंतर्गत पीपीपी मॉडल पर विकसित करेगा। जल्द ही पर्यटक यहां स्थानीय आर्ट एंड क्राफ्ट, कुजीन, कल्चर और ओडीओपी आदि का आनंद ले सकेंगे। विकासकर्ताओं के द्वारा नजदीकी एक गांव को गोद भी लिया जाएगा। निदेशक पर्यटन प्रखर मिश्र तथा रेडवुड होल्डिंग एंड रियलिटी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड बेंगलुरु व नीमराना होटल्स प्राइवेट लिमिटेड राजस्थान के प्रतिनिधियों के बीच अनुबंध हस्ताक्षर हुआ। 

यह जानकारी पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में बुंदेलखंड सहित राज्य की अन्य विरासत संपत्तियों को उनके पुराने स्वरूप को बरकरार रखते हुए उपयोगी बनाया जाएगा। विरासत संपत्तियों को नया जीवन देने के साथ ही उसके पुराने वैभव को लौटाने और आय के स्रोत मजबूत करने का प्रदेश सरकार का प्रयास मूर्त रूप लेने लगा है'।

नीमराना होटल्स प्राइवेट लिमिटेड राजस्थान, बुंदेलखंड के बरुआसागर, झांसी का विकास करेगी। नीमराना होटल्स, नीमराना फोर्ट पैलेस राजस्थान, तेजारा फोर्ट पैलेस अलवर राजस्थान सहित देश की ऐसी 31 हेरिटेज संपत्तियों का संचालन कर रही है। इसी तरह, रेडवुड होल्डिंग एंड रियलिटी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड बेंगलुरु कानपुर देहात के सुप्रसिद्ध ऐतिहासिक शुक्ला तालाब के नजदीक बारादरी का विकास करेगा। रेडवुड, पीलीभीत हाउस हरिद्वार, कंजर्वेशन ऑफ़ राजा महल ओरछा (मध्यप्रदेश) सहित अन्य कई हेरिटेज प्रॉपर्टी का सफलतापूर्वक संचालन कर रही है।  

विशेष बात यह है, कि प्रापर्टी को उसके पुराने स्वरूप में रखते हुए विकास किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया में उन सामग्रियों का इस्तेमाल किया जाएगा, जो मूल निर्माण के वक्त इस्तेमाल हुई थीं। उन्हें आज के इनोवेशन के साथ अपनाया जाएगा। स्थानीय संस्कृतियों, परंपराओं, पाक-कला, उत्सवों और शिल्प को बढ़ावा देने वाले अनुभव विकसित किए जाएंगे। विरासत संपत्तियों के नजदीक स्थित एक-एक गांव गोद लेकर वहां का विकास किया जाएगा।

Also Read- Lucknow News: अब जायद की 9 फसलें भी आएंगी बीमा और केसीसी के दायरे में, कृषि मंत्री के अध्यक्षता में लिया गया निर्णय।

विभाग की इस पहल से उत्तर प्रदेश में विरासत पर्यटन के साथ-साथ डेस्टिनेशन वेडिंग बढ़ेंगे। प्रॉपर्टी के विकास और संचालन में 25 प्रतिशत स्थानीय लोगों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिया जाएगा। इसके साथ ही ओडीओपी प्रोडक्ट को प्रमोट किया जाएगा।

विभाग की इस पहल से उत्तर प्रदेश में विरासत पर्यटन के साथ-साथ डेस्टिनेशन वेडिंग बढ़ेंगे। प्रॉपर्टी के विकास और संचालन में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिया जाएगा। साथ ही, ओडीओपी प्रोडक्ट को प्रमोट किया जाएगा। स्थानीय परंपराओं, पाक कला, उत्सवों और शिल्प को बढ़ावा देने वाले अनुभव विकसित किए जाएंगे। विरासत संपत्तियों के नजदीक स्थित एक-एक गांव को गोद लेकर वहां का विकास किया जाएगा।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में ऐतिहासिक धरोहरों की लंबी श्रृंखला है। इनका अपना गौरवशाली इतिहास है। राज्य में विरासत पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में पर्यटन विभाग इसे धरातल पर उतार रहा है जो कि वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी लक्ष्य हासिल करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा। उत्तर प्रदेश घरेलू पर्यटन में देश में पहले स्थान पर है। विदेशी पर्यटकों के आगमन में भी यह उपलब्धि हासिल करने लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसमें यह प्रयास महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।'

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow