धुरंधर ने 37वें दिन 850 करोड़ पार कर हिंदी सिनेमा में नया इतिहास रचा, प्रभास की 'द राजा साब' की ओपनिंग मजबूत मगर दूसरे दिन गिरावट के साथ धुरंधर से पिछड़ी।
प्रभास की नई फिल्म द राजा साब का थिएटर्स में प्रवेश चर्चा में है लेकिन बॉक्स ऑफिस पर धुरंधर की मजबूत पकड़ बरकरार है। फैंटेसी हॉरर कॉमेडी
प्रभास की नई फिल्म द राजा साब का थिएटर्स में प्रवेश चर्चा में है लेकिन बॉक्स ऑफिस पर धुरंधर की मजबूत पकड़ बरकरार है। फैंटेसी हॉरर कॉमेडी जॉनर में बनी द राजा साब ने 9 जनवरी 2026 को रिलीज होते ही शानदार ओपनिंग ली लेकिन कमजोर समीक्षाओं और दर्शकों के मिले-जुले रिस्पॉन्स के कारण दूसरे दिन इसकी कमाई में बड़ी गिरावट दर्ज हुई। वहीं धुरंधर जो 5 दिसंबर 2025 से सिनेमाघरों में चल रही है ने 37 दिनों में 850 करोड़ का आंकड़ा पार कर हिंदी सिनेमा में नया इतिहास रच दिया है।
धुरंधर ने 37वें दिन भारत में 6.10 करोड़ की कमाई की जो छठे शुक्रवार के 3.60 करोड़ से 69 प्रतिशत अधिक है। इस उछाल के बावजूद स्क्रीन काउंट में कमी आई है क्योंकि द राजा साब के रिलीज होने से धुरंधर के शो कम हुए। फिल्म का कुल घरेलू संग्रह अब 850.55 करोड़ पहुंच गया है जो किसी भी हिंदी फिल्म द्वारा हासिल नहीं किया गया था। विश्व स्तर पर इसका संग्रह 1276 करोड़ से अधिक है।
द राजा साब ने पहले दिन भारत में 53.75 करोड़ की कमाई की जिसमें हिंदी संस्करण में 5 करोड़ शामिल हैं। कुल मिलाकर पहले दिन का संग्रह 63.30 करोड़ से अधिक रहा। लेकिन दूसरे दिन कमाई में 52 प्रतिशत की गिरावट आई और फिल्म ने 27.83 करोड़ कमाए। दो दिनों में भारत में संग्रह 90.73 करोड़ पहुंचा जबकि विश्व स्तर पर 138 करोड़ से अधिक। फिल्म की समीक्षाएं मिश्रित से नकारात्मक रहीं जिसमें पटकथा की कमजोरी और वीएफएक्स की आलोचना हुई।
धुरंधर रिलीज के 37 दिनों बाद भी वीकेंड पर मजबूत प्रदर्शन कर रही है। छठे वीकेंड में 69 प्रतिशत का उछाल दिखा जो फिल्म की दर्शकों के बीच मजबूत पकड़ को दर्शाता है। फिल्म अब सिंगल डिजिट में कमाई कर रही है लेकिन वीकेंड पर अच्छा उछाल आता है। द राजा साब के रिलीज होने के बावजूद धुरंधर हिंदी बाजार में आगे रही और 37वें दिन भी द राजा साब के हिंदी संस्करण से बेहतर कमाई की।
धुरंधर ने कई रिकॉर्ड बनाए हैं। यह हिंदी सिनेमा में 850 करोड़ क्लब में प्रवेश करने वाली पहली फिल्म है और केजीएफ चैप्टर 2 के घरेलू संग्रह को चुनौती दे रही है। फिल्म का प्रदर्शन मजबूत कंटेंट और दर्शकों के भरोसे पर आधारित है जो ओपनिंग के बाद भी लंबे समय तक चलती रही। द राजा साब की ओपनिंग प्रभास की स्टार पावर से मजबूत रही लेकिन गिरावट से पता चलता है कि वर्ड ऑफ माउथ महत्वपूर्ण है।
धुरंधर अब छठे सप्ताह में है और वीकेंड पर अच्छा प्रदर्शन जारी रख रही है। द राजा साब का प्रदर्शन मुख्य रूप से तेलुगु बाजार पर निर्भर है जबकि हिंदी में संघर्ष कर रही है। धुरंधर का थिएटर्स में डटे रहना दिखाता है कि बॉक्स ऑफिस पर असली जीत लंबे समय तक चलने में है न कि शुरुआती ओपनिंग में। दोनों फिल्मों का क्लैश बॉक्स ऑफिस पर दिलचस्प रहा जहां धुरंधर की स्थिरता ने नई रिलीज को चुनौती दी।
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