रेखा का भावुक इजहार: 'मैं फिल्मों की वजह से जिंदा हूं', रेड सी फिल्म फेस्टिवल में उमराव जान को समर्पित सम्मान के दौरान अभिनेत्री की दिल को छू लेने वाली बातें।
सऊदी अरब के जेद्दाह में 9 दिसंबर 2025 को आयोजित रेड सी इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के तीसरे दिन बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री रेखा
सऊदी अरब के जेद्दाह में 9 दिसंबर 2025 को आयोजित रेड सी इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के तीसरे दिन बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री रेखा को रेड सी ऑनरी अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार 1981 में रिलीज हुई फिल्म उमराव जान के लिए दिया गया, जिसकी रिस्टोर्ड वर्जन की स्क्रीनिंग उसी शाम हुई। मंच पर पहुंची रेखा ने अपनी काव्यात्मक शैली में शायरी सुनाई और दर्शकों से कहा कि वे बार-बार फिल्मों की दुनिया में लौटें। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि फिल्मों से बढ़कर कोई दवा या इलाज नहीं है, और वे खुद इसकी जीती-जागती मिसाल हैं। रेखा ने भावुक स्वर में जोर देकर कहा, मैं फिल्मों की वजह से जिंदा हूं। यह बयान दर्शकों के बीच गूंजा, और कई ने तालियों से इसका स्वागत किया। कार्यक्रम में रेखा ने उमराव जान के गाने दिल चीज क्या है की पंक्तियां गुनगुनाईं, जो फिल्म की थीम को जीवंत कर गईं।
फेस्टिवल का यह सेशन उमराव जान पर केंद्रित था, जो मिर्जा हादी रुस्वा के 1899 के उपन्यास उमराव जान अदा पर आधारित है। फिल्म में रेखा ने लखनऊ की एक तवायफ उमराव जान का किरदार निभाया था, जो कवयित्री और नृत्यांगना के रूप में जानी जाती थी। निर्देशक मुझफ्फर अली की यह क्लासिक फिल्म राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजी गई थी, और रेखा की परफॉर्मेंस को आज भी याद किया जाता है। स्क्रीनिंग से पहले आयोजित समारोह में रेखा को अवॉर्ड सौंपा गया, जहां उन्होंने फिल्म के योगदान को रेखांकित किया। रेखा ने कहा कि इस अंजुमन में आपको आना है बार-बार, दीवार-ओ-दर को गौर से पहचान लीजिए। यह पंक्तियां उमराव जान के किरदार की भावनाओं को प्रतिबिंबित करती हैं, और रेखा ने इन्हें एक फैन को संबोधित करते हुए दोहराया। कार्यक्रम में रेखा ने अपनी सादगी भरी साड़ी में उपस्थित होकर दर्शकों का ध्यान खींचा, और मंच पर उनकी उपस्थिति ने पूरे आयोजन को विशेष बना दिया। रेखा ने अपने भाषण में फिल्मों की चिकित्सीय शक्ति पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने दर्शकों को सलाह दी कि हर रोज फिल्में देखने आइए, क्योंकि यही एकमात्र चीज है जो सुकून प्रदान करती है। रेखा ने कहा कि फिल्मों ने उन्हें जीवन में सब कुछ सिखाया है, खासकर प्यार और रिश्तों के बारे में। उन्होंने अपनी मां पुष्पावल्ली की सीख को याद किया, जो तेलुगु सिनेमा की प्रसिद्ध अभिनेत्री थीं। रेखा ने बताया कि मां ने हमेशा कहा कि उपलब्धियों के बारे में कम बोलना चाहिए, और बस अच्छा जीवन जीना चाहिए, ताकि लोग खुद सीख सकें। यह सीख रेखा के जीवन में गहराई से बसी हुई है, और उन्होंने इसे फेस्टिवल के मंच पर साझा किया। रेखा ने जोर दिया कि साइलेंट लव ही असली प्यार का राज है, और फिल्मों ने उन्हें इसकी समझ दी। कार्यक्रम के दौरान रेखा ने अपनी भावनाओं को खुलकर व्यक्त किया, जो उनके शांत स्वभाव के विपरीत था।
अपने भाषण के दौरान रेखा ने अपनी बोलने की आदत पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वे ज्यादा बोलने वालों में से नहीं हैं, और उमराव जान में भी संवादों ने केवल आधी बात कही, बाकी आंखों ने व्यक्त की। रेखा ने कहा कि एक नजर ही काफी होती है, जो भावनाओं को पूरी तरह बयां कर देती है। यह विचार फिल्म की थीम से जुड़ा हुआ था, जहां उमराव जान की जिंदगी में शब्दों से ज्यादा भावनाएं महत्वपूर्ण थीं। रेखा ने दर्शकों से अपील की कि वे फिल्मों को जीवन का हिस्सा बनाएं, क्योंकि यह न केवल मनोरंजन देती है बल्कि आंतरिक शांति भी प्रदान करती है। कार्यक्रम में रेखा की उपस्थिति ने फेस्टिवल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय सिनेमा की झलक दी, और कई वैश्विक सितारों ने उनके भाषण को सराहा। उमराव जान की रिस्टोर्ड स्क्रीनिंग के बाद दर्शकों ने खड़े होकर तालियां बजाईं, जो फिल्म की शाश्वत अपील को दर्शाता है। रेड सी इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2025 का यह संस्करण 4 दिसंबर से शुरू हुआ था, और इसमें विश्व भर से फिल्में प्रदर्शित की जा रही हैं। फेस्टिवल का फोकस महिलाओं के सशक्तिकरण और सिनेमा की विविधता पर है, जहां रेड सी वुमन इन सिनेमा गाला डिनर भी आयोजित किया गया। इस गाला में भारतीय अभिनेत्रियां जैसे कृति सेनन और ऐश्वर्या राय बच्चन ने भाग लिया, जहां वैश्विक सितारे डकोटा जॉनसन, निना डोब्रेव, उमा थुरमैन और एड्रियन ब्रॉडी मौजूद थे। रेखा का सेशन उमराव जान की स्क्रीनिंग के साथ हुआ, जो फेस्टिवल के हाइलाइट्स में से एक था। रेखा ने अवॉर्ड स्वीकार करते हुए कहा कि यह सम्मान न केवल उनके लिए बल्कि पूरे भारतीय सिनेमा के लिए है। उन्होंने निर्देशक मुझफ्फर अली का धन्यवाद किया, जिनकी दृष्टि ने फिल्म को अमर बना दिया। कार्यक्रम में रेखा ने फिल्म के संगीतकार खय्याम और गीतकार शाहिदी का भी जिक्र किया, जो उमराव जान की सफलता के प्रमुख स्तंभ थे।
फिल्म उमराव जान की कहानी एक लड़की की है, जो अपहरण के बाद तवायफ बन जाती है और अपनी कला के माध्यम से समाज में अपनी जगह बनाती है। रेखा का किरदार जटिल भावनाओं से भरा था, जिसमें प्रेम, दर्द और स्वतंत्रता की खोज शामिल थी। 1981 में रिलीज होने पर फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिल की और रेखा को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय पुरस्कार दिलाया। रिस्टोर्ड वर्जन में मूल की भव्यता को बनाए रखा गया है, जिसमें सेट डिजाइन, कोस्ट्यूम्स और सिनेमेटोग्राफी पर विशेष ध्यान दिया गया। फेस्टिवल में इस स्क्रीनिंग ने दर्शकों को 40 वर्ष पुरानी फिल्म की ताजगी का एहसास कराया। रेखा ने भाषण में कहा कि फिल्में समय की सीमाओं को तोड़ती हैं, और उमराव जान आज भी प्रासंगिक है क्योंकि यह मानवीय भावनाओं को छूती है। उन्होंने दर्शकों को प्रोत्साहित किया कि वे ऐसी क्लासिक्स को बार-बार देखें, ताकि सिनेमा की जड़ें मजबूत हों। रेखा का यह बयान उनके लंबे करियर को प्रतिबिंबित करता है, जो छह दशकों से अधिक का है। उन्होंने दर्जनों फिल्मों में काम किया, जिनमें सुपरस्टार, खूबसूरत, मुकद्दर का सिकंदर और सिलसिला जैसी हिट्स शामिल हैं। रेखा ने हमेशा अपने किरदारों को गहराई दी, और उनकी अभिनय शैली को आइकॉनिक माना जाता है। फेस्टिवल में रेखा की उपस्थिति ने भारतीय सिनेमा को वैश्विक मंच पर मजबूती प्रदान की। कार्यक्रम के बाद रेखा ने मीडिया से बात की, जहां उन्होंने दोहराया कि फिल्में उनके जीवन का आधार हैं। उन्होंने कहा कि सिनेमा ने उन्हें न केवल जीने की प्रेरणा दी बल्कि नई पीढ़ी को भी प्रेरित करने का मौका दिया। रेड सी फेस्टिवल के आयोजकों ने रेखा को आमंत्रित करने पर संतुष्टि जताई, और कहा कि उनका भाषण फेस्टिवल का सबसे यादगार पल था।
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