Bollywood News: प्रीति जिंटा (Preity Zinta) की उदारता: ऑपरेशन सिंदूर के बाद वीर नारियों और उनके बच्चों के लिए 1.10 करोड़ का दान।
बॉलीवुड की चमकती दुनिया में कुछ सितारे अपनी कला के साथ-साथ अपनी सामाजिक जिम्मेदारी से भी लोगों का दिल जीत लेते हैं। ऐसी ही एक सितारा ....
बॉलीवुड की चमकती दुनिया में कुछ सितारे अपनी कला के साथ-साथ अपनी सामाजिक जिम्मेदारी से भी लोगों का दिल जीत लेते हैं। ऐसी ही एक सितारा हैं प्रीति जिंटा (Preity Zinta), जिन्होंने हाल ही में अपनी उदारता का परिचय देते हुए सेना की विधवाओं और उनके बच्चों के कल्याण के लिए 1.10 करोड़ रुपये का दान दिया। यह नेक कार्य भारत के ऑपरेशन सिंदूर के तुरंत बाद किया गया, जो 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया था।
- प्रीति जिंटा (Preity Zinta) का नेक कदम
प्रीति जिंटा (Preity Zinta), जो बॉलीवुड अभिनेत्री होने के साथ-साथ इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की टीम पंजाब किंग्स की सह-मालिक भी हैं, ने यह दान अपनी टीम के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड से किया। यह राशि सेना की विधवाओं (वीर नारियों) और उनके बच्चों की शिक्षा और कल्याण के लिए आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन (AWWA) को सौंपी गई। यह दान 24 मई 2025 को जयपुर में आयोजित एक भावनात्मक समारोह में दिया गया, जिसमें साउथ वेस्टर्न कमांड के आर्मी कमांडर, शप्त शक्ति AWWA की क्षेत्रीय अध्यक्ष, और कई सैन्य परिवार शामिल थे।
प्रीति ने इस समारोह में अपने विचार साझा करते हुए कहा, “हमारी भारतीय सेना न केवल पराक्रमी है, बल्कि अत्यंत बहादुर भी है, लेकिन उससे भी अधिक बहादुर और पराक्रमी उनके परिवार हैं। यह हमारी ओर से एक छोटी-सी भेंट है।” उन्होंने सैनिकों और उनके परिवारों की बहादुरी और बलिदान की सराहना की, और बताया कि वह उन वीर नारियों और बच्चों से मिलीं, जो अपने प्रियजनों को खोने के बावजूद गर्व और गरिमा के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
प्रीति जिंटा (Preity Zinta) का यह दान और भी विशेष इसलिए है क्योंकि वह स्वयं एक सैन्य परिवार से आती हैं। एक ‘फौजी किड’ के रूप में, उन्होंने सैन्य परिवारों की चुनौतियों और बलिदानों को करीब से देखा है। अपने सोशल मीडिया पोस्ट में, उन्होंने लिखा, “मैंने करीब से धैर्य, पसीना, खून और आँसुओं को देखा है। कभी-कभी मुझे लगता है कि फौजी परिवार फौजियों से भी ज्यादा मजबूत होते हैं।” यह भावना उनके दान के पीछे की गहरी संवेदनशीलता को दर्शाती है।
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया। इस हमले में 26 लोगों की जान गई, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी संगठनों, जैसे जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा, और हिजबुल मुजाहिदीन, को इस हमले का जिम्मेदार ठहराया गया। भारत ने इस क्रूर हमले का जवाब देने के लिए 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoK) में नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। इस ऑपरेशन में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए, और आतंकी संगठनों के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुँचा।
ऑपरेशन सिंदूर न केवल भारत की आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति का प्रतीक था, बल्कि यह उन परिवारों के लिए भी एक श्रद्धांजलि थी, जिन्होंने इस हमले में अपने प्रियजनों को खोया। प्रीति जिंटा (Preity Zinta) का दान इस ऑपरेशन के तुरंत बाद आया, जो उनके इस संवेदनशील समय में सैन्य परिवारों के साथ एकजुटता दर्शाने का एक शक्तिशाली कदम था।
उनके इस कदम की सोशल मीडिया पर व्यापक प्रशंसा हुई। एक यूजर ने लिखा, “प्रीति जिंटा (Preity Zinta) ने अपने इस नेक कार्य से सभी का दिल जीत लिया। कुछ बॉलीवुड सितारे बोलने तक से हिचकते हैं, लेकिन प्रीति ने उदारता की मिसाल कायम की।” यह दान न केवल वीर नारियों और उनके बच्चों के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करेगा, बल्कि यह सैन्य परिवारों के प्रति समाज की जिम्मेदारी को भी दिखाता है।
प्रीति जिंटा (Preity Zinta) ने हमेशा अपनी कला और सामाजिक जिम्मेदारी को संतुलित करने का प्रयास किया है। वह जल्द ही फिल्म लाहौर 1947 में सनी देओल के साथ नजर आएंगी, जो भारत-पाक विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित है। इस फिल्म का निर्माण आमिर खान ने किया है, और यह प्रीति के अभिनय करियर में एक महत्वपूर्ण वापसी का प्रतीक है। उनकी यह पहल दर्शाती है कि वह न केवल अपनी कला के माध्यम से, बल्कि सामाजिक कार्यों के जरिए भी देश के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को व्यक्त करती हैं।
ऑपरेशन सिंदूर ने न केवल आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ता को दर्शाया, बल्कि यह उन परिवारों के लिए भी एक उम्मीद की किरण बना, जिन्होंने पहलगाम हमले में अपने प्रियजनों को खोया। इस ऑपरेशन ने जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर के परिवार के 10 सदस्यों और चार सहयोगियों को निशाना बनाया, साथ ही लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन के ठिकानों को भी नष्ट किया। यह ऑपरेशन भारत की सैन्य ताकत और रणनीतिक संयम का एक शानदार उदाहरण था।
प्रीति का दान इस ऑपरेशन के बाद आए राष्ट्रीय जागरूकता के माहौल में और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। यह दान उन परिवारों के लिए एक सहारा है, जिन्होंने देश की सुरक्षा के लिए अपने प्रियजनों को खोया। यह समाज को यह संदेश भी देता है कि सैनिकों के बलिदान का सम्मान करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
प्रीति जिंटा (Preity Zinta) का 1.10 करोड़ रुपये का दान न केवल उनकी उदारता का प्रतीक है, बल्कि यह उनके सैन्य पृष्ठभूमि और देश के प्रति उनके गहरे लगाव को भी दर्शाता है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद, जब पूरा देश पहलगाम हमले के घावों को भरने की कोशिश कर रहा था, प्रीति का यह कदम वीर नारियों और उनके बच्चों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया।
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