हरदोई स्थायी लोक अदालत: सस्ता, सरल, त्वरित न्याय, लाखों रुपये मुआवजे के आदेश, कोई अपील नहीं।
Hardoi News: हरदोई में आम नागरिकों को सुलभ, सस्ता और शीघ्र न्याय दिलाने की दिशा में स्थायी लोक अदालत एक प्रभावी माध्यम बन....
Hardoi News: हरदोई में आम नागरिकों को सुलभ, सस्ता और शीघ्र न्याय दिलाने की दिशा में स्थायी लोक अदालत एक प्रभावी माध्यम बन चुकी है। "विधिक सेवाएं प्राधिकरण अधिनियम, 1987" के तहत गठित इस संस्था का मुख्य उद्देश्य जटिल और खर्चीली न्यायिक प्रक्रिया से अलग सरल प्रक्रिया के माध्यम से न्याय उपलब्ध कराना है। स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष एचजेएस आदिल आफताब अहमद ने जानकारी देते हुए बताया कि यहां पर वादों का निस्तारण साधारण और संक्षिप्त प्रक्रिया से किया जाता है, और अधिकतम दो माह के भीतर निर्णय सुना दिया जाता है। विशेष बात यह है कि स्थाई लोक अदालत का निर्णय नागरिक न्यायालय की डिक्री माना जाता है, जिसकी किसी भी अन्य अदालत में अपील नहीं की जा सकती।
हाल ही में स्थाई लोक अदालत हरदोई ने कई महत्वपूर्ण मामलों में फैसले सुनाए गए जिसमें एक मामले में केयर हेल्थ इंश्योरेंस लिमिटेड को आदेशित किया गया कि वह याचिकाकर्ता को 4 लाख रुपए मुआवजा और 18% वार्षिक चक्रवृद्धि ब्याज के साथ 50 रुपए अतिरिक्त क्षतिपूर्ति राशि प्रदान करे।
एक अन्य मामले में एमवीवीएन लिमिटेड को एक दुर्घटना के लिए 7 लाख 35 हजार मुआवजा 6% ब्याज सहित देने का आदेश दिया गया। वहीं एक तीसरे निर्णय में स्थाई लोक अदालत ने प्रतिवादी को 3 लाख 17 हजार 920 तथा एक अन्य मामले में ₹1 लाख 50 हजार की क्षतिपूर्ति 6% व 7% ब्याज के साथ तत्काल भुगतान करने का निर्देश दिया।
इन आदेशों को सिविल कोर्ट की डिक्री की तरह क्रियान्वित किया जाएगा, और आवश्यकता होने पर प्रतिवादी के बैंक खाते से राशि अटैच कर निष्पादन कराया जा सकता है। स्थाई लोक अदालत विशेष रूप से परिवहन,बिजली बिजली, बीमा, डाक सेवा, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े विवादों का निपटारा करती है, जबकि आपराधिक, विवाह या संपत्ति विवाद इसमें नहीं आते।
स्थायी लोक अदालत ऐसे व्यक्तियों के लिए वरदान साबित हो रही है जो लंबी अदालती लड़ाई और खर्च से बचते हुए न्याय की तलाश में हैं। स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष श्री अहमद ने आम जनमानस अपनी समस्याओं के निस्तारण में अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की है।
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