सूडान गृहयुद्ध में नागरिकों पर बढ़ते ड्रोन हमले: मस्जिद में बच्चे बने शिकार।

सूडान के उत्तरी कोर्डोफान क्षेत्र में अल-रहाद शहर की एक मस्जिद पर ड्रोन हमले ने दो मासूम बच्चों की जान ले ली और 13 अन्य लोगों को घायल

By INA News Desk
Feb 13, 2026 - 16:03
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सूडान गृहयुद्ध में नागरिकों पर बढ़ते ड्रोन हमले: मस्जिद में बच्चे बने शिकार।
सूडान गृहयुद्ध में नागरिकों पर बढ़ते ड्रोन हमले: मस्जिद में बच्चे बने शिकार।
  • सूडान के उत्तरी कोर्डोफान में मस्जिद पर RSF ड्रोन हमला: दो बच्चे मारे गए, 13 घायल
  • अल-रहाद मस्जिद ड्रोन स्ट्राइक में दो बच्चों की मौत, कुरान पढ़ते समय हुआ हमला

सूडान के उत्तरी कोर्डोफान क्षेत्र में अल-रहाद शहर की एक मस्जिद पर ड्रोन हमले ने दो मासूम बच्चों की जान ले ली और 13 अन्य लोगों को घायल कर दिया। यह घटना बुधवार तड़के हुई, जब बच्चे कुरान पढ़ रहे थे। सूडान में अप्रैल 2023 से जारी गृहयुद्ध के बीच ड्रोन हमलों की संख्या बढ़ रही है, जिससे नागरिकों पर खतरा गहरा गया है। उत्तरी कोर्डोफान राज्य के अल-रहाद शहर में शेख अहमद अल-बदावी मस्जिद पर बुधवार तड़के ड्रोन हमला हुआ। इस हमले में दो बच्चे मारे गए और 13 अन्य घायल हो गए। सभी पीड़ित मस्जिद से जुड़े धार्मिक स्कूल के छात्र थे, जो फज्र की नमाज के बाद कुरान पढ़ रहे थे। हमला सुबह के समय हुआ, जब बच्चे कुरान की तिलावत कर रहे थे। मस्जिद में धार्मिक शिक्षा चल रही थी और हमला इसी दौरान हुआ।

  • हमले की जिम्मेदारी

सूडान डॉक्टर्स नेटवर्क ने बताया कि यह हमला पैरामिलिट्री रैपिड सपोर्ट फोर्सेस (आरएसएफ) द्वारा किया गया। आरएसएफ सूडानी सेना से लड़ रही है। नेटवर्क के प्रवक्ता मोहम्मद अलशेख ने कहा कि बच्चे घटना के समय मस्जिद में कुरान पढ़ रहे थे। नेटवर्क ने हमले को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन बताया और पूजा स्थलों पर हमले को गंभीर बताया। दोनों मारे गए बच्चे छात्र थे। घायल 13 लोगों में भी अधिकांश बच्चे और छात्र शामिल हैं। हमले से मस्जिद और जुड़े स्कूल को नुकसान पहुंचा। स्कूल के प्रमुख एडम अबुबक्र ओथमान ने बताया कि हमला नमाज के बाद कुरान पढ़ाई के दौरान हुआ। घायलों में छात्र थे और हमले से कई छात्र प्रभावित हुए।

  • सूडान गृहयुद्ध का संदर्भ

सूडान में अप्रैल 2023 से सूडानी सशस्त्र बलों (एसएएफ) और रैपिड सपोर्ट फोर्सेस (आरएसएफ) के बीच गृहयुद्ध चल रहा है। यह युद्ध दुनिया की सबसे बड़ी मानवीय संकट पैदा कर रहा है। लाखों लोग विस्थापित हुए हैं और 30 मिलियन से अधिक लोगों को सहायता की जरूरत है। युद्ध में हजारों मौतें हुई हैं और अकाल जैसी स्थिति बनी हुई है। कोर्डोफान क्षेत्र में लड़ाई तेज है और ड्रोन हमले आम हो गए हैं।

  • ड्रोन हमलों में वृद्धि

हाल के दिनों में कोर्डोफान क्षेत्रों में ड्रोन हमले बढ़े हैं। जनवरी के अंत से फरवरी की शुरुआत तक 90 से अधिक नागरिक मौतें और 142 घायल ड्रोन हमलों से हुए। उत्तर, दक्षिण और पश्चिम कोर्डोफान में हमले रिपोर्ट हुए। संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि हवाई हमले बच्चों की मौत का कारण बन रहे हैं, स्कूलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं और संयुक्त राष्ट्र सुविधाओं पर भी असर डाल रहे हैं। नागरिकों और मानवीय कार्यकर्ताओं पर खतरा बढ़ गया है।

संयुक्त राष्ट्र ने हमलों की निंदा की और नागरिकों की सुरक्षा की मांग की। ड्रोन हमलों को मानवीय कानून का उल्लंघन बताया गया। युद्ध में दोनों पक्ष ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। हाल के अन्य हमलों में विस्थापित परिवारों पर हमला हुआ, जिसमें 24 मौतें हुईं, जिसमें 8 बच्चे शामिल थे। सहायता काफिले पर भी हमले हुए।  यह हमला पूजा स्थल और बच्चों पर होने से विशेष रूप से गंभीर माना जा रहा है। सूडान डॉक्टर्स नेटवर्क ने इसे बार-बार नागरिकों पर उल्लंघन का हिस्सा बताया। युद्ध में नागरिक क्षेत्रों पर हमले जारी हैं और कोर्डोफान युद्ध का प्रमुख क्षेत्र है।

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