Deoband : दारुल उलूम निसवां में वार्षिक कार्यक्रम, 72 छात्राओं को सम्मानित किया गया
ईदगाह रोड पर एक बैंक्वेट हॉल में हुए कार्यक्रम की शुरुआत छात्रा शुमाइला हाशिम की कुरान की तिलावत से हुई। इसके बाद आफरीन फरमान और शाजिया यूनुस ने नात पढ़ी। संस्था के जन
देवबंद। मदरसा दारुल उलूम निसवां में वार्षिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान छात्राओं को बुखारी शरीफ का अंतिम पाठ पढ़ाया गया और उन्हें सम्मानित किया गया। कुल 72 छात्राओं को पुरस्कृत किया गया।
ईदगाह रोड पर एक बैंक्वेट हॉल में हुए कार्यक्रम की शुरुआत छात्रा शुमाइला हाशिम की कुरान की तिलावत से हुई। इसके बाद आफरीन फरमान और शाजिया यूनुस ने नात पढ़ी। संस्था के जनरल मैनेजर मौलाना नजीफ अहमद अजहरी ने कहा कि धार्मिक शिक्षा को फैलाकर समाज में अच्छे बदलाव लाना संस्था का मुख्य लक्ष्य है। संस्था पिछले दस साल से इस दिशा में काम कर रही है। संस्थापक मौलाना अब्दुल लतीफ कासमी ने छात्राओं को बुखारी शरीफ का अंतिम पाठ पढ़ाते हुए कहा कि समाज में जागरूकता फैलाने के लिए महिलाओं की शिक्षा बहुत जरूरी है। इस्लाम की शिक्षाओं को जीवन में उतारना होगा और मुसलमानों के बेहतर भविष्य के लिए ठोस योजना बनानी होगी।
कार्यक्रम में ऑनलाइन प्रबंधक अल्लामा बागजहां ने बताया कि इस साल हाफिजा नईमा हनीफ, मनतशा गय्यूर, तंजीम अहसान, आफरीन फरमान, सानिया इमरान, शमे युसूफ, आयशा, शहाबुद्दीन, शबाना, इमरान, निशा तूर, नाजशाह, शाजिया, शमे तसव्वुर, राहत और जैसमीन ने आमिला कोर्स पूरा किया। इसमें अतिया कौसर भोपाल प्रथम, आयशा बैंगलुरु द्वितीय और फिजा राजस्थानी तृतीय रहीं। सभी छात्राओं को शॉल पहनाकर और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। मौके पर मौलाना इब्राहीम कासमी, मौलाना जैनुद्दीन कासमी, मौलाना शकील कासमी, मुफ्ती उमर, मौलाना रफीउद्दीन, मौलाना गुफरान और अब्दुल रहमान सैफ मौजूद रहे।
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