Lucknow : नव निर्माण के नौ वर्ष - अवस्थापना और औद्योगिक विकास को रफ्तार, 27,103 करोड़ का प्रावधान, निवेश बढ़ाने पर जोर

उत्तर प्रदेश सरकार ने बजट में एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के समानांतर औद्योगिक विकास और पूंजी निवेश को प्रोत्साहित करने की रणनीति को और गति देते हुए औद्योगिक कॉरिडोर

Feb 11, 2026 - 23:25
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Lucknow : नव निर्माण के नौ वर्ष - अवस्थापना और औद्योगिक विकास को रफ्तार, 27,103 करोड़ का प्रावधान, निवेश बढ़ाने पर जोर
Lucknow : नव निर्माण के नौ वर्ष - अवस्थापना और औद्योगिक विकास को रफ्तार, 27,103 करोड़ का प्रावधान, निवेश बढ़ाने पर जोर

  • औद्योगिक विस्तार, एफडीआई आकर्षण और डिफेंस कॉरिडोर से रोजगार सृजन की दिशा में बड़ा कदम
  • मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र योजना को 5,000 करोड़, युवा सशक्तिकरण के लिए 2,374 करोड़ और अटल इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन को 2,000 करोड़ की व्यवस्था

लखनऊ। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में प्रदेश सरकार ने अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास को प्राथमिकता देते हुए 27,103 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की है। यह राशि वर्ष 2025-26 की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक है, जिससे स्पष्ट है कि सरकार औद्योगिक विस्तार, निवेश संवर्धन और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तारीकरण एवं नये औद्योगिक क्षेत्र प्रोत्साहन योजना के लिए 5,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस पहल का उद्देश्य नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना और मौजूदा क्षेत्रों के विस्तार के माध्यम से प्रदेश में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाना है। स्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तिकरण योजना के अंतर्गत युवाओं को टैबलेट और स्मार्ट फोन वितरण की प्रक्रिया जारी है। डिजिटल सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए इस योजना में 2,374 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

अटल इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत अवस्थापना विकास के लिए 2,000 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं, जिससे औद्योगिक गतिविधियों को आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। प्रदेश में विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए घोषित प्रोत्साहन नीति-2023 के क्रियान्वयन हेतु 1,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसका लक्ष्य फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (एफडीआई) और फॉर्च्यून-500 कंपनियों को प्रदेश में निवेश के लिए प्रेरित करना है।

डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर परियोजना भी तेजी से आगे बढ़ रही है। अब तक 200 रक्षा उद्योगों की स्थापना के लिए एमओयू हस्ताक्षरित किए जा चुके हैं। इनसे 35,280 करोड़ रुपये के निवेश और 53,263 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने का अनुमान है। बजट में किए गए इन प्रावधानों से स्पष्ट है कि सरकार औद्योगिक विकास और निवेश आकर्षण के जरिए प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई देने की दिशा में ठोस रणनीति पर कार्य कर रही है।

एक्सप्रेसवे नेटवर्क के सहारे औद्योगिक कॉरिडोर विस्तार को नई रफ्तार
उत्तर प्रदेश सरकार ने बजट में एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के समानांतर औद्योगिक विकास और पूंजी निवेश को प्रोत्साहित करने की रणनीति को और गति देते हुए औद्योगिक कॉरिडोर विकास के लिए चालू वित्तीय वर्ष का प्रावधान 300 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 900 करोड़ रुपये कर दिया है। आगरा-लखनऊ और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाले नए लिंक एक्सप्रेसवे हेतु 675 करोड़ रुपये के स्थान पर 1400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जबकि जेवर एयरपोर्ट से गंगा एक्सप्रेसवे वाया बुलंदशहर तक प्रवेश नियंत्रित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के लिए बजट 1000 करोड़ से बढ़ाकर 1100 करोड़ रुपये किया गया है। इसी क्रम में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से गंगा एक्सप्रेसवे (जनपद हरदोई वाया फर्रुखाबाद) तक प्रस्तावित ग्रीनफील्ड मार्ग के लिए 900 करोड़ से बढ़ाकर 1250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। गंगा एक्सप्रेसवे को प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी, चंदौली होते हुए सोनभद्र तक जोड़ने वाले विन्ध्य एक्सप्रेसवे के निर्माण तथा मेरठ से हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तारीकरण के लिए क्रमशः 500-500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त सोनभद्र से चंदौली और गाजीपुर होते हुए विन्ध्य एक्सप्रेसवे-पूर्वांचल लिंक स्पर के निर्माण हेतु भी 500 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। वहीं औद्योगिक परिदृश्य को हरित दिशा देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश बायो-प्लास्टिक औद्योगिक नीति 2024 के अंतर्गत निवेशकों को प्रोत्साहन देने के लिए 119.37 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। यह संपूर्ण ढांचा प्रदेश को एक्सप्रेसवे आधारित औद्योगिक अर्थव्यवस्था की ओर निर्णायक रूप से अग्रसर करने की रणनीति का संकेत देता है।

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