Lucknow: विकसित उत्तर प्रदेश की नींव: 2026-27 का जनकल्याणकारी बजट- उपमुख्यमंत्री
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री व नेता सदन विधान परिषद केशव प्रसाद मौर्य ने विधान परिषद में उत्तर प्रदेश के 2026-27 के बजट
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री व नेता सदन विधान परिषद केशव प्रसाद मौर्य ने विधान परिषद में उत्तर प्रदेश के 2026-27 के बजट प्रावधानों को प्रस्तुत करते हुए कहा कि यह बजट विकसित भारत की संकल्पनाओं को समर्पित बजट है। जन आकांक्षाओं को पूरा करने वाला बजट है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रधानमंत्री के विकसित भारत के विजन को पूरा करने वाला बजट है। इसमें नारीशक्ति, किसानो, युवाओं और समाज के सभी वर्गों का खयाल रखा गया है। इस बजट से उत्तर प्रदेश का समग्र व संतुलित विकास होगा तथा उत्तर प्रदेश खुशहाली के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ेगा। कहा कि केंद्र सरकार के कर्तव्य आधारित आधारित ढांचे को अंगीकृत करते हुए प्रदेश में निरंतर व संतुलित विकास सुनिश्चित करने के मुख्य उद्देश्यों को पूरा करने के लिए बजट में धनराशि का प्राविधान किया गया है। बजट में महिला सशक्तिकरण, संतुलित व समावेशी विकास,जन आकांक्षाओं को मूर्त रूप देने व बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए धनराशि की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है।
उप मुख्यमन्त्री द्वारा बजट में किसानो, महिला सशक्तिकरण, युवाओं, रोजगार, श्रमिक कल्याण, कानून व्यवस्था, चिकित्सा शिक्षा, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, औद्योगिक विकास, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, सड़क एवं सेतु, सिंचाई एवं जल संसाधन, ग्रामीण जलापूर्ति,आवास एवं शहरी नियोजन, ऊर्जा,नगर विकास, धर्मार्थ कार्य, संस्कृति, पर्यटन, नियोजन, ग्राम्य विकास,पंचायती राज, कृषि, कृषि विपणन एवं विदेश व्यापार, उद्यान, खाद्य प्रसंस्करण, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग,विकास, पशुधन, मत्स्य, सहकारिता, बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, प्राविधिक शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास, खेल एवं युवा कल्याण,वन एवं पर्यावरण महिला एवं बाल विकास,श्रम, समाज कल्याण पिछड़ा वर्ग कल्याण, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, राजस्व, परिवहन,आदि क्षेत्रों में वर्ष 2026- 27 में प्रस्तावित बजट व्यवस्था को विधान परिषद मे प्रस्तुत किया गया
श्री मौर्य ने कहा कि प्रदेश का सर्वांगीण विकास हो रहा है।अवस्थापना सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। बड़े पैमाने पर निवेश हो रहा है। महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा मे ठोस कदम उठाये गये है।युवाओं को रोजगार देने , किसानों व आम जनता की खुशहाली के लिये संतुलित बजट है।
प्रस्तुत बजट 2026-27 में ग्राम्य विकास विभाग के माध्यम से गाँवों के समग्र विकास, रोजगार सृजन और आवास सुनिश्चित करने की दिशा में धनराशि का प्राविधान किया गया है।प्रस्तुत बजट में ग्राम्य विकास विभाग की योजनाओं के लिए 25,550 करोड़ रुपये का प्रस्तावित प्रावधान किया गया है। यह आवंटन ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे, रोजगार, आवास और आजीविका सृजन को नई गति प्रदान करेगा तथा 'विकसित भारत@2047' के संकल्प को उत्तर प्रदेश से साकार करने की दिशा में ठोस कदम साबित होगा।मनरेगा तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए क्रमशः 5,544 करोड़ रुपये एवं 4580 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है,इन दोनों योजनाओं का संचालन विकसित भारत ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका मिशन गारंटी योजना के रूप में संचालित होगी,इससे ग्रामीण क्षेत्रों में लाखों परिवारों को मजदूरी आधारित रोजगार मिलेगा तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान होगी व स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं की आजीविका, कौशल विकास और उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा।प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण (PMAY-G) के लिए 6,102 करोड़ रुपये का बजट मे प्राविधान किया गया है,इससे प्रदेश के गरीब परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने का लक्ष्य तेजी से पूरा होगा। बताया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण के अंतर्गत 2016-17 से लेकर 2025 -26 तक 36 लाख 56 हजार आवास निर्माण लक्ष्य के सापेक्ष 36 लाख 37 हजार आवास पूर्ण हो गए हैं, शेष निर्माणाधीन है। मुख्यमंत्री आवास योजना -ग्रामीण के अंतर्गत 2018-19 से लेकर 2025- 26 तक कुल 4 लाख 61 हजार आवास निर्माण लक्ष्य के सापेक्ष 3 लाख 67 हजार आवास पूर्ण कर लिए गए हैं।प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) हेतु 822 करोड़ रुपये का प्राविधान बजट मे किया गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सड़क संपर्क बढ़ेगा, जिससे आवागमन, बाजार पहुंच और विकास की गति में सुधार आएगा।
खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों में निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अनेक कार्यक्रम उद्योग क्षेत्र में सम्मिलित हैं।खाद्य प्रसंस्करण उद्योग लगाने हेतु सुनियोजित विकास के कार्यक्रम आरंभ कर उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति -2023 लागू की गई है,जो कृषकों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य दिलाने,रोजगार एवं मूल संवर्धन में सहायक सिद्ध हो रही है। भारत सरकार के सहयोग से खाद्य प्रसंस्करण सेक्टर के अंतर्गत असंगठित क्षेत्र की इकाइयों को पूंजीगत अनुदान देकर लाभान्वित किए जाने के कार्यक्रम भी प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के अंतर्गत चल रहे हैं।प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना हेतु 478 करोड रुपए की व्यवस्था बजट में प्रस्तावित की गई है तथा उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति- 2023 के क्रियान्वयन हेतु 300 करोड रुपए की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार का स्पष्ट लक्ष्य विकास की गति को और अधिक तीव्र करना, प्रशासनिक पारदर्शिता को सुदृढ़ बनाना तथा प्रदेश को “विकसित भारत” की परिकल्पना के अनुरूप अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करना है और इसके लिए बजट मे सभी सेक्टर्स मे समुचित प्राविधान किया गया है।कहा कि सुशासन, संवैधानिक मूल्यों और जनभागीदारी के समन्वित प्रयासों से उत्तर प्रदेश आने वाले समय में न केवल राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगा, बल्कि समावेशी, संतुलित और टिकाऊ विकास के प्रभावी मॉडल के रूप में देशभर में अपनी विशिष्ट और प्रेरक पहचान भी स्थापित करेगा।उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि यह बजट उत्तर प्रदेश के हर गरीब, महिला, युवा और किसानो के उत्थान के लिए समर्पित है। विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण जनता के जीवन स्तर में अभूतपूर्व सुधार आयेगा,तथा उत्तरप्रदेश का सर्वसमावेशी विकास होगा।
गरीब, गांव, किसान और महिला सशक्तिकरण को केंद्र में रखकर बजट बनाया गया है।सर्वस्पर्शी, सर्वसमावेशी और आत्मनिर्भर भारत की नींव रखने वाला बजट है। इसमे युवा सशक्तिकरण, रोजगार सृजन और कौशल विकास पर विशेष फोकस किया गया है।शिक्षा और स्वास्थ्य ढांचे के सुदृढ़ीकरण के लिए ठोस प्रावधान किया गया है।इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देकर आर्थिक विकास को गति मिलेगी।पर्यटन, धार्मिक स्थलों और टूरिज्म सेक्टर से रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे।
महिला सशक्तिकरण के लिए विशेष योजनाएं बनायी गयी हैं।नारी शक्ति का सशक्त प्रतिबिंब बजट मे परिलक्षित हो रहा है।ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि विकास और किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया गया है।आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नवाचार को भी बढ़ावा मिलेगा।प्रदेश की अर्थव्यवस्था और मजबूत होगी खेल, युवा प्रतिभाओं और स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए नए अवसर के द्वार खोले जा रहे हैं।
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