Sambhal : 'धर्म की राजनीति से देश का विकास नहीं', वंदे मातरम और बाबरी पर बयानबाज़ी पर रशीक अनवर का तीखा हमला
रशीक अनवर ने कहा कि हिंदुस्तान का संविधान हर नागरिक को अपने-अपने मज़हब पर अमल करने की पूरी आज़ादी देता है। वंदे मातरम को लेकर उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी को भी इसे गाने के लि
Report : उवैस दानिश, सम्भल
केंद्र सरकार की ओर से सरकारी कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ गायन को अनिवार्य किए जाने की एडवाइज़री और बाराबंकी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान को लेकर सियासत तेज़ हो गई है। इन मुद्दों पर रशीक अनवर ने कड़ा ऐतराज़ जताते हुए इसे धर्म और वोट बैंक की राजनीति करार दिया।
रशीक अनवर ने कहा कि हिंदुस्तान का संविधान हर नागरिक को अपने-अपने मज़हब पर अमल करने की पूरी आज़ादी देता है। वंदे मातरम को लेकर उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी को भी इसे गाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। मुसलमान अपनी मातृभूमि को ‘मादरे-वतन’ मानते हैं और उसे दिल से सलाम करते हैं, इससे बड़ा देशप्रेम और क्या हो सकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बाबरी मस्जिद को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए रशीक अनवर ने कहा कि जन्नत, जहन्नुम, स्वर्ग और नर्क जैसी बातें एक मुख्यमंत्री को शोभा नहीं देतीं।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मुसलमानों ने दिल से स्वीकार किया है, फिर इस मुद्दे पर बार-बार धार्मिक शब्दावली का इस्तेमाल केवल राजनीति को दर्शाता है। हुमायूं कबीर द्वारा बनाई जा रही बाबरी को लेकर रशीक अनवर ने कहा कि बाबरी मस्जिद के नाम को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तानी मुसलमान किसी बाबर या खिलजी को अपना वंशज नहीं मानते, हम हिंदुस्तानी हैं। इतिहास में मुगल वंश का योगदान अपनी जगह है, जिसे नकारा नहीं जा सकता। रशीक अनवर ने कहा कि जब देश का लक्ष्य 2047 तक विकसित भारत और सुपरपावर बनने का है, तब इस तरह के बयान देश को आगे नहीं, पीछे ले जाने का काम करते हैं। उन्होंने सभी से अपील की कि धर्म की राजनीति छोड़कर विकास और एकता पर ध्यान दिया जाए।
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