Hardoi : रेलवे स्टेशन पर भिक्षावृत्ति करते मिले तीन बच्चे रेस्क्यू, बाल कल्याण समिति ने माता-पिता को दी हिदायत
जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार निगम ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि रेस्क्यू किए गए बच्चों के माता-पिता जिला बाल संरक्षण दफ्तर पहुंचे। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे जालौन जिले के आटा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आटा गांव के निवासी हैं।
Report : संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर
हरदोई में बच्चों से भीख मंगवाने की सामाजिक बुराई को खत्म करने के लिए जिलाधिकारी के आदेश पर जिला बाल संरक्षण इकाई, एएचटीयू और चाइल्ड हेल्पलाइन की संयुक्त टीम ने एक बड़ा जांच अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान टीम को हरदोई रेलवे स्टेशन पर तीन बच्चे भीख मांगते हुए मिले। इन बच्चों की उम्र लगभग छह साल, आठ साल और दस साल है। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तीनों बच्चों को वहां से सुरक्षित निकाला और बाल कल्याण समिति हरदोई के सामने पेश किया। इस अभियान में संरक्षण अधिकारी शैलेन्द्र पाठक, रामू यादव, कंचन गुप्ता, बिरेन्द्र शुक्ला सहित पुलिस बल और महिला आरक्षियों की मुख्य भूमिका रही।
जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार निगम ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि रेस्क्यू किए गए बच्चों के माता-पिता जिला बाल संरक्षण दफ्तर पहुंचे। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे जालौन जिले के आटा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आटा गांव के निवासी हैं। बच्चों की स्थिति और परिवार की पृष्ठभूमि को देखते हुए बाल कल्याण समिति हरदोई ने जालौन के जिला प्रोबेशन अधिकारी को जरूरी निर्देश जारी किए हैं। समिति ने कहा है कि इन बच्चों को उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) का फायदा दिलाया जाए और उनकी सुरक्षा व देखभाल की लगातार निगरानी की जाए।
इसके साथ ही बाल कल्याण समिति ने बच्चों के माता-पिता की काउंसिलिंग की और उन्हें सख्त हिदायत दी कि वे बच्चों से भीख मंगवाने का काम तुरंत बंद करें। अधिकारियों ने उन्हें समझाया कि बच्चों से भीख मंगवाना एक गंभीर कानूनी अपराध है। माता-पिता को प्रेरित किया गया कि वे बच्चों के हाथ में कटोरा देने के बजाय उनका दाखिला स्कूल में कराएं ताकि वे पढ़-लिखकर अपना भविष्य बेहतर बना सकें।
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