भारतीय बल्लेबाज रिंकू सिंह ने परिवार की इमरजेंसी में छोड़ा T20 विश्व कप कैंप।

T20 विश्व कप 2026 में भारतीय टीम के मध्यक्रम बल्लेबाज रिंकू सिंह ने परिवार में आई गंभीर इमरजेंसी के कारण टीम का कैंप छोड़ दिया

Feb 25, 2026 - 15:19
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भारतीय बल्लेबाज रिंकू सिंह ने परिवार की इमरजेंसी में छोड़ा T20 विश्व कप कैंप।
भारतीय बल्लेबाज रिंकू सिंह ने परिवार की इमरजेंसी में छोड़ा T20 विश्व कप कैंप।
  • पिता की गंभीर तबीयत, स्टेज-4 लिवर कैंसर से जूझ रहे खानचंद सिंह वेंटिलेटर पर
  • ग्रेटर नोएडा अस्पताल में भर्ती, रिंकू तुरंत घर लौटे, जिम्बाब्वे मैच पर संकट

T20 विश्व कप 2026 में भारतीय टीम के मध्यक्रम बल्लेबाज रिंकू सिंह ने परिवार में आई गंभीर इमरजेंसी के कारण टीम का कैंप छोड़ दिया है। रिंकू सिंह चेन्नई में टीम के साथ सुपर 8 चरण की तैयारी कर रहे थे, लेकिन मंगलवार 24 फरवरी 2026 की सुबह अचानक घर लौट गए। सूत्रों के अनुसार उनके पिता खानचंद सिंह की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें ग्रेटर नोएडा के एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। खानचंद सिंह पिछले एक साल से स्टेज-4 लिवर कैंसर से जूझ रहे हैं और हाल ही में उनकी स्थिति बहुत गंभीर हो गई है। वर्तमान में वे वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं और डॉक्टर उनकी हालत पर लगातार नजर रखे हुए हैं। रिंकू सिंह ने बीसीसीआई से अनुमति लेकर तुरंत परिवार के पास पहुंच गए ताकि इस मुश्किल समय में अपने पिता के साथ रह सकें। यह फैसला रिंकू के लिए बेहद कठिन रहा होगा, क्योंकि विश्व कप में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण थी और टीम को जिम्बाब्वे के खिलाफ 26 फरवरी को निर्णायक मैच खेलना है।

रिंकू सिंह की यह अनुपस्थिति भारतीय टीम के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है, क्योंकि वे सुपर 8 में फिनिशर की भूमिका निभा रहे थे। टीम मंगलवार को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में नेट सेशन कर रही थी, लेकिन रिंकू इसमें शामिल नहीं हुए। बीसीसीआई सूत्रों ने पुष्टि की कि रिंकू फैमिली इमरजेंसी के कारण चेन्नई से उड़ान भरकर घर लौट गए हैं। पिता की गंभीर स्थिति को देखते हुए टीम मैनेजमेंट ने उन्हें तुरंत जाने की अनुमति दी। रिंकू सिंह उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा से हैं और उनके परिवार के लिए यह समय बेहद भावुक है। खानचंद सिंह ने रिंकू की क्रिकेट यात्रा में हमेशा साथ दिया है और अब रिंकू खुद उनके साथ खड़े हैं। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम लगातार इलाज कर रही है, लेकिन स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है। रिंकू ने टीम को सूचित किया कि वे जल्द से जल्द वापस लौटने की कोशिश करेंगे, लेकिन परिवार की प्राथमिकता सबसे ऊपर है।

खानचंद सिंह की बीमारी पिछले एक साल से चल रही है, जहां स्टेज-4 लिवर कैंसर का इलाज चल रहा था। हाल के दिनों में उनकी तबीयत में तेजी से गिरावट आई, जिसके बाद उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया। ग्रेटर नोएडा के अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर उनकी स्थिति पर नजर रख रहे हैं और परिवार को हर अपडेट दे रहे हैं। रिंकू सिंह के परिवार में यह पहला ऐसा संकट है, जहां रिंकू को क्रिकेट से दूर रहना पड़ा। रिंकू ने हाल ही में टीम इंडिया में अपनी जगह मजबूत की थी और T20 विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन किया था। उनकी अनुपस्थिति से टीम को फिनिशिंग में चुनौती मिल सकती है। बीसीसीआई ने रिंकू के फैसले का सम्मान किया है और कहा है कि परिवार की सेहत सबसे महत्वपूर्ण है। रिंकू के साथी खिलाड़ी और कोचिंग स्टाफ ने भी उनके परिवार के लिए शुभकामनाएं दी हैं।

यह घटना रिंकू सिंह की जिंदगी के दो सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं - परिवार और क्रिकेट - के बीच संतुलन को दर्शाती है। रिंकू हमेशा से परिवार के प्रति बहुत समर्पित रहे हैं और उनकी सफलता में पिता का बड़ा योगदान रहा है। खानचंद सिंह ने रिंकू को क्रिकेट खेलने के लिए प्रोत्साहित किया और उनकी मेहनत देखी। अब जब पिता की सेहत खतरे में है, रिंकू ने बिना सोचे-समझे परिवार को चुना। टीम इंडिया का अगला मैच जिम्बाब्वे के खिलाफ 26 फरवरी को है, और रिंकू के लौटने की संभावना कम दिख रही है। अगर वे नहीं लौट पाए तो संजू सैमसन या अन्य बैकअप खिलाड़ी को मौका मिल सकता है। बीसीसीआई ने कहा है कि रिंकू की वापसी की स्थिति उनकी पिता की सेहत पर निर्भर करेगी।

रिंकू सिंह की यह अनुपस्थिति भारतीय क्रिकेट में भावनात्मक क्षण है, जहां खिलाड़ी को परिवार और करियर के बीच चुनाव करना पड़ता है। रिंकू ने T20 विश्व कप में अपनी उपयोगिता साबित की थी, लेकिन परिवार की इमरजेंसी ने उन्हें घर बुला लिया। अस्पताल में खानचंद सिंह की हालत पर डॉक्टरों की टीम काम कर रही है और परिवार प्रार्थना कर रहा है। रिंकू ने टीम को सूचित किया कि वे पिता की स्थिति स्थिर होने पर वापस लौटेंगे। यह फैसला रिंकू की इंसानियत और परिवार के प्रति जिम्मेदारी को दिखाता है। टीम मैनेजमेंट ने उन्हें पूरा सपोर्ट दिया है और कहा है कि रिंकू की जगह पर कोई और खिलाड़ी तैयार है।

यह घटना क्रिकेट जगत में खिलाड़ियों की निजी जिंदगी के महत्व को याद दिलाती है। रिंकू सिंह जैसे युवा स्टार के लिए विश्व कप बड़ा मंच था, लेकिन पिता की सेहत ने सब कुछ बदल दिया। ग्रेटर नोएडा अस्पताल में डॉक्टर लगातार प्रयास कर रहे हैं और परिवार को उम्मीद है कि खानचंद सिंह जल्द ठीक होंगे। रिंकू अब परिवार के साथ हैं और पिता के इलाज में सहयोग कर रहे हैं। टीम इंडिया को इस मुश्किल समय में एकजुट रहना होगा और रिंकू के लिए प्रार्थना करनी होगी।

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