जेमिमा के शतक से चमकी भारतीय महिला टीम, ऑस्ट्रेलिया को हराकर वर्ल्ड कप फाइनल में प्रवेश।
नवी मुंबई के डी वाई पाटिल स्टेडियम में गुरुवार रात क्रिकेट इतिहास का एक नया पन्ना लिखा गया। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने सात बार की विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को पांच विकेट
नवी मुंबई के डी वाई पाटिल स्टेडियम में गुरुवार रात क्रिकेट इतिहास का एक नया पन्ना लिखा गया। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने सात बार की विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को पांच विकेट से हराकर आईसीसी महिला वनडे विश्व कप 2025 के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। यह जीत न केवल रिकॉर्ड तोड़ने वाली थी, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक मील का पत्थर साबित हुई। ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 49.5 ओवर में 338 रन बनाए, जो महिला विश्व कप के नॉकआउट मुकाबलों में दूसरा सबसे बड़ा स्कोर था। लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने धैर्य और आक्रमकता का शानदार मिश्रण दिखाते हुए 48.3 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया। जेमिमा रोड्रिग्स की नाबाद 127 रनों की ऐतिहासिक पारी और कप्तान हरमनप्रीत कौर के 89 रनों ने इस चेज को यादगार बना दिया। अमनजोत कौर ने अंतिम ओवर की तीसरी गेंद पर चौका जड़कर भारत को जीत की मंजिल तक पहुंचाया। मैदान पर दर्शकों का समुद्र उफान पर था, और खिलाड़ियों की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े।
मैच की शुरुआत ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में लग रही थी। कप्तान एलिसा हीली ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी, जो बाद में एक बड़ा फैसला साबित हुई। ऑस्ट्रेलियाई सलामी बल्लेबाज फीबे लिचफील्ड ने धमाकेदार शुरुआत की। मात्र 22 साल की इस युवा खिलाड़ी ने 93 गेंदों पर 119 रनों की सेंचुरी ठोकी, जिसमें 12 चौके और चार छक्के शामिल थे। उनकी पारी ने ऑस्ट्रेलिया को मजबूत आधार दिया। लिचफील्ड के साथ एलिसे पेरी ने 77 रनों की पारी खेली, जो मध्यक्रम में महत्वपूर्ण साबित हुई। पेरी ने अपनी अनुभवी बल्लेबाजी से भारतीय गेंदबाजों को परेशान किया। फिर एश्ले गार्डनर ने निचले क्रम में 45 गेंदों पर 63 रनों की तेजतर्रार पारी खेली, जिसमें छह चौके और तीन छक्के लगाए। गार्डनर की आक्रामकता ने ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 338 तक पहुंचाया।
भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत में संघर्ष किया। स्मृति मंधाना और शफाली वर्मा ने सलामी जोड़ी के रूप में अच्छी शुरुआत की, लेकिन जल्दी विकेट गिरने से दबाव बढ़ गया। हरलीन देओल को जल्दी आउट कर दिया गया, और फिर स्मृति मंधाना भी 20 रनों पर लौट गईं। डी वाई पाटिल स्टेडियम में सन्नाटा छा गया। लेकिन तभी मैदान पर उतरीं जेमिमा रोड्रिग्स। नंबर तीन पर बल्लेबाजी करने वाली जेमिमा ने अपनी शांत और सधी हुई बल्लेबाजी से मैच का रुख मोड़ दिया। उन्होंने 134 गेंदों का सामना किया और 127 रन बनाए, जिसमें 11 चौके और दो छक्के शामिल थे। यह उनकी पहली विश्व कप सेंचुरी थी, जो दबाव के इस मुकाबले में और भी खास हो गई। जेमिमा ने कहा, यह पारी मेरे लिए सपनों जैसी है। टीम ने मेरा पूरा साथ दिया।
कप्तान हरमनप्रीत कौर ने जेमिमा के साथ 143 रनों की शानदार साझेदारी की। हरमनप्रीत ने 88 गेंदों पर 89 रन बनाए, जिसमें आठ चौके और दो छक्के थे। उनकी पारी में आक्रमकता और संयम का बेहतरीन संतुलन था। हरमनप्रीत ने मध्य ओवरों में रन गति बनाए रखी और गेंदबाजों पर दबाव डाला। जब हरमनप्रीत आउट हुईं, तो भारत को अभी 121 रन चाहिए थे, लेकिन सिर्फ 16 ओवर बचे थे। यहां डीप्ति शर्मा और ऋचा घोष ने छोटी लेकिन उपयोगी पारियां खेलीं। ऋचा ने 20 गेंदों पर 25 रन बनाए, जिसमें एक छक्का भी शामिल था। अमनजोत कौर ने अंत में नर्व्स ऑफ स्टील दिखाए। 48.3 ओवर में एश्ले किंग की गेंद पर चौका जड़ते ही भारत ने 341 रन बनाकर मैच जीत लिया। यह महिला वनडे क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा सफल चेज था।
यह जीत भारतीय टीम के लिए कई कारणों से खास है। ऑस्ट्रेलिया ने महिला क्रिकेट में लंबे समय से दबदबा बनाए रखा था। वे ओडीआई विश्व कप में सात बार और टी20 विश्व कप में छह बार चैंपियन रह चुके थे। पिछले आठ वर्षों में विश्व कप नॉकआउट में उनकी 15 मैचों की जीत की स्ट्रीक टूट गई। भारत ने 2017 के बाद दूसरी बार सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराया। यह भारत का तीसरा विश्व कप फाइनल होगा, 2005 और 2017 के बाद। फाइनल 2 नवंबर को फिर इसी स्टेडियम में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होगा। दक्षिण अफ्रीका ने पहला सेमीफाइनल इंग्लैंड को हराकर फाइनल में जगह बनाई। इस फाइनल में नया चैंपियन उभरेगा, क्योंकि न भारत ने न ही दक्षिण अफ्रीका ने अब तक विश्व कप जीता है।
मैच के दौरान स्टेडियम में 34 हजार से अधिक दर्शक मौजूद थे। बॉलीवुड अभिनेत्री करीना कपूर खान भी टीम के साथ फोटो खिंचवाने पहुंचीं। खिलाड़ियों ने काले आर्मबैंड पहने, जो ऑस्ट्रेलियाई युवा क्रिकेटर बेन ऑस्टिन को श्रद्धांजलि थी, जो मैच के दिन मैदान पर ही चल बसे थे। जेमिमा और हरमनप्रीत की आंखों से जीत के बाद आंसू बह निकले। हरमनप्रीत ने कहा, यह जीत पूरी टीम की मेहनत का नतीजा है। हमें फाइनल में भी यही जज्बा दिखाना है। जेमिमा ने अपनी सेंचुरी पर टीम को समर्पित की।
पूर्व कप्तान विराट कोहली ने सोशल मीडिया पर जीत की तारीफ की। उन्होंने लिखा, ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम पर शानदार जीत। जेमिमा का प्रदर्शन लाजवाब। यह हिम्मत और जुनून का उदाहरण है। सूर्यकुमार यादव, रोहित शर्मा और सचिन तेंदुलकर जैसे दिग्गजों ने भी बधाई संदेश दिए। सूर्यकुमार ने कहा, लड़कियों ने कमाल कर दिया। रोहित ने लिखा, गर्व से सीना चौड़ा। पूरे देश में जश्न का माहौल है। स्कूलों, कॉलेजों और घरों में लोग टीवी पर चिपके रहे। यह जीत महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बनी।
भारतीय टीम की यात्रा आसान नहीं थी। लीग स्टेज में उन्होंने मजबूत प्रदर्शन किया, लेकिन सेमीफाइनल का दबाव अलग था। कोचिंग स्टाफ ने बल्लेबाजी पर फोकस किया। गेंदबाजी में अरुंधति रेड्डी और स्नेह राणा ने महत्वपूर्ण विकेट लिए। राणा ने दो विकेट चटकाए। फील्डिंग में शफाली और डीप्ति ने शानदार डाइविंग कैच लपके। ऑस्ट्रेलिया की ओर से किम गर्थ और एलिसा हीली ने अच्छी गेंदबाजी की, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने उन्हें नाकाम कर दिया।
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